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'क्या यही है कांग्रेस की आधिकारिक नीति?': सोज के बयान पर गरमाई सियासत, भाजपा ने राहुल गांधी से मांगा सीधा जवाब
Wed, 15 Jul 2026 11:37 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:37 PM IST
सार
कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज द्वारा जम्मू-कश्मीर में धारा 370 और आंतरिक स्वायत्तता की बहाली की मांग के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इसे भारत की अखंडता पर हमला बताते हुए राहुल गांधी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है, जबकि राज्य में पूर्ण दर्जे को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी कर रही है।
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सुधांशु त्रिवेदी, भाजपा सांसद
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज के एक बयान ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए सीधे राहुल गांधी से जवाब मांगा है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस आलाकमान पर तीखे बाण चलाए हैं। त्रिवेदी ने पूछा है कि क्या सोज का यह बयान कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक नीति को दर्शाता है?
क्या सोज के बयान से कांग्रेस को घेर रही भाजपा?
यह पूरा विवाद सैफुद्दीन सोज के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) सरकार से राज्य के दर्जे के साथ-साथ धारा 370 की बहाली की मांग को भी उठाने के लिए कहा था। सोज ने तर्क दिया था कि विभाजन के समय एक मुस्लिम बहुल राज्य ने हिंदू बहुल भारत में शामिल होने का फैसला किया था। यह फैसला सही था, लेकिन यह हमारी अपनी शर्तों पर होना चाहिए था। उन्होंने आंतरिक स्वायत्तता की वकालत की। भाजपा ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। सुधांशु त्रिवेदी ने सोज के इस बयान को कायरतापूर्ण और भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाला करार दिया है।
शुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?
शुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी हमेशा की तरह एक संदिग्ध और चर्चित विदेशी दौरे से अभी-अभी भारत लौटे हैं। हर कोई सोच रहा था कि भारत की पवित्र धरती पर कदम रखते ही उनका कोई गैर-भारतीय या राष्ट्र-विरोधी बयान क्यों नहीं आया? अब कांग्रेस पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और जम्मू कश्मीर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज का एक कायराना बयान सामने आया है।
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यह भी पढ़ें: 'इंदौर साफ हो सकता है तो मुंबई क्यों नहीं?: ' BMC पर हाईकोर्ट सख्त; मोशी हादसे का क्यों किया जिक्र?
इस विवाद के पांच सबसे मुख्य बिंदु
क्या नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रदर्शन होगा कामयाब?
यह सियासी घमासान ऐसे समय में हो रहा है जब नेशनल कॉन्फ्रेंस राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। फारूक अब्दुल्ला ने इस प्रदर्शन में सभी विपक्षी दलों को आमंत्रित किया है। हालांकि, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया है कि प्रशासन इस प्रदर्शन को रोकने और बाधित करने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का समर्थन तो किया है, लेकिन सोज के धारा 370 वाले बयान पर कांग्रेस की चुप्पी से सस्पेंस गहरा गया है। त्रिवेदी ने चेतावनी दी है कि अगर राहुल गांधी, सोनिया गांधी या मल्लिकार्जुन खड़गे इस पर चुप्पी नहीं तोड़ते हैं, तो इसे कांग्रेस की मौन सहमति माना जाएगा।
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क्या सोज के बयान से कांग्रेस को घेर रही भाजपा?
यह पूरा विवाद सैफुद्दीन सोज के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) सरकार से राज्य के दर्जे के साथ-साथ धारा 370 की बहाली की मांग को भी उठाने के लिए कहा था। सोज ने तर्क दिया था कि विभाजन के समय एक मुस्लिम बहुल राज्य ने हिंदू बहुल भारत में शामिल होने का फैसला किया था। यह फैसला सही था, लेकिन यह हमारी अपनी शर्तों पर होना चाहिए था। उन्होंने आंतरिक स्वायत्तता की वकालत की। भाजपा ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। सुधांशु त्रिवेदी ने सोज के इस बयान को कायरतापूर्ण और भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाला करार दिया है।
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शुधांशु त्रिवेदी ने क्या कहा?
शुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी हमेशा की तरह एक संदिग्ध और चर्चित विदेशी दौरे से अभी-अभी भारत लौटे हैं। हर कोई सोच रहा था कि भारत की पवित्र धरती पर कदम रखते ही उनका कोई गैर-भारतीय या राष्ट्र-विरोधी बयान क्यों नहीं आया? अब कांग्रेस पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और जम्मू कश्मीर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज का एक कायराना बयान सामने आया है।
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इस विवाद के पांच सबसे मुख्य बिंदु
- सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी विदेश दौरे से लौटते ही इस पर चुप क्यों हैं।
- भाजपा का आरोप है कि सोज आंतरिक स्वायत्तता के नाम पर कश्मीर की अलग संप्रभुता मांग रहे हैं।
- त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि सोज ने पहले अपनी किताब में 'मुशर्रफ प्लान' का जिक्र कर कश्मीर को भारत से अलग करने तक की बात कही थी।
- सोज ने कहा कि विभाजन के समय जो मुस्लिम आबादी आठ करोड़ थी, वह अब 23 करोड़ हो चुकी है, इसलिए फैसला अपनी शर्तों पर होना चाहिए।
- त्रिवेदी ने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की नीति केवल 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की है।
क्या नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रदर्शन होगा कामयाब?
यह सियासी घमासान ऐसे समय में हो रहा है जब नेशनल कॉन्फ्रेंस राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। फारूक अब्दुल्ला ने इस प्रदर्शन में सभी विपक्षी दलों को आमंत्रित किया है। हालांकि, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया है कि प्रशासन इस प्रदर्शन को रोकने और बाधित करने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का समर्थन तो किया है, लेकिन सोज के धारा 370 वाले बयान पर कांग्रेस की चुप्पी से सस्पेंस गहरा गया है। त्रिवेदी ने चेतावनी दी है कि अगर राहुल गांधी, सोनिया गांधी या मल्लिकार्जुन खड़गे इस पर चुप्पी नहीं तोड़ते हैं, तो इसे कांग्रेस की मौन सहमति माना जाएगा।