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पोंडा उपचुनाव: बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग की अधिसूचना को अमान्य घोषित किया, कल होना था मतदान
पीटीआई, मुंबई
Published by: Rahul Kumar
Updated Wed, 08 Apr 2026 06:10 PM IST
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सार
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए पोंडा विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग की अधिसूचना को अमान्य घोषित कर दिया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट।
- फोटो : ANI
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विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसले में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा पोंडा विधानसभा उपचुनाव के लिए जारी अधिसूचना को अवैध करार देते हुए 9 अप्रैल को होने वाला चुनाव रद्द कर दिया। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट जाने का एलान किया है। जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जमसांडेकर की खंडपीठ ने यह आदेश दो मतदाताओं की याचिकाओं पर दिया।
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अदालत ने माना कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत विधानसभा का कार्यकाल एक वर्ष से कम बचा हो तो उपचुनाव कराना अनिवार्य नहीं है। ऐसे में चुना गया विधायक भी सिर्फ कुछ महीनों के लिए ही पद पर रहता। दरअसल, यह सीट पूर्व गोवा मंत्री रवि नाइक के पिछले साल अक्टूबर में निधन के बाद खाली हुई थी। चुनाव आयोग ने इस सीट पर 9 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना की घोषणा की थी। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में दलील दी कि नए विधायक का कार्यकाल कुछ महीनों का होगा, जो तर्कसंगत नहीं है। इस फैसले के बाद अब 9 अप्रैल को होने वाला मतदान निरस्त हो गया है।
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उधर, कांग्रेस के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य गिरीश चोडणकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका के जरिए चुनौती देगी। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का विस्तृत आदेश अभी वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुआ है, इसलिए तुरंत अपील दाखिल नहीं की जा सकी।
चोडणकर ने सत्तारूढ़ भाजपा पर आरोप लगाया कि संभावित हार के डर से उसने चुनाव आयोग के साथ मिलकर उपचुनाव रद्द करवाने की साजिश रची। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग ने रवि नाइक के निधन के करीब पांच महीने बाद चुनाव की घोषणा की, जो अपने आप में सवाल खड़े करता है। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा या चुनाव आयोग की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।