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शुभेंदु अधिकारी को कलकत्ता HC से बड़ी राहत: उम्मीदवारी रद्द करने वाली याचिका खारिज; ममता के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कलकत्ता
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Mon, 27 Apr 2026 06:06 PM IST
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सार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी का मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से है।
कलकत्ता हाई कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
Calcutta High Court: कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से उनकी उम्मीदवारी के खिलाफ दायर की गई थी। इस सीट पर मतदान दूसरे चरण में 29 अप्रैल को होना तय है।
शुभेंदु अधिकारी इस निर्वाचन क्षेत्र में मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि अधिकारी की उम्मीदवारी रद्द की जाए। याचिका में आरोप लगाया गया था कि अधिकारी ने कुछ ऐसी टिप्पणियां की हैं जो देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे के खिलाफ हैं।
कोर्ट की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अदालत के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि संविधान के किस प्रावधान के तहत उम्मीदवारी रद्द की जानी चाहिए। याचिकाकर्ता इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।
कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करने से इनकार करते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया। शुभेंदु अधिकारी के वकील बिल्वदल भट्टाचार्य ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि यह याचिका पूरी तरह से राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दायर की गई थी।
अधिकारी के वकील बिल्वदल भट्टाचार्य ने कहा, 'यह याचिका भवानीपुर से शुभेंदु अधिकारी की उम्मीदवारी को प्रभावित करने के राजनीतिक इरादे से पेश की गई थी।'
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था। दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। राज्य में चुनाव के नतीजों की घोषणा और चुनाव की मतगणना 4 मई को की जाएगी। चुनाव आयोग और प्रशासन ने मतदान को लेकर पूरी तैयारियां कर ली हैं।
यह भी पढ़ें: TMC सांसद मिताली बाग की कार पर हमला: भाजपा पर लाठी-डंडे चलाने और गुंडागर्दी का आरोप, सांसद-ड्राइवर को आई चोट
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शुभेंदु अधिकारी इस निर्वाचन क्षेत्र में मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि अधिकारी की उम्मीदवारी रद्द की जाए। याचिका में आरोप लगाया गया था कि अधिकारी ने कुछ ऐसी टिप्पणियां की हैं जो देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे के खिलाफ हैं।
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कोर्ट की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अदालत के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि संविधान के किस प्रावधान के तहत उम्मीदवारी रद्द की जानी चाहिए। याचिकाकर्ता इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।
कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करने से इनकार करते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया। शुभेंदु अधिकारी के वकील बिल्वदल भट्टाचार्य ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि यह याचिका पूरी तरह से राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दायर की गई थी।
अधिकारी के वकील बिल्वदल भट्टाचार्य ने कहा, 'यह याचिका भवानीपुर से शुभेंदु अधिकारी की उम्मीदवारी को प्रभावित करने के राजनीतिक इरादे से पेश की गई थी।'
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था। दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। राज्य में चुनाव के नतीजों की घोषणा और चुनाव की मतगणना 4 मई को की जाएगी। चुनाव आयोग और प्रशासन ने मतदान को लेकर पूरी तैयारियां कर ली हैं।
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