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Om Birla: 'तटीय राज्यों ने चुनौती को अवसर में बदला', ओम बिरला बोले- विकसित भारत में विधायिकाओं की अहम भूमिका

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Thu, 09 Apr 2026 03:29 PM IST
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सार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि तटीय राज्यों ने चुनौतियों को अवसर में बदलकर विकास का मॉडल पेश किया है। उन्होंने गुजरात में मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी के काम का जिक्र किया और राज्यों के बीच बेहतर नीतियों के आदान-प्रदान व स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया।

Coastal states have turned challenges into opportunities, Om Birla said- legislatures play an important role
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला - फोटो : ANI
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विस्तार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि तटीय राज्यों ने अपनी चुनौतियों को अवसर में बदलकर विकास का नया मॉडल पेश किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए इसी दृष्टिकोण को सफलतापूर्वक लागू किया।

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कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीजन जोन-VII सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा जैसे तटीय राज्यों के सामने प्राकृतिक और भौगोलिक चुनौतियां रही हैं, लेकिन उनके नेतृत्व ने इन्हें विकास के अवसर में बदला है।

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मोदी के कार्यकाल का किया जिक्र

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने अपने लंबे कार्यकाल में सूखा, लंबी तटीय सीमा और जनजातीय क्षेत्रों जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए औद्योगिकीकरण, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा दिया। नर्मदा का पानी सूखे इलाकों तक पहुंचाया गया और वैश्विक बदलावों के अनुरूप नई तकनीकों को अपनाया गया।


बिरला ने कहा कि अन्य तटीय राज्यों ने भी संकट और आपदाओं से निपटने के लिए कानून और नीतियां बनाईं, जिससे विपरीत परिस्थितियों में भी विकास सुनिश्चित हुआ।
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जनता को अपने जनप्रतिनिधियों से काफी उम्मीदें हैं

उन्होंने कहा कि जनता को अपने जनप्रतिनिधियों से काफी उम्मीदें हैं और गुजरात, महाराष्ट्र व गोवा को आपस में बेहतर नीतियों और अनुभवों का आदान-प्रदान करना चाहिए। उन्होंने राज्यों की विधानसभाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की जरूरत पर भी जोर दिया।

आज का दौर तकनीक और एआई का है

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया भारत की संसदीय लोकतंत्र प्रणाली को सर्वश्रेष्ठ मानती है और 1952 से हर चुनाव में बढ़ती मतदाता भागीदारी इसकी सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आज का दौर तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, लेकिन इसके साथ मानवीय संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। बेहतर नीति और कानून पर सार्थक चर्चा करने वाले विधायक ही अपने राज्यों में प्रभावशाली नेता बनते हैं।

बिरला ने यह भी कहा कि देश के जीडीपी में सबसे बड़ा योगदान गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा जैसे तटीय राज्यों का है। इस सम्मेलन में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, गोवा और महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष गणेश गाओंकर और राहुल नार्वेकर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सम्मेलन का उद्देश्य संसदीय सहयोग को मजबूत करना, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करना और क्षेत्रीय विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा करना है। इसमें ‘2047 तक विकसित भारत में युवा विधायकों की भूमिका’, ‘व्यापार, पर्यटन, शहरीकरण, पर्यावरण और तटीय कनेक्टिविटी’ जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

गौरतलब है कि CPA इंडिया रीजन जोन-VII में गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र की विधानसभाएं शामिल हैं। 2024 में रीजन के पुनर्गठन के बाद यह इस ज़ोन का पहला सम्मेलन है, जिसमें तीनों राज्यों के विधायक भाग ले रहे हैं।

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