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Ahmedabad: धार्मिक कार्यक्रम में 'सेव-खमणी' खाने से 96 लोग बीमार, गांव में मचा हड़कंप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 09 Apr 2026 05:01 PM IST
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सार
अहमदाबाद के राजपुरा गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान 'सेव-खमणी' खाने से 96 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। गुरुवार तड़के मरीजों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्तमान में 38 लोगों का इलाज जारी है और सभी खतरे से बाहर हैं। प्रशासन ने खाने के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है।
फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए लोग (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : संवाद
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विस्तार
गुजरात के अहमदाबाद जिले से फूड पॉइजनिंग यानी खाद्य विषाक्तता का बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल, राजपुरा गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान सेव-खमणी प्रसाद खाने के बाद करीब 96 ग्रामीणों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में सभी बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
देर रात बिगड़ने लगी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार रात को देत्रोज तालुका के राजपुरा गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान मेहमानों और ग्रामीणों को गुजराती नाश्ता 'सेव-खमणी' परोसा गया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद, गुरुवार तड़के अचानक लोगों को उल्टी, पेट दर्द और दस्त की शिकायत होने लगी। जैसे ही बीमारों की संख्या बढ़ने लगी, जिला स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी गई। जिला महामारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर चिंतन देसाई ने बताया कि कुल 96 लोगों को अस्पताल ले जाया गया था।
यह भी पढ़ें: रोते-गिड़गिड़ाते रह गए व्यापारी...: अरमानों पर लगी सील, 40,000 लोगों की रोजी-रोटी नौ घंटे में छिन गई; तस्वीरें
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम राजपुरा गांव पहुंची। डॉक्टर देसाई के मुताबिक, 96 लोगों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था, जिनमें से 58 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। हालांकि, 38 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि सभी की हालत स्थिर है। इतना ही नहीं, सावधानी बरतते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गांव के अन्य 214 लोगों को भी एहतियाती दवाइयां दी हैं, जिन्होंने उस रात वह नाश्ता खाया था।
जांच में जुटा खाद्य विभाग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। फूड सेफ्टी विभाग की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्यक्रम में इस्तेमाल किए गए भोजन और पानी के नमूने ले लिए हैं। इन नमूनों को लैब में जांच के लिए भेजा गया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि फूड पॉइजनिंग की मुख्य वजह क्या थी। भोजन में किसी तरह की मिलावट थी या दूषित पानी का इस्तेमाल किया गया था। फिलहाल, गांव में स्थिति नियंत्रण में है और स्वास्थ्य विभाग की टीम निगरानी रखे हुए है।
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देर रात बिगड़ने लगी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार रात को देत्रोज तालुका के राजपुरा गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान मेहमानों और ग्रामीणों को गुजराती नाश्ता 'सेव-खमणी' परोसा गया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद, गुरुवार तड़के अचानक लोगों को उल्टी, पेट दर्द और दस्त की शिकायत होने लगी। जैसे ही बीमारों की संख्या बढ़ने लगी, जिला स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी गई। जिला महामारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर चिंतन देसाई ने बताया कि कुल 96 लोगों को अस्पताल ले जाया गया था।
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प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम राजपुरा गांव पहुंची। डॉक्टर देसाई के मुताबिक, 96 लोगों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था, जिनमें से 58 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। हालांकि, 38 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि सभी की हालत स्थिर है। इतना ही नहीं, सावधानी बरतते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गांव के अन्य 214 लोगों को भी एहतियाती दवाइयां दी हैं, जिन्होंने उस रात वह नाश्ता खाया था।
जांच में जुटा खाद्य विभाग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। फूड सेफ्टी विभाग की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्यक्रम में इस्तेमाल किए गए भोजन और पानी के नमूने ले लिए हैं। इन नमूनों को लैब में जांच के लिए भेजा गया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि फूड पॉइजनिंग की मुख्य वजह क्या थी। भोजन में किसी तरह की मिलावट थी या दूषित पानी का इस्तेमाल किया गया था। फिलहाल, गांव में स्थिति नियंत्रण में है और स्वास्थ्य विभाग की टीम निगरानी रखे हुए है।
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