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Congress: वांगचुक के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, कहा- अधिकारों का हो रहा दमन

Sat, 18 Jul 2026 01:14 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Sat, 18 Jul 2026 01:14 PM IST
सार

जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई के बाद सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। कांग्रेस ने इसे शांतिपूर्ण विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार का दमन बताते हुए केंद्र सरकार और पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज दबा जा रही है। 

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Congress attacks government over police action against Wangchuk, says rights are being suppressed.
पवन खेड़ा, कांग्रेस नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कांग्रेस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। इस कार्रवाई के बाद से कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। कांग्रेस का आरोप है कि यह सरकार की उस मानसिकता को दर्शाता है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन एक मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है जिसे संरक्षित किया जाना चाहिए। सरकार के लिए यह कानून-व्यवस्था की समस्या है जिसे कुचल दिया जाना चाहिए।

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कांग्रेस ने क्या कहा? 
भाजपा पर हमला करते हुए विपक्षी दल ने यह भी कहा कि यह शर्म की बात है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर दुनिया की सबसे अलोकतांत्रिक और लोकतंत्र विरोधी राजनीतिक पार्टी का शासन हो रहा है। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि संविधान असहमति व्यक्त करने के अधिकार की गारंटी देता है, लेकिन गृह मंत्रालय इसे नकारने पर तुला हुआ प्रतीत होता है।

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'यह एक भयावह संदेश देती है'
खेड़ा ने कहा 'दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन है। वही,  मंत्रालय जिसने कल ही दिल्ली में एक नए पुलिस आयुक्त की नियुक्ति की है। अगर आज की कार्रवाई उनकी पहली जिम्मेदारी है, तो यह एक भयावह संदेश देती है। राजनीतिक आज्ञापालन संवैधानिक कर्तव्य से अधिक महत्वपूर्ण है।'
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कांग्रेस ने क्या आरोप लगाया? 
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला पहलवानों को घसीटकर ले जाने से लेकर पूर्व सैनिकों के साथ दुर्व्यवहार करने तक। इस सरकार ने बार-बार संविधान के प्रति अपनी अवमानना का प्रदर्शन किया है। खेड़ा ने कहा, 'आज की कार्रवाइयों से इस सरकार की मानसिकता साफ हो गई है। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन एक मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है जिसकी रक्षा की जानी चाहिए, बल्कि यह कानून-व्यवस्था की एक समस्या है जिसे कुचल दिया जाना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'यह शर्मनाक है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर दुनिया की सबसे अलोकतांत्रिक और लोकतंत्र विरोधी राजनीतिक पार्टी का शासन हो रहा है।'

क्या है पूरा मामला? 
वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने चिकित्सा सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला दिया।  


वहीं, दिपके ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस ने मेरी पिटाई की और मुझे हिरासत में रखा।  दिपके ने बताया कि वह अपने एक दोस्त के घर फ्रेश होने गया था।  आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे पीटा और कुछ देर के लिए हिरासत में रखा। उसने पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया।


वांगचुक क्यों कर रहे थे भूख हड़ताल? 
एनईटी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और विवाद से जुड़े छात्रों की कथित मौतों के विरोध में सीजेपी के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में वांगचुक और एआईएसए के तीन कार्यकर्ता 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।  पिछले तीन हफ्तों से उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट देखी जा रही थी।



 
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