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Delimitation: केंद्रीय गृह मंत्री के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया, कहा परिसीमन सरकार का नहीं, आयोग का काम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Fri, 17 Apr 2026 03:44 PM IST
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सार

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि सीटों का निर्धारण सरकार नहीं, परिसीमन आयोग करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है, जिससे प्रतिनिधित्व संतुलन और ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ सिद्धांत प्रभावित होगा।

Congress Reacts to Union Home Minister Says Delimitation Is the Task of the Commission Not the Government
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी - फोटो : वीडियो ग्रैब/संसद टीवी
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विस्तार

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि संसदीय सीटों की संख्या तय करना सरकार का नहीं, बल्कि परिसीमन आयोग का काम है। उन्होंने यह टिप्पणी प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच की। तिवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उन बयानों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें उन्होंने दक्षिणी राज्यों के लोकसभा प्रतिनिधित्व पर परिसीमन के संभावित प्रभाव को लेकर चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया था।

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तिवारी ने कहा कि सरकार केवल सीटों की ऊपरी और निचली सीमा निर्धारित कर सकती है। उन्होंने प्रस्तावित 131वें संविधान संशोधन विधेयक का हवाला दिया, जिसमें ऊपरी सीमा 850 सीटें तय की गई है। तिवारी के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर प्रत्येक राज्य को कितनी सीटें मिलेंगी, यह तय करना परिसीमन आयोग का काम है।

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'एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य' का मुद्दा

तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार सच्चाई से काम नहीं ले रही है। उन्होंने कहा, मूल मुद्दा संविधान के अनुच्छेद 82 (1ए) में निहित है, जो भारतीय लोकतंत्र का मूलभूत सूत्र है: 'एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य'। उन्होंने आगे समझाया कि इस सूत्र के परिणामस्वरूप, उच्च कुल प्रजनन दर (टीएफआर) वाले राज्यों को अधिक सीटें मिलेंगी, जबकि जनसंख्या नियंत्रण उपायों का सफलतापूर्वक पालन करने वाले राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।

परिसीमन प्रक्रिया को हाईजैक करने का प्रयास  

कांग्रेस सांसद ने सरकार के दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में परिसीमन प्रक्रिया को हाईजैक करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके गंभीर निहितार्थ हो सकते हैं। तिवारी ने कहा कि सरकार ने 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित किया था, लेकिन इसे 30 महीने बाद अधिसूचित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह क्रम बताता है कि महिला आरक्षण परिसीमन के साथ लागू होगा, जिसके बाद निर्वाचन क्षेत्रों का समायोजन होगा।

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