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महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के बहाने कांग्रेस को पुनर्जीवित करने की कोशिश
Wed, 11 Sep 2019 04:52 AM IST
संदीप भट्ट
शरद गुप्ता, अमर उजाला, नई दिल्ली
शरद गुप्ता, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Wed, 11 Sep 2019 04:52 AM IST
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महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के बहाने कांग्रेस पार्टी पूरे देश में अपने संगठन को पुनर्जीवित करने का प्रयास करेगी। कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस संगठन के सभी बड़े नेताओं की बैठक दिल्ली में 12 सितंबर को बुलाई है।
सोनिया का मानना है कि देश में एक सशक्त विपक्ष की कमी महसूस की जा रही है। खासतौर पर एक राष्ट्रीय विपक्षी दल की। सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, बीजू जनता दल, डीएमके और राष्ट्रवादी कांग्रेस जैसे क्षेत्रीय दल भी अपने-अपने राज्यों में लगभग निष्क्त्रिस्य पड़े हैं। अगर कहीं कोई विरोध हो भी रहा है तो केवल सांकेतिक तौर पर।
इसलिए कांग्रेस पूरे देश में मोदी सरकार की खामियों को उजागर करेगी। वह भी सड़कों पर उतर कर। सोनिया गांधी का मानना है कि सरकार के 100 दिन पूरे हो चुके हैं यानी हनीमून पीरियड खत्म हो गया है। इसलिए विपक्ष को जोरदार तरीके से सरकार की कमियों को जनता के बीच लाना चाहिए।
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उनका मानना है कि विपक्ष के खाली स्थान को सड़कों पर आंदोलन करके ही भरा जा सकता है। इसलिए पार्टी कमजोर अर्थव्यवस्था, रुपए के अवमूल्यन, बढ़ती बेरोजगारी, फैक्ट्रियों का बंद होना और हजारों कर्मचारियों को नौकरियों से निकाले जाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय सचिव, प्रदेश अध्यक्ष, विधानमंडल दलों के नेता और प्रदेशों के प्रभारी शामिल होंगे। सभी को बैठक की सूचना भेजी जा चुकी है।
बैठक के एजेंडे में देशभर में गांधी जयंती के कार्यक्त्रस्म आयोजित करना प्रमुख है। लेकिन इसी बहाने पार्टी मोदी सरकार पर निशाना साधना चाहती है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ महासचिव का कहना है कि मोदी सरकार महात्मा गांधी के मूल्यों का क्षरण कर रही है। संस्थाओं को खत्म किया जा रहा है और लोकतंत्र का दमन हो रहा है।
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सोनिया का मानना है कि देश में एक सशक्त विपक्ष की कमी महसूस की जा रही है। खासतौर पर एक राष्ट्रीय विपक्षी दल की। सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस, बीजू जनता दल, डीएमके और राष्ट्रवादी कांग्रेस जैसे क्षेत्रीय दल भी अपने-अपने राज्यों में लगभग निष्क्त्रिस्य पड़े हैं। अगर कहीं कोई विरोध हो भी रहा है तो केवल सांकेतिक तौर पर।
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इसलिए कांग्रेस पूरे देश में मोदी सरकार की खामियों को उजागर करेगी। वह भी सड़कों पर उतर कर। सोनिया गांधी का मानना है कि सरकार के 100 दिन पूरे हो चुके हैं यानी हनीमून पीरियड खत्म हो गया है। इसलिए विपक्ष को जोरदार तरीके से सरकार की कमियों को जनता के बीच लाना चाहिए।
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उनका मानना है कि विपक्ष के खाली स्थान को सड़कों पर आंदोलन करके ही भरा जा सकता है। इसलिए पार्टी कमजोर अर्थव्यवस्था, रुपए के अवमूल्यन, बढ़ती बेरोजगारी, फैक्ट्रियों का बंद होना और हजारों कर्मचारियों को नौकरियों से निकाले जाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय सचिव, प्रदेश अध्यक्ष, विधानमंडल दलों के नेता और प्रदेशों के प्रभारी शामिल होंगे। सभी को बैठक की सूचना भेजी जा चुकी है।
बैठक के एजेंडे में देशभर में गांधी जयंती के कार्यक्त्रस्म आयोजित करना प्रमुख है। लेकिन इसी बहाने पार्टी मोदी सरकार पर निशाना साधना चाहती है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ महासचिव का कहना है कि मोदी सरकार महात्मा गांधी के मूल्यों का क्षरण कर रही है। संस्थाओं को खत्म किया जा रहा है और लोकतंत्र का दमन हो रहा है।