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Politics: 'दमनकारी सरकार के खिलाफ लड़ने वाले लोगों की मदद करता है संविधान', केंद्र पर पवन खेड़ा ने साधा निशाना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Sun, 03 May 2026 07:10 PM IST
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पवन खेड़ा, नेता कांग्रेस
- फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार किए जाने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संविधान दमनकारी सरकार के खिलाफ लड़ने वाले लोगों की मदद करता है। सुप्रीम कोर्ट ने 1 मई को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर की थी। यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के खिलाफ कथित टिप्पणी से संबंधित प्राथमिकी के संबंध में थी।
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संविधान के कारण राहत मिली है- पवन खेड़ा
दिल्ली हवाई अड्डे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पवन खेड़ा का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीआर अंबेडकर का संविधान सभी की रक्षा करता है। उन्होंने बताया कि उन्हें मिली राहत भी इसी संविधान के कारण है। जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने गौहाटी उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया। उच्च न्यायालय ने उन्हें गिरफ्तारी से पहले सुरक्षा देने से इन्कार कर दिया था। पीठ ने कहा कि जांच ईमानदारी से होनी चाहिए, लेकिन संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता को हल्के में खतरे में नहीं डाला जा सकता। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए।
क्या हैं जमानत की शर्तें?
अदालत ने पवन खेड़ा को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्हें आवश्यकता पड़ने पर पुलिस के सामने पेश होना होगा। खेड़ा को गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने से बचना होगा। सक्षम अदालत की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें भारत नहीं छोड़ना होगा।
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कांग्रेस ने फैसले का स्वागत किया
वहीं, कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस वार्ता में कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि है। उन्होंने जोर दिया कि गिरफ्तारी अंतिम उपाय होनी चाहिए, खासकर मानहानि के मामलों में। सिंघवी ने कहा कि 'ट्रिपल टेस्ट' (भागने का जोखिम, सबूतों से छेड़छाड़, गवाहों को प्रभावित करना) गिरफ्तारी को उचित ठहराना चाहिए। जयराम रमेश ने कहा कि यह फैसला देश की न्यायपालिका में उनके विश्वास की पुष्टि करता है।
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संविधान के कारण राहत मिली है- पवन खेड़ा
दिल्ली हवाई अड्डे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पवन खेड़ा का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीआर अंबेडकर का संविधान सभी की रक्षा करता है। उन्होंने बताया कि उन्हें मिली राहत भी इसी संविधान के कारण है। जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने गौहाटी उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया। उच्च न्यायालय ने उन्हें गिरफ्तारी से पहले सुरक्षा देने से इन्कार कर दिया था। पीठ ने कहा कि जांच ईमानदारी से होनी चाहिए, लेकिन संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता को हल्के में खतरे में नहीं डाला जा सकता। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत पर रिहा किया जाए।
क्या हैं जमानत की शर्तें?
अदालत ने पवन खेड़ा को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्हें आवश्यकता पड़ने पर पुलिस के सामने पेश होना होगा। खेड़ा को गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने से बचना होगा। सक्षम अदालत की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें भारत नहीं छोड़ना होगा।
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कांग्रेस ने फैसले का स्वागत किया
वहीं, कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस वार्ता में कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि है। उन्होंने जोर दिया कि गिरफ्तारी अंतिम उपाय होनी चाहिए, खासकर मानहानि के मामलों में। सिंघवी ने कहा कि 'ट्रिपल टेस्ट' (भागने का जोखिम, सबूतों से छेड़छाड़, गवाहों को प्रभावित करना) गिरफ्तारी को उचित ठहराना चाहिए। जयराम रमेश ने कहा कि यह फैसला देश की न्यायपालिका में उनके विश्वास की पुष्टि करता है।
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