सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Delhi HC, SC, MHA among top authorities with highest RTI rejection rates: CIC report

देश में सूचना मांगना आसान नहीं: सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली HC, MHA समेत बड़े विभागों ने बड़ी संख्या में RTI ठुकराई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 12 Feb 2026 05:25 PM IST
विज्ञापन
सार

CIC Report: सूचना का अधिकार यानी आरटीआई अभी भी नागरिकों के लिए सरकार से जानकारी लेने का अहम साधन है, लेकिन पारदर्शिता का स्तर हर संस्था में समान नहीं है। केंद्रीय सूचना आयोग के अनुसार, साल 2024-25 में कई बड़े संस्थानों ने बड़े पैमाने पर आरटीआई के आवेदन ठुकराए हैं।

Delhi HC, SC, MHA among top authorities with highest RTI rejection rates: CIC report
केंद्रीय सूचना आयोग - फोटो : cic.gov.in
विज्ञापन

विस्तार

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024-25 में कई बड़े सरकारी संस्थानों ने बड़ी संख्या में सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदन खारिज किए। इनमें दिल्ली हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और गृह मंत्रालय सबसे ज्यादा आवेदन ठुकराने वालों में शामिल रहे।
Trending Videos


किस संस्था ने कितने आवेदन खारिज किए
  • दिल्ली हाईकोर्ट ने 2089 में से 22.88% आवेदन खारिज किए- जो शीर्ष 20 संस्थानों में सबसे ज्यादा है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 5017 में से 689 आवेदन (13.73%) अस्वीकार किए।
  • गृह मंत्रालय ने 58,130 में से 7750 आवेदन (13.33%) ठुकराए, बड़े मंत्रालयों में सबसे ज्यादा दर।
  • वित्त मंत्रालय ने 2,20,283 आवेदनों में से 18,734 (8.50%) अस्वीकार किए।
  • कानून मंत्रालय की अस्वीकृति दर 7.14% रही।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने 7.98% आवेदन खारिज किए।
यह भी पढ़ें - India-US Trade Deal: अमेरिका ने व्यापार समझौते की क्यों बदली शर्तें? MEA की ओर से आई अहम प्रतिक्रिया
विज्ञापन
विज्ञापन


कम अस्वीकृति वाले विभाग
कुछ बड़े विभागों ने बहुत कम आवेदन खारिज किए। इसमें -
  • कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय- 2,54,657 आवेदन मिले लेकिन सिर्फ 0.14% खारिज।
  • शिक्षा मंत्रालय- 0.74% अस्वीकृति।
  • सड़क परिवहन मंत्रालय- 0.70% अस्वीकृति।

सबसे ज्यादा किस कानून का इस्तेमाल हुआ
आरटीआई कानून की धारा 8(1), जो राष्ट्रीय सुरक्षा, गोपनीय जानकारी, व्यापार रहस्य या निजी सूचना जैसी वजहों से जानकारी देने से छूट देती है, सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुई। इसे 28,924 बार लागू किया गया, जो कुल अस्वीकृतियों का लगभग 49.88% है। वहीं अन्य प्रमुख धाराओं में धारा 24 (खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को छूट)- 8,251 बार (14.23%) और धारा 11 (थर्ड-पार्टी सूचना)- 519 बार, धारा 9 (कॉपीराइट कारण) का 232 बार इस्तेमाल किया गया है।

यह भी पढ़ें - RSS: 'जानवरों से जुड़े फैसले, विशेषज्ञों को ही लेने चाहिए', संघ प्रमुख मोहन भागवत ने क्यों कही ये बात?

अपीलों की संख्या भी ज्यादा
रिपोर्ट के अनुसार कई आवेदक अस्वीकृति के बाद अपील भी कर रहे हैं।
  • वित्त मंत्रालय- 26,219 प्रथम अपील, 3,966 दूसरी अपील
  • गृह मंत्रालय- 9,389 प्रथम, 960 दूसरी अपील
  • रक्षा मंत्रालय- 16,876 प्रथम, 1,203 दूसरी अपील

सीआईसी रिपोर्ट बताती है कि आरटीआई कानून का देश के नागरिकों द्वारा बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन अलग-अलग विभागों में आवेदन खारिज करने की दर में काफी अंतर है। कुछ संस्थान बहुत ज्यादा जानकारी रोकते हैं, जबकि कुछ लगभग सभी आवेदन स्वीकार कर लेते हैं।

अन्य वीडियो

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed