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Karnataka: रसोई गैस की बढ़ी कीमतों पर सीएम डीके शिवकुमार ने मांगी रिपोर्ट, ईंधन के दाम बढ़ने पर जताई चिंता
पीटीआई, बंगलूरू
Published by: अमन तिवारी
Updated Sun, 07 Jun 2026 02:24 PM IST
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सार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने घरेलू एलपीजी, औद्योगिक गैस और डीजल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और कहा कि कीमतों में तेज बढ़ोतरी का असर आम लोगों और औद्योगिक दोनों पर पड़ रहा है।
डीके शिवकुमार, डिप्टी सीएम, कर्नाटक
- फोटो : ANI
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गैस की कीमतों में हुई हालिया बढ़ोतरी को लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने रविवार को कहा कि घरेलू रसोई गैस के साथ-साथ औद्योगिक गैस और डीजल की कीमतों में हो रहा इजाफा बहुत चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को कहा, औद्योगिक गैस और डीजल के दाम बहुत ही खतरनाक दर से बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मिलने के बाद विस्तार से बात करने का भरोसा दिया है।
29 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा घरेलू रसोई गैस का दाम
देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) के दाम में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। पिछले तीन महीनों के भीतर यह दूसरी बार है जब गैस के दाम बढ़े हैं। सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण दबाव में हैं। इससे पहले सात मार्च को सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा हुआ था। इस तरह पिछले कुछ समय में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम कुल 89 रुपये तक बढ़ चुके हैं। एक अनुमान के अनुसार, इस ताजा बढ़ोतरी से पहले उर्जा कंपनियों को हर सिलेंडर बेचने पर लगभग 703 रुपये का घाटा हो रहा था।
क्या है सरकार का कहना?
इस बीच केंद्र सरकार ने रविवार को अपना पक्ष रखा। सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इसके बावजूद भारत में आम लोगों को दुनिया के कई देशों की तुलना में सबसे सस्ती रसोई गैस मिल रही है। तेल कंपनियां वैश्विक स्तर पर बढ़ी हुई कीमतों के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही हैं। मुख्यमंत्री शिवकुमार अब इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति का जायजा लेंगे। उन्होंने साफ किया कि बढ़ती कीमतें आम जनता और उद्योगों, दोनों पर बुरा असर डाल रही हैं।
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ये भी पढ़ें: सीमा विवाद से लेकर व्यापार तक: एस जयशंकर से मुलाकात के बाद बदले नेपाल के सुर, कहा- टकराव नहीं सहयोग चाहिए
पीएमके नेता का केंद्र सरकार हमला
वहीं दुसरी ओर पीएमके (PMK) नेता अंबुमणि रामदास ने रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने बढ़े हुए दाम तुरंत वापस लेने की मांग की। रामदास ने बताया कि तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस के दाम 29 रुपये और बढ़ा दिए हैं। इस वजह से चेन्नई में अब सिलेंडर 928.50 रुपये के बजाय 957.50 रुपये में मिलेगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े थे। पिछले तीन महीनों में कुल 89 रुपये का इजाफा हुआ है। मार्च में सिलेंडर 868.50 रुपये का था, जो अब 10.25 प्रतिशत महंगा हो गया है। रामदास के अनुसार, लोगों की आय में इतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है, इसलिए यह बोझ उठाना उनके लिए बहुत मुश्किल है।
उन्होंने माना कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कमी हुई है। तेल कंपनियों का तर्क कुछ हद तक सही हो सकता है, लेकिन सरकार का फर्ज है कि वह जनता को इस बोझ से बचाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों का कुछ हिस्सा खुद वहन करें और जनता को तुरंत राहत दें।
29 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा घरेलू रसोई गैस का दाम
देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) के दाम में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। पिछले तीन महीनों के भीतर यह दूसरी बार है जब गैस के दाम बढ़े हैं। सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण दबाव में हैं। इससे पहले सात मार्च को सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा हुआ था। इस तरह पिछले कुछ समय में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम कुल 89 रुपये तक बढ़ चुके हैं। एक अनुमान के अनुसार, इस ताजा बढ़ोतरी से पहले उर्जा कंपनियों को हर सिलेंडर बेचने पर लगभग 703 रुपये का घाटा हो रहा था।
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क्या है सरकार का कहना?
इस बीच केंद्र सरकार ने रविवार को अपना पक्ष रखा। सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इसके बावजूद भारत में आम लोगों को दुनिया के कई देशों की तुलना में सबसे सस्ती रसोई गैस मिल रही है। तेल कंपनियां वैश्विक स्तर पर बढ़ी हुई कीमतों के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रही हैं। मुख्यमंत्री शिवकुमार अब इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्थिति का जायजा लेंगे। उन्होंने साफ किया कि बढ़ती कीमतें आम जनता और उद्योगों, दोनों पर बुरा असर डाल रही हैं।
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पीएमके नेता का केंद्र सरकार हमला
वहीं दुसरी ओर पीएमके (PMK) नेता अंबुमणि रामदास ने रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने बढ़े हुए दाम तुरंत वापस लेने की मांग की। रामदास ने बताया कि तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस के दाम 29 रुपये और बढ़ा दिए हैं। इस वजह से चेन्नई में अब सिलेंडर 928.50 रुपये के बजाय 957.50 रुपये में मिलेगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े थे। पिछले तीन महीनों में कुल 89 रुपये का इजाफा हुआ है। मार्च में सिलेंडर 868.50 रुपये का था, जो अब 10.25 प्रतिशत महंगा हो गया है। रामदास के अनुसार, लोगों की आय में इतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है, इसलिए यह बोझ उठाना उनके लिए बहुत मुश्किल है।
उन्होंने माना कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कमी हुई है। तेल कंपनियों का तर्क कुछ हद तक सही हो सकता है, लेकिन सरकार का फर्ज है कि वह जनता को इस बोझ से बचाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों का कुछ हिस्सा खुद वहन करें और जनता को तुरंत राहत दें।