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ED: ईडी ने क्यों कर दिया 3 करोड़ में हवाई जहाज नीलाम, निवेशकों के साथ किसने की 792 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी?
Fri, 03 Jul 2026 06:14 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 03 Jul 2026 06:14 PM IST
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एयरक्राफ्ट (हॉकर 800A)
- फोटो : अमर उजाला
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अपनी तरह की पहली घटना में, प्रवर्तन निदेशालय के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने एमएसटीसी लिमिटेड के जरिए 3 करोड़ रुपये में एक एयरक्राफ्ट (हॉकर 800A) की नीलामी की है। यह एयरक्राफ्ट (हॉकर 800A) ईडी द्वारा 7 मार्च 2025 को चलाए गए एक सर्च ऑपरेशन के दौरान ज़ब्त किया गया था। इसे अमरदीप कुमार, कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत दर्ज मामले में राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ज़ब्त किया गया था।
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एयरक्राफ्ट जब्त करने के बाद, ईडी ने पीएमएलए के तहत सक्षम एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के सामने एक ओरिजिनल एप्लीकेशन दायर की थी। अगस्त 2025 के आदेश से इसकी पुष्टि की गई। ईडी ने जब्त एयरक्राफ्ट को बेचने की अनुमति के लिए 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग (एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी द्वारा पुष्टि की गई अटैच या फ़्रीज़ की गई संपत्तियों का कब्ज़ा लेना) नियम, 2013' के नियम 4(2) के तहत एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी के सामने एक एप्लीकेशन दायर की। पीएमएलए की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने 20 नवंबर 2025 के आदेश के ज़रिए जाँच एजेंसी को ज़ब्त एयरक्राफ्ट की नीलामी करने की अनुमति दे दी।
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ईडी ने कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड (हैदराबाद की एक कंपनी जो फर्जी इनवॉइस डिस्काउंटिंग स्कीम चलाती थी, के संचालक अमरदीप कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ पीएमएलए का मामला दर्ज किया था। यह कार्रवाई साइबराबाद की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग द्वारा फाल्कन ग्रुप (कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड), इसके सीएमडी अमरदीप कुमार और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर की गई।
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आरोप है कि अमरदीप कुमार, कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य लोगों ने एक पोंजी स्कीम के ज़रिए बड़ी संख्या में निवेशकों के साथ लगभग 792 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। उन्होंने निवेशकों को इनवॉइस डिस्काउंटिंग स्कीम के तहत ज़्यादा रकम लौटाने का वादा किया था, जबकि असल में ऐसा कोई इनवॉइस डिस्काउंटिंग का कारोबार नहीं किया गया था।
इससे पहले, ईडी ने तीन आरोपियों - (1) अमरदीप कुमार के भाई संदीप कुमार, (2) चार्टर्ड अकाउंटेंट शरद चंद्र तोशनीवाल और (3) फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग के सीईओ आर्यन सिंह छाबड़ा - को भी गिरफ्तार किया था। ईडी ने 29.09.2025 को संबंधित कोर्ट में एक प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (अभियोजन शिकायत) भी दायर की थी।खरीदार से मिलने वाली 3 करोड़ रुपये की बिक्री राशि का इस्तेमाल जाँच एजेंसी पीएमएलए , 2002 के प्रावधानों के अनुसार असली निवेशकों को पैसा वापस करने के लिए करेगी, बशर्ते पीएमएलए के तहत स्पेशल कोर्ट से इसकी अनुमति मिल जाए।