TMC की 21 जुलाई रैली पर हाई कोर्ट सख्त: क्या हाईकोर्ट की अवमानना में फंसेंगे ममता और अभिषेक? देना होगा हलफनामा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC की 21 जुलाई 'शहीद दिवस' रैली के दौरान सड़कें बंद किए जाने के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को अवमानना याचिका में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामला 2018 के उस अदालत के आदेश से जुड़ा है, जिसमें सार्वजनिक सभाओं के दौरान मुख्य सड़कें पूरी तरह बंद न करने का निर्देश दिया गया था।
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विस्तार
कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को एक अवमानना याचिका में चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ याचिका में आरोप लगाया गया है कि पार्टी की वर्ष 2018 में 21 जुलाई की 'शहीद दिवस' रैली के दौरान मुख्य सड़कों को अवरुद्ध न करने संबंधी अदालत के पूर्व आदेश का उल्लंघन किया गया था। याचिकाकर्ता ने मई 2018 में कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा पारित आदेश की अवमानना का आरोप लगाया है। उस आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि किसी भी सार्वजनिक सभा या जमावड़े के कारण मुख्य सड़कों को पूरी तरह से बंद नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कितने दिन का दिया समय?
जस्टिस अरिजीत बनर्जी और जस्टिस अपूर्बा सिन्हा रे की डिवीजन बेंच ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को निर्देश दिया कि वे अगले चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल कर याचिका में लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रखें। अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह TMC नेताओं के जवाब के बाद अगले दो सप्ताह के भीतर अपना प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करे। डिवीजन बेंच ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अगस्त की तारीख तय की है।
क्या कहा गया था उस समय के आदेश में?
तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की डिवीजन बेंच ने वर्ष 2018 में निर्देश दिया था कि सार्वजनिक सभाओं के दौरान मुख्य सड़कों पर पैदल यात्रियों और आपातकालीन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त रास्ता खुला रखा जाए। लेकिन रैली के दौरान इस नियम का पालन नहीं किया गया। जिससे कामकाजी लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
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कब दायर हुई थी अवमानना याचिका?
इस मामले में याचिकाकर्ता अधिवक्ता श्रीकांत दत्ता ने 19 जून को हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। उन्होंने दावा किया कि TMC की 21 जुलाई की 'शहीद दिवस' रैली के दौरान अदालत के आदेश का उल्लंघन किया गया, जिससे कोलकाता के मध्य स्थित एस्प्लेनेड इलाके की मुख्य सड़कें पूरी तरह जाम हो गई थीं। डिवीजन बेंच ने इससे पहले तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया था।