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Falta Re-Election: फलता पुनर्मतदान से पहले टीएमसी को लगा बड़ा झटका; जहांगीर खान ने वापस लिया नामांकन, जानिए वजह
पीटीआई, कोलकाता
Published by: Rahul Kumar
Updated Tue, 19 May 2026 02:26 PM IST
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सार
दक्षिण 24 परगना जिले की हाई-प्रोफाइल सीट फलता को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। इस सीट पर टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया है। जहांगीर खान के नाम वापसी के फैसले पर पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है।
जहांगीर खान ने नामांकन वापस लिया
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
दक्षिण 24 परगना जिले की सीट फलता से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है। सूत्रों के मुताबिक, फलता से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले लिया है। फलता में पुनर्मतदान 21 मई को होना है। ऐसे में उम्मीदवार के हटने अचनाक से नाम वापस लेना एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
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इस पूरे घटनाक्रम पर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि पार्टी को खान के इस निर्णय के बारे में सूचना मिली है। हालांकि, पार्टी को अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस फैसले के पीछे क्या कारण है। उन्होंने कहा, हमने सुना है कि जहांगीर खान ने फलता उपचुनाव में चुनाव नहीं लड़ने या भाग नहीं लेने का फैसला किया है।" प्रवक्ता ने आगे कहा कि पार्टी अभी तक उनके नाम वापस लेने के पीछे के कारण से अवगत नहीं है। यह अचानक लिया गया फैसला माना जा रहा है। पार्टी इस मामले में अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
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विकास और शांति के लिए वापस लिया नाम- जहांगीर खान
तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य फलता में शांति, सुरक्षा और समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि उनका सपना क्षेत्र को "सोनार फलता" के रूप में विकसित देखना था। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा फलता के लिए विशेष विकास पैकेज दिया जा रहा है, जो क्षेत्र के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी वजह से उन्होंने अपना नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया। जहांगीर खान के अनुसार, यह फैसला फलता की प्रगति, शांति और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सीएम शुभेंदु अधिकारी बोले- हार के डर से पीछे हटे
फलता में चुनाव प्रचार के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि जहांगीर खान को मैदान छोड़ना पड़ा क्योंकि उन्हें चुनाव में पोलिंग एजेंट तक नहीं मिल रहे थे। उन्होंने कहा "उनके पास कोई और विकल्प नहीं था, इसलिए वह चुनाव से पीछे हट गए। उन्हें पोलिंग एजेंट नहीं मिल रहे थे, इसी वजह से उन्होंने मैदान छोड़ दिया।"
21 मई को होने हैं चुनाव
फलता विधानसभा सीट के लिए वोटिंग हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दो चरणों में से दूसरे चरण में, 29 अप्रैल को हुई थी। उस दिन, फलता से चुनावी धांधली की कई शिकायतें सामने आई थीं। कई बूथों पर, भाजपा उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्नों के बगल वाले ईवीएम बटन पर सफेद टेप लगा दिया गया था। इसके बाद, विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता, जो फिलहाल मुख्यमंत्री अधिकारी के सलाहकार हैं। उन्होंने खुद फलता का दौरा किया और इस मामले की गहन जांच की।
उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पूरे फलता विधानसभा क्षेत्र में दोबारा वोटिंग का आदेश दिया था। दोबारा वोटिंग 21 मई को होगी, और नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे। जहांगीर खान उस समय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होने चुनाव में पर्यवेक्षक के तौर पर आए आईपीएस अजयपाल शर्मा को लेकर टिप्पणी की थी। जिसमें जहांगीर खान ने अजयपाल की सिंघम वाली टिप्पणी पर कहा था कि अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं।