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बंगाल में बढ़ीं ईंधन की कीमतें: कैब ऑपरेटरों ने की किराया नियमन की मांग, मनमानी पर रोक लगाने की अपील

पीटीआई, कोलकाता। Published by: राकेश कुमार Updated Tue, 19 May 2026 08:11 PM IST
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सार

वैश्विक तेल संकट और ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों ने पश्चिम बंगाल के कैब ड्राइवरों की कमर तोड़ दी है। एप कैब ऑपरेटरों ने कंपनियों की मनमानी और सर्ज प्राइसिंग के खिलाफ सरकार से दखल देने की मांग की है, जिससे यात्रियों को लूट से बचाया जा सके और ड्राइवरों को एक सम्मानजनक न्यायपूर्ण आजीविका मिल सके। 
 

Fuel price hike Bengal app cab operators seek fare regulation demand strict cap on surge pricing
पेट्रोल डीजल की कीमत में इजाफा ( प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : @ANI
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विस्तार

पश्चिम बंगाल में एप-आधारित कैब ऑपरेटरों के संगठन ने राज्य परिवहन विभाग से किराए को विनियमित करने की पुरजोर अपील की है। संगठन ने लगातार बढ़ती ईंधन की कीमतों और ऑनलाइन कैब कंपनियों की ओर से सर्ज प्राइसिंग यानी किराया बढ़ोतरी के जरिए किए जा रहे कथित शोषण का हवाला दिया है। परिवहन विभाग के प्रधान सचिव को सौंपे गए पत्र में 'ऑनलाइन कैब ऑपरेटर्स गिल्ड' ने राज्य में एप-आधारित टैक्सी किरायों के तत्काल नियमन और पुनर्गठन की मांग उठाई है।
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ईंधन के झटके से बेपटरी हुई ड्राइवरों की आजीविका
गिल्ड के सचिव इंद्रनील बनर्जी ने बताया कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने वाणिज्यिक वाहनों की परिचालन लागत को काफी बढ़ा दिया है। इससे ऑनलाइन टैक्सी सेवा प्लेटफार्मों से जुड़े ड्राइवरों पर भारी वित्तीय दबाव पड़ रहा है। गौरतलब है कि महज एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में दो बार संशोधन किया गया है। संगठन ने अपने पत्र में कहा कि वाणिज्यिक वाहनों की परिचालन लागत में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे अपनी बुनियादी आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे कैब ड्राइवरों पर असहनीय बोझ पड़ रहा है।
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सर्ज प्राइसिंग के नाम पर यात्रियों और ड्राइवरों का शोषण
एप-आधारित कैब ऑपरेटरों के संगठन ने आरोप लगाया कि व्यस्त समय, खराब मौसम और अधिक मांग के दौरान कंपनियां सर्ज प्राइसिंग के नाम पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलती हैं। इसके विपरीत, ड्राइवरों को मिलने वाला हिस्सा बेहद कम रहता है। गिल्ड के अनुसार, कंपनियां मांग बढ़ने पर यात्रियों से मूल किराए का दो से तीन गुना तक वसूल लेती हैं। संगठन ने मांग की है कि बुनियादी किराए को ईंधन की कीमतों से जोड़ा जाए, सर्ज प्राइसिंग की एक वैधानिक सीमा तय हो और विभिन्न श्रेणियों, जैसे हैचबैक, सेडान, एसयूवी के लिए न्यूनतम और अधिकतम प्रति किलोमीटर दर निर्धारित की जाए।

वैश्विक तनाव और कीमतों में उछाल
गिल्ड ने ड्राइवरों को कुल किराए का उचित हिस्सा मिलना सुनिश्चित करने के लिए एक ऑडिट व्यवस्था की भी मांग की है। उनका कहना है कि एक सुव्यवस्थित कैब इकोसिस्टम से यात्रियों को पारदर्शी किराया मिलेगा और ड्राइवरों को सम्मानजनक आजीविका मिल सकेगी। इस बीच, ईरान संघर्ष के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण सरकारी तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। इससे पहले शुक्रवार को भी कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी, जो चार साल से अधिक समय में पहला संशोधन था।
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