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पश्चिम एशिया संकट का भारत पर कितना असर: पीएम मोदी ने बताया- अब तक 3.75 लाख+ भारतीय सुरक्षित लौटे, सजग है सरकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 23 Mar 2026 02:16 PM IST
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सार

पश्चिम एशिया में जारी संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोक सभा में देश को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने इस युद्ध को चिंताजनक बताते हुए स्पष्ट किया कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए पूरी तरह सजग है।

Impact of West Asia Crisis on India PM Modi stated that over 3,75,000 Indians have safely returned so far
पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं। वहीं ईरान से अब तक 1000 भारतीयों लौटे हैं, जिसमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र हैं। खाड़ी में हजारों भारतीय विद्यार्थी पढ़ते हैं। सीबीएसई ने इन स्कूलों में 10वीं और 12वीं की परीक्षा को रद्द कर दिया है। सीबीएसई इन स्कूलों में बच्चों की निर्बाध पढ़ाई जारी रखने के लिए तत्काल कदम उठा रही है।
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होर्मुज संकट पर भी बोले पीएम मोदी
पीएम ने देश की उर्जा आपूर्ति पर बोलते हुए कहा, भारत ने बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी अहम चीजें होर्मुज से आती हैं। होर्मुज में फिलहाल जहाजों का आना-जाना मुश्किल हुआ है। हमारी सरकार का प्रयास रहा है कि पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई प्रभावित न हो। हम सभी जानते हैं कि देश अपनी जरूरत की 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण सरकार ने इसके घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। साथ ही देश में एलपीजी का घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है।
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ये भी पढ़ें: ऊर्जा आपूर्ति से भारत की डिप्लोमेसी तक: पश्चिम एशिया संकट पर लोकसभा में PM मोदी ने क्या-क्या कहा? जानिए सबकुछ

41 देशों से हो रहा ऊर्जा जरूरतों का आयात
लोकसभा में पीएम ने कहा, पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति लगातार बरकरार रखने की कोशिश की जा रही है। बीते एक दशक में उठाए गए कदम अब और भी प्रासंगिक हो गए हैं। भारत ने बीते 11 साल में अपनी ऊर्जा जरूरतों की आपूर्ति का डायवर्सिफिकेशन किया है। पहले भारत में 27 देशों से कच्चे तेल और गैस का आयात किया जाता था। अब भारत 41 देशों से ऊर्जा जरूरतों का आयात किया जाता है। भारत ने कच्चे तेल के भंडारण को भी प्राथमिकता दी है। आज भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन का स्ट्रैटिजिक रिजर्व है और 65 लाख मीट्रिक टन के रिजर्व पर काम किया जा रहा है। पिछले 11 वर्ष में हमारी रिफाइनरिंग क्षमता भी बढ़ी है।

अलग-अलग सप्लायर्स के संपर्क में सरकार
भारत लगातार अलग-अलग सप्लायर्स से भी संपर्क में है। प्रयास है कि जहां से संभव हो वहां से सप्लाई होती रहे। हमारा प्रयास है कि तेल हो गैस हो, फर्टिलाइजर हो, ऐसे सभी जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचें। हम सभी वैश्विक सहयोगियों के साथ निरंतर संवाद कर रहे हैं, ताकि हमारे मैरिटाइम कॉरीडोर सुरक्षित रहें। इन वार्ताओं के चलते होर्मुज में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं।

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