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पिछली सरकारों के कारण भारत 2024 तक बनेगा पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था: प्रणब मुखर्जी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Fri, 19 Jul 2019 08:50 AM IST
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी
- फोटो : File Photo
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पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने गुरुवार को कहा कि पिछली सरकारों की मजबूत नींव के कारण भारत 2024 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से भारतीयों के प्रयासों के कारण सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मुखर्जी ने इस बात को खारिज कर दिया कि मोदी सरकार ने ना केवल पंचवर्षीय योजनाओं को खत्म कर दिया है, बल्कि योजना आयोग को भी खत्म किया है।
उन्होंने कहा, "वित्त मंत्री कह सकती हैं कि भारत 2024 तक पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा क्योंकि मजबूत नींव पहले ही रखी जा चुकी है। ऐसा अंग्रेजों के नहीं बल्कि आजादी के बाद भारतीयों के प्रयासों से संभव हुआ है।"
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समृद्ध भारत फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुखर्जी ने कहा, "इन पंचवर्षीय योजनाओं ने दूसरे लोगों के बीच अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा के लिए दृष्टिकोण का निर्माण किया है। इन योजनाओं के आधार पर ही निवेश किया जाता था। उन्होंने इस बात को भी माना कि गैर-कांग्रेसी सरकारों ने भी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।"
मुखर्जी ने कहा कि मंगलयान को सफल जादू से नहीं बनाया गया है बल्कि निरंतर प्रयासों से जमीनी स्तर पर काम हुआ है। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा शोषण और उससे भारत आजादी के बाद कैसे बाहर निकला इस बारे में बताया। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया गया था। जिसमें उन्होंने भारत को आने वाले सालों में 5 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की बात कही गई थी।