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Railway: कम झटके और ज्यादा सुरक्षा के साथ होगा ट्रेन सफर, पुराने डिब्बों को हटाकर लगाए जा रहे हाईटेक LHB कोच

डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Updated Thu, 14 May 2026 05:16 PM IST
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सार

आईसीएफ कोच पुराने डिजाइन पर आधारित हैं। हादसों के दौरान इनमें एक कोच दूसरे पर चढ़ जाता था, जिससे जानमाल का नुकसान ज्यादा होता था। वहीं, एलएचबी कोचों में एंटी-क्लाइम्बिंग सिस्टम लगाया गया है, जो दुर्घटना के समय कोचों को एक-दूसरे पर चढ़ने से रोकता है।

Indian Railways Upgrades to High-Tech LHB Coaches for Safer, Smoother Travel
आधुनिक एलएचबी कोच - फोटो : एएनआई
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विस्तार

भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सफर को ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए पुराने आईसीएफ कोचों की जगह आधुनिक एलएचबी कोच तेजी से शामिल कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और रेल हादसों में होने वाले नुकसान को कम करना है।

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रेलवे के अनुसार, नई तकनीक से बने एलएचबी कोच ज्यादा सुरक्षित होने के साथ साथ यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर भी उपलब्ध कराते हैं। मौजूदा समय में भारतीय रेलवे नेटवर्क में करीब 75 हजार कोच हैं, जिनमें आईसीएफ और एलएचबी दोनों तरह के कोच शामिल हैं।
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आईसीएफ कोच पुराने डिजाइन पर आधारित हैं। हादसों के दौरान इनमें एक कोच दूसरे पर चढ़ जाता था, जिससे जानमाल का नुकसान ज्यादा होता था। वहीं, एलएचबी कोचों में एंटी-क्लाइम्बिंग सिस्टम लगाया गया है, जो दुर्घटना के समय कोचों को एक-दूसरे पर चढ़ने से रोकता है।इसी वजह से बड़े रेल हादसों में नुकसान कम करने में मदद मिल रही है।

एलएचबी कोचों की एक बड़ी खासियत यह भी है कि इनमें जंग कम लगता है, क्योंकि ये स्टेनलेस स्टील से बनाए जाते हैं। इन कोचों में बेहतर सस्पेंशन और आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे तेज रफ्तार में भी ट्रेन ज्यादा स्थिर रहती है। इसके चलते यात्रियों को कम झटके महसूस होते हैं और सफर पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक बन जाता है।

रेलवे ने अप्रैल 2018 से अपनी उत्पादन इकाइयों में केवल एलएचबी कोच बनाना शुरू कर दिया था। 31 मार्च 2026 तक देशभर में 51,833 एलएचबी कोच तैयार किए जा चुके हैं। वहीं, अब तक 1,556 पुराने आईसीएफ रेक को एलएचबी रेक में बदला जा चुका है।

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