Congress: चंद्रपुर नगर निकाय में कांग्रेस नेताओं का अंदरूनी विवाद सुलझा, अलग अलग गुट में बंटे थे पार्षद
महाराष्ट्र में नगर निकाय के चुनाव के बाद अब भी चीजें उलझी हुई है। वहीं चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस के बीच के विवाद को कांग्रेस ने सुलझा लिया है।
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महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के बाद कांग्रेस में विवाद देखने को मिल रहा था। महाराष्ट्र में चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस में अंदरूनी विवाद चल रहा था। इसे एक उच्चस्तरीय मीटिंग के दौरान सुलझा लिया गया है। यह विवाद विधानमंडल दल के नेता विजय वडेट्टीवार और स्थानीय सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच खींचतान के बाद हुआ। चंद्रपुर नगर निकाय में पार्टी के 27 चुने हुए सदस्यों में से 13 कांग्रेस पार्षदों द्वारा खुद को एक समूह के रूप में पंजीकृत कराया था। ये 13 पार्षद धानोरकर के समर्थक थे। बाद में, वडेट्टीवार का समर्थन करने वाले बाकी 14 पार्षद मौके पर पहुंचे और पंजीकरण पर आपत्ति जताई।
इस पूरे विवाद के बाद एक ऑनलाइन मीटिंग हुई। इसमें तय किया गया कि चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस ग्रुप के नेता का नाम राज्य कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल तय करेंगे, जबकि मेयर और स्टैंडिंग कमेटी पर फैसले सांसद वडेट्टीवार धानोरकर से सलाह करके लेंगे। इस मीटिंग में कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला, सपकाल, धानोरकर और वडेट्टीवार शामिल हुए।
चंद्रपुर नगर निगम में भाजपा ने 23 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस ने 27 सीटें हासिल की हैं। इस निकाय में कुल 66 सदस्य हैं और यहां नियंत्रण पाने के लिए कम से कम 34 पार्षदों की जरूरत होती है।
वडेट्टीवार ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने कांग्रेस पार्षदों के ग्रुप बनाने को लेकर हालिया तनाव के बाद चंद्रपुर की राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। यह भी तय किया गया कि मेयर पद पर फैसले की जिम्मेदारी धानोरकर संभालेंगी, और डिप्टी मेयर का पद उन लोगों को दिया जाएगा जो नगर निकाय सरकार बनाने में कांग्रेस का समर्थन करेंगे।