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कब-कहां योग दिवस में शामिल हुए PM मोदी: कर्तव्य पथ से लेकर यूएन मुख्यालय तक, क्या रही हर साल आयोजन की खास बात?
Sun, 21 Jun 2026 05:59 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 21 Jun 2026 05:59 AM IST
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योग दिवस 2026।
- फोटो : अमर उजाला/AI
आज 21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जा रहा है। अगर बीते कुछ वर्षों की बात करें तो योग अलग-अलग महाद्वीपों में लोगों को जोड़ने वाला एक पर्व बन चुका है। यह खास दिन कुछ देशों तक सीमित न होकर अब एक वैश्विक समारोह की पहचान बना चुका है। आलम यह है कि 2014 में इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बढ़ावा मिलने और इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र की तरफ से 21 जून की तारीख को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद से ही दुनियाभर में योग की लोकप्रियता जबरदस्त तेजी से बढ़ी है।
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आज 21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जा रहा है। अगर बीते कुछ वर्षों की बात करें तो योग अलग-अलग महाद्वीपों में लोगों को जोड़ने वाला एक पर्व बन चुका है। यह खास दिन कुछ देशों तक सीमित न होकर अब एक वैश्विक समारोह की पहचान बना चुका है। आलम यह है कि 2014 में इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बढ़ावा मिलने और इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र की तरफ से 21 जून की तारीख को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद से ही दुनियाभर में योग की लोकप्रियता जबरदस्त तेजी से बढ़ी है।
बीते 12 वर्षों की बात करें तो भारत में हर साल अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग थीम के साथ योग दिवस का आयोजन किया गया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल योग दिवस पर आम लोगों के साथ योग कार्यक्रमों में हिस्सा लेते नजर आए हैं। आइये जानते हैं कि योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मान्यता मिलने के बाद से पीएम मोदी ने कब-कहां योग किया और इस दौरान समारोह से जुड़ी खास बातें क्या रहीं...

खासियत: इस पहले विशाल आयोजन में पीएम मोदी ने 35,985 लोगों के साथ योग किया। इस दिन दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बने। एक सबसे बड़ी योग क्लास के लिए और दूसरा 84 देशों (राष्ट्रीयताओं) के लोगों की सबसे अधिक भागीदारी के लिए। पीएम मोदी ने राजपथ को 'योगपथ' का नाम दिया।

खासियत: इसमें 30,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। पीएम मोदी ने देशों के कम स्वास्थ्य बजट के समाधान के रूप में योग को प्रस्तुत किया और मधुमेह के लिए योग पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

खासियत: इस आयोजन में लगभग 51,000 प्रतिभागियों ने पीएम मोदी के साथ योग किया। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय ने योग फॉर वेलनेस पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया था।

खासियत: इस कार्यक्रम में लगभग 50,000 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने योग को संघर्षरत दुनिया में एक शक्तिशाली और एकजुट करने वाली शक्ति बताया।

खासियत: पीएम मोदी ने लगभग 30,000 से 40,000 लोगों के साथ योग किया। उन्होंने शरीर, मन और समाज के समग्र स्वास्थ्य के लिए योग के महत्व पर जोर दिया।

खासियत: महामारी के कारण सामूहिक आयोजन नहीं हुए; पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने और मेटाबॉलिज्म को मजबूत करने में योग की अहम भूमिका पर विस्तार से बात की।

खासियत: पीएम मोदी ने महामारी के बीच योग को उम्मीद की किरण बताया। इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से एम-योगा (M-Yoga) एप लॉन्च किया गया, जिसमें अलग-अलग भाषाओं में योग ट्रेनिंग के वीडियो उपलब्ध कराए गए।

खासियत: 15,000 प्रतिभागियों के साथ योग हुआ। इस साल गार्जियन रिंग और ग्लोबल योग रिंग कार्यक्रम शुरू किया गया, जो 79 देशों और संयुक्त राष्ट्र संगठनों का एक सहयोगी अभ्यास था।

खासियत: इस ऐतिहासिक आयोजन ने 135 से अधिक राष्ट्रीयताओं के लोगों की भागीदारी के साथ एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। ओशन रिंग ऑफ योग और आर्कटिक से अंटार्कटिक तक योग जैसी अनूठी पहल शुरू की गईं।
थीम: स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग।
खासियत: पीएम मोदी इस साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व कोलकाता के रेड रोड पर करेंगे, जिसके लिए 38,000 लोगों ने पहले ही पंजीकरण करा लिया है। मुख्य कार्यक्रम से पहले 19 जून को कोलकाता में रन फॉर योग का आयोजन किया जाएगा और हुगली नदी के तट पर पश्चिम बंगाल दिवस को चिह्नित करने के लिए ड्रोन शो के साथ वंदे योगम नाम से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। इस वर्ष की थीम के तहत दुनिया भर में बढ़ती उम्र की आबादी के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बनाए रखने तथा दीर्घायु को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बीते 12 वर्षों की बात करें तो भारत में हर साल अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग थीम के साथ योग दिवस का आयोजन किया गया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल योग दिवस पर आम लोगों के साथ योग कार्यक्रमों में हिस्सा लेते नजर आए हैं। आइये जानते हैं कि योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मान्यता मिलने के बाद से पीएम मोदी ने कब-कहां योग किया और इस दौरान समारोह से जुड़ी खास बातें क्या रहीं...
1. 2015

खासियत: इस पहले विशाल आयोजन में पीएम मोदी ने 35,985 लोगों के साथ योग किया। इस दिन दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बने। एक सबसे बड़ी योग क्लास के लिए और दूसरा 84 देशों (राष्ट्रीयताओं) के लोगों की सबसे अधिक भागीदारी के लिए। पीएम मोदी ने राजपथ को 'योगपथ' का नाम दिया।
2. 2016

खासियत: इसमें 30,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। पीएम मोदी ने देशों के कम स्वास्थ्य बजट के समाधान के रूप में योग को प्रस्तुत किया और मधुमेह के लिए योग पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
3. 2017

खासियत: इस आयोजन में लगभग 51,000 प्रतिभागियों ने पीएम मोदी के साथ योग किया। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय ने योग फॉर वेलनेस पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया था।
4. 2018

खासियत: इस कार्यक्रम में लगभग 50,000 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने योग को संघर्षरत दुनिया में एक शक्तिशाली और एकजुट करने वाली शक्ति बताया।
5. 2019

खासियत: पीएम मोदी ने लगभग 30,000 से 40,000 लोगों के साथ योग किया। उन्होंने शरीर, मन और समाज के समग्र स्वास्थ्य के लिए योग के महत्व पर जोर दिया।
6. 2020

खासियत: महामारी के कारण सामूहिक आयोजन नहीं हुए; पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने और मेटाबॉलिज्म को मजबूत करने में योग की अहम भूमिका पर विस्तार से बात की।
7. 2021

खासियत: पीएम मोदी ने महामारी के बीच योग को उम्मीद की किरण बताया। इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से एम-योगा (M-Yoga) एप लॉन्च किया गया, जिसमें अलग-अलग भाषाओं में योग ट्रेनिंग के वीडियो उपलब्ध कराए गए।
8. 2022

खासियत: 15,000 प्रतिभागियों के साथ योग हुआ। इस साल गार्जियन रिंग और ग्लोबल योग रिंग कार्यक्रम शुरू किया गया, जो 79 देशों और संयुक्त राष्ट्र संगठनों का एक सहयोगी अभ्यास था।
9. 2023

खासियत: इस ऐतिहासिक आयोजन ने 135 से अधिक राष्ट्रीयताओं के लोगों की भागीदारी के साथ एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। ओशन रिंग ऑफ योग और आर्कटिक से अंटार्कटिक तक योग जैसी अनूठी पहल शुरू की गईं।
10. 2024

खासियत: इस साल देशभर में रिकॉर्ड 24.53 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन ने कई नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए और योग की यात्रा में एक प्रमुख मील का पत्थर साबित हुआ।

खासियत: इस साल देशभर में रिकॉर्ड 24.53 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन ने कई नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए और योग की यात्रा में एक प्रमुख मील का पत्थर साबित हुआ।
11. 2025

खासियत: 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी ने विशाखापत्तनम के समुद्र तट पर लगभग तीन से पांच लाख लोगों के साथ योग किया। योग संगम के तहत देश भर में 3.5 लाख से अधिक स्थानों पर सामूहिक योग हुआ। पीएम ने वैश्विक शांति के लिए योग फॉर ह्यूमैनिटी 2.0 की शुरुआत का प्रस्ताव भी रखा।

खासियत: 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी ने विशाखापत्तनम के समुद्र तट पर लगभग तीन से पांच लाख लोगों के साथ योग किया। योग संगम के तहत देश भर में 3.5 लाख से अधिक स्थानों पर सामूहिक योग हुआ। पीएम ने वैश्विक शांति के लिए योग फॉर ह्यूमैनिटी 2.0 की शुरुआत का प्रस्ताव भी रखा।
12. और अब 2026
स्थान: रेड रोड, कोलकाता, पश्चिम बंगालथीम: स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग।
खासियत: पीएम मोदी इस साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का नेतृत्व कोलकाता के रेड रोड पर करेंगे, जिसके लिए 38,000 लोगों ने पहले ही पंजीकरण करा लिया है। मुख्य कार्यक्रम से पहले 19 जून को कोलकाता में रन फॉर योग का आयोजन किया जाएगा और हुगली नदी के तट पर पश्चिम बंगाल दिवस को चिह्नित करने के लिए ड्रोन शो के साथ वंदे योगम नाम से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। इस वर्ष की थीम के तहत दुनिया भर में बढ़ती उम्र की आबादी के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बनाए रखने तथा दीर्घायु को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।