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Bengal: STF के शिकंजे में जैश का संदिग्ध आतंकी, निशाने पर था CJP प्रदर्शन; बंगाल सीएम के सुरक्षा पर भी थी नजर
Sat, 01 Aug 2026 10:24 PM IST
Pavan
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: Pavan
Updated Sat, 01 Aug 2026 10:24 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कथित ऑपरेटिव मोहम्मद हमीम मंडल को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ का दावा है कि वह पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के निर्देश पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रख रहा था और जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन में पुलिस की वर्दी पहनकर तोड़फोड़ की साजिश रच रहा था। मामले में उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार भी गिरफ्तार हुई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में उसकी एक महिला साथी को भी पकड़ा गया है। मुख्य आरोपी मोहम्मद हमीम मंडल को पुरबा बर्धमान जिले से शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। जबकि हमीम की कथित महिला मित्र और सहयोगी अर्पिता सरकार को भी शुक्रवार रात को हिरासत में लिया गया। इस दौरा आरोपियों के पास से ब्रिटेन और मैक्सिको के अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड मिले हैं, जिनका इस्तेमाल विदेशी हैंडलर्स से बात करने के लिए किया जाता था।
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क्या थीं बड़ी साजिशें?
एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा के अनुसार, आरोपी हमीम मंडल पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहा था। उसका एक बड़ा प्लान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रखना और उन जगहों की जानकारी जुटाना था जहां वे सुरक्षा घेरे से बाहर होते हैं। इसके साथ ही आरोपी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर तोड़फोड़ और हिंसा फैलाने की योजना बनाई थी। मुख्यमंत्री के अलावा, कई अन्य राजनेता और पुलिस अधिकारी भी इस आतंकी मॉड्यूल के रडार पर थे।
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हनी-ट्रैप और फिरौती का प्लान
एसटीएफ के मुताबिक, हमीम और अर्पिता ने मिलकर पश्चिम बंगाल के एक राज्य मंत्री के बेटे को 'हनी-ट्रैप' में फंसाकर अगवा करने और फिरौती वसूलने की साजिश रची थी। यह पूरी साजिश पाकिस्तान स्थित शाहिद भट्टी गैंग के इशारे पर रची गई थी। अर्पिता सोशल मीडिया के जरिए इस पूरे नेटवर्क से जुड़ी हुई थी।
सोशल मीडिया के जरिए हुई थी कट्टरपंथी सोच की शुरुआत
मामले की जांच में सामने आया कि हमीम मंडल सबसे पहले इंस्टाग्राम पर पाकिस्तान के कुछ लोगों के संपर्क में आया था। इसके बाद वह व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एलिमेंट एक्स और सेशन जैसे एनक्रिप्टेड एप्स के जरिए हैंडलर्स से चैट करने लगा। जिन पाकिस्तानी हैंडलर्स से वह बात कर रहा था, उनके कोडनेम 'राना', 'उजैर', 'आबिद जट्ट 333' और 'हमाद' बताए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें- Khabaron Ke Khiladi: हंगामे के बीच बिल पारित, पर सियासत जारी; विश्लेषकों ने बताया कौन किस पर कितना भारी?
फिलहाल, पुलिस और एसटीएफ इस मामले की बेहद बारीकी से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बहुत संवेदनशील है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
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क्या थीं बड़ी साजिशें?
एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा के अनुसार, आरोपी हमीम मंडल पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहा था। उसका एक बड़ा प्लान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रखना और उन जगहों की जानकारी जुटाना था जहां वे सुरक्षा घेरे से बाहर होते हैं। इसके साथ ही आरोपी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर तोड़फोड़ और हिंसा फैलाने की योजना बनाई थी। मुख्यमंत्री के अलावा, कई अन्य राजनेता और पुलिस अधिकारी भी इस आतंकी मॉड्यूल के रडार पर थे।
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हनी-ट्रैप और फिरौती का प्लान
एसटीएफ के मुताबिक, हमीम और अर्पिता ने मिलकर पश्चिम बंगाल के एक राज्य मंत्री के बेटे को 'हनी-ट्रैप' में फंसाकर अगवा करने और फिरौती वसूलने की साजिश रची थी। यह पूरी साजिश पाकिस्तान स्थित शाहिद भट्टी गैंग के इशारे पर रची गई थी। अर्पिता सोशल मीडिया के जरिए इस पूरे नेटवर्क से जुड़ी हुई थी।
सोशल मीडिया के जरिए हुई थी कट्टरपंथी सोच की शुरुआत
मामले की जांच में सामने आया कि हमीम मंडल सबसे पहले इंस्टाग्राम पर पाकिस्तान के कुछ लोगों के संपर्क में आया था। इसके बाद वह व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एलिमेंट एक्स और सेशन जैसे एनक्रिप्टेड एप्स के जरिए हैंडलर्स से चैट करने लगा। जिन पाकिस्तानी हैंडलर्स से वह बात कर रहा था, उनके कोडनेम 'राना', 'उजैर', 'आबिद जट्ट 333' और 'हमाद' बताए जा रहे हैं।
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फिलहाल, पुलिस और एसटीएफ इस मामले की बेहद बारीकी से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बहुत संवेदनशील है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।