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Crimes In Kolkata: कोलकाता में चोरी के बढ़ते मामले, पुलिस की अपील- तुरंत कराएं घरेलू कर्मचारियों का सत्यापन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: पवन पांडेय Updated Sun, 08 Feb 2026 03:43 PM IST
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सार

कोलकाता पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरेलू कर्मचारियों का पंजीकरण कोलकाता पुलिस के 'बंधु' मोबाइल एप या आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद 'घरेलू सहायता प्रोफाइल' के जरिए जरूर कराएं। अगर बुजुर्ग तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर सकते, तो उनके बच्चों या परिवार के अन्य सदस्यों को यह काम तुरंत कर देना चाहिए।

Kolkata police recommends mandatory verification of caregivers to prevent household crimes
सुप्रतिम सरकार, कोलकाता पुलिस आयुक्त - फोटो : ANI
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विस्तार

कोलकाता पुलिस ने घरों में चोरी और अन्य अपराधों को रोकने के लिए घरेलू कर्मचारियों और देखभाल करने वालों का अनिवार्य सत्यापन कराने की सलाह दी है। पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच दर्ज हुई 104 चोरी की घटनाओं में से 32 मामलों में घरेलू नौकर, मेड या केयरगिवर शामिल पाए गए। यानी करीब 31 फीसदी चोरी में घरेलू स्टाफ की भूमिका सामने आई है।
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फरवरी के आठ दिनों में 11 मामले दर्ज
फरवरी के पहले हफ्ते में भी दर्ज 11 मामलों में से तीन मामले घरेलू कर्मचारियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि बुजुर्गों के घर खास तौर पर ज्यादा असुरक्षित हो रहे हैं। हाल ही में बेहाला इलाके में एक बुजुर्ग महिला की हत्या का मामला भी सामने आया, जिसमें आरोप है कि हत्या उसके पूर्व केयरगिवर ने की।

पंजीकरण में भरी जाती हैं ये जानकारियां
पुलिस के 'बंधु' मोबाइल एप या आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद 'घरेलू सहायता प्रोफाइल' से सत्यापन कराया जा रहा है। इस फॉर्म में कर्मचारी का पहचान पत्र, स्थायी पता और फोटो जैसी जानकारियां मांगी जाती हैं, जिससे जांच में मदद मिल सके और अपराध रोके जा सकें। पुलिस ने बताया कि अपार्टमेंट्स और उन इलाकों में जागरूकता अभियान तेज किए जा रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में बुजुर्ग अकेले रहते हैं।

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केयरगिवर सेंटर चलाने वाले भी बरत रहे सावधानी
इस बीच, बांसड्रोनी इलाके में केयरगिवर सेंटर चलाने वाले सोमनाथ दास ने कहा कि वे अपने यहां काम करने वाले करीब 250 कर्मियों के आधार और वोटर कार्ड की जांच करते हैं और जानकारी स्थानीय पुलिस स्टेशन को देते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अस्थायी और बिना जांच वाले केयरगिवर सेंटर नियमों का पालन नहीं करते, जिससे पूरे क्षेत्र की बदनामी होती है।

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