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Vijaya Mehta Passes Away: दिग्गज थिएटर निर्देशक विजया मेहता का निधन, 91 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Wed, 01 Jul 2026 01:26 AM IST
Pavan पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: Pavan Updated Wed, 01 Jul 2026 01:26 AM IST
सार

मराठी थिएटर की दिग्गज निर्देशक, अभिनेत्री और फिल्मकार विजया मेहता का मंगलवार रात उम्र संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया। उन्हें रंगमंच की दुनिया में प्यार से 'बाई' कहा जाता था। उन्होंने अपने लंबे करियर में मराठी थिएटर और भारतीय समानांतर सिनेमा को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

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Legendary Marathi theatre director Vijaya Mehta passes away, Actors pays emotional tribute
दिग्गज थिएटर निर्देशक विजया मेहता का निधन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

मराठी रंगमंच और भारतीय थिएटर की दिग्गज निर्देशक, अभिनेत्री और निर्माता विजया मेहता का मंगलवार को उनके मुंबई स्थित घर पर निधन हो गया। एएनआई के अनुसार, वह 91 वर्ष की थीं। रंगमंच की दुनिया में उन्हें प्यार से 'बाई' कहा जाता था। छह दशक से अधिक लंबे अपने करियर में उन्होंने भारतीय थिएटर और समानांतर सिनेमा को नई दिशा दी। उनके निधन की जानकारी अभिनेता अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट और वीडियो साझा करके दी। उन्होंने विजया मेहता को भारतीय रंगमंच की सबसे महान हस्तियों में से एक बताते हुए कहा कि उनके साथ काम करना उनके जीवन का बड़ा सौभाग्य था।
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अनुपम खेर बोले- हर रिहर्सल में नया सीखने को मिला
अनुपम खेर ने लिखा कि उन्होंने फिल्मों राव साहेब और पेस्टनजी में विजया मेहता के साथ काम किया था। उस समय तक वह कई फिल्मों में अभिनय कर चुके थे, लेकिन विजया मेहता के साथ हर रिहर्सल ने उन्हें यह एहसास कराया कि अभिनय की कला कितनी विशाल है। उन्होंने कहा कि विजया मेहता कभी अपना ज्ञान दूसरों पर थोपती नहीं थीं, बल्कि अपने व्यवहार और काम के जरिए सिखाती थीं। वह कभी ऊंची आवाज में बात नहीं करती थीं, बल्कि कलाकारों के काम का स्तर ऊंचा कर देती थीं। उनकी सादगी, अनुशासन और विनम्रता हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।
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'मेरे लिए यह व्यक्तिगत क्षति है'
प्रसिद्ध अभिनेता विजय केंकरे ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने मंगलवार रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच दक्षिण मुंबई स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनके परिवार में एक बेटी और दो बेटे हैं। विजय केंकरे ने कहा कि उन्हें विजया मेहता के निधन की जानकारी उनकी बेटी से मिली। उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। वह मेरी गुरु थीं'। उन्होंने बताया कि 1990 के दशक में प्रसारित टीवी धारावाहिक 'लाइफलाइन' में वह विजया मेहता के मुख्य सहायक रहे थे। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य परियोजनाओं में भी उनके साथ करीब से काम किया था।
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'वह बेहतरीन और अनुशासित निर्देशक थीं'
विजय केनक्रे ने विजया मेहता को याद करते हुए कहा कि वह देश की सबसे बेहतरीन निर्देशकों में से एक थीं। उनके अनुसार, वह अपने काम में बेहद अनुशासित, बारीकियों पर ध्यान देने वाली और थिएटर की शुद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने वाली कलाकार थीं।

राजनीतिक नेताओं ने भी जताया शोक
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार ने भी विजया मेहता के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि विजया मेहता ने अपनी रचनात्मक सोच, शानदार निर्देशन और रंगमंच के प्रति समर्पण से मराठी ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय थिएटर को नई पहचान दी। उनका काम आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

भारतीय रंगमंच को दी नई पहचान
विजया मेहता मुंबई के प्रयोगधर्मी थिएटर समूह रंगायन की संस्थापक सदस्यों में शामिल थीं। इस समूह में प्रसिद्ध नाटककार विजय तेंदुलकर, अभिनेता अरविंद देशपांडे और श्रीराम लागू भी शामिल थे। उन्होंने 'एक शून्य बाजीराव' और 'अजब न्याय वर्तुलाचा' जैसे चर्चित नाटकों का निर्देशन किया। वहीं 'राव साहेब' और 'पेस्टनजी' जैसी फिल्मों के निर्देशन से भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। इन दोनों फिल्मों को समीक्षकों ने काफी सराहा। अभिनय के क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई। वह निर्देशक गोविंद निहलानी की वर्ष 1984 की चर्चित फिल्म 'पार्टी' में नजर आई थीं। समानांतर सिनेमा में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा और उन्होंने 'कलयुग' तथा 'पार्टी' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों और समीक्षकों की खूब प्रशंसा हासिल की।


कई बड़े सम्मानों से हुई थीं सम्मानित
4 नवंबर 1934 को बड़ौदा (अब वडोदरा) में जन्मी विजया मेहता का मूल नाम विजया जयवंत था। उन्होंने रंगमंच की शिक्षा मशहूर थिएटर गुरु इब्राहिम अल्काजी और आदि मर्जबान से प्राप्त की। अपने लंबे और शानदार करियर में उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। उन्हें वर्ष 1986 में पद्म श्री, 1975 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2012 में टैगोर रत्न और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। विजया मेहता के निधन से भारतीय रंगमंच और समानांतर सिनेमा ने अपनी एक ऐसी हस्ती को खो दिया है, जिनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
 
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