Maharashtra: गुलशन कुमार हत्याकांड के दोषी का दिल का दौरा पड़ने से मौत; ठाणे में वन अधिकारी घूस लेते गिरफ्तार
ठाणे में वन अधिकारी 2.10 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक वन क्षेत्र अधिकारी को 2.10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी भगवान भोईर ने शाहपुर तालुका के जंगली रास्ते से मालवाहक ट्रकों को गुजरने देने के बदले यह रकम मांगी थी। एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता के छह ट्रकों को कश्ती वन क्षेत्र से गुजरना था। आरोपी भोईर और एक अन्य वन रक्षक ने प्रति ट्रक 75,000 रुपये के हिसाब से कुल 4.50 लाख रुपये की मांग की थी। बातचीत के बाद मामला 2.10 लाख रुपये में तय हुआ। शुक्रवार को जब भोईर खर्डी-वाडा रोड पर रिश्वत ले रहा था, तभी एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ शाहपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शनिवार तड़के मुंबई के उपनगरीय गोरेगांव के भगत सिंह नगर इलाके में एक रिहायशी इमारत में आग लगने से एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। प्रभावित एक मंजिला इमारत राजाराम लेन में स्थित है। आग लगने की सूचना मुंबई फायर ब्रिगेड को सुबह 3:06 बजे दी गई। उन्होंने बताया कि आग ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर बिजली की वायरिंग और घरेलू सामान तक ही सीमित थी।
दमकल कर्मियों के आने से पहले स्थानीय लोगों ने पानी की बाल्टियों से आग बुझाई। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंचने के बाद दमकल कर्मियों ने बिजली की सप्लाई काट दी। अधिकारियों ने बताया कि तीनों लोगों को ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें "मृत घोषित" कर दिया। मृतकों की पहचान हर्षदा पावस्कर (19), कुशल पावस्कर (12), और संजोग पावस्कर (48) के रूप में हुई है।
ठाणे: दीवार गिरने से गाड़ियां क्षतिग्रस्त; कोई घायल नहीं
उन्होंने बताया कि दीवार का बचा हुआ हिस्सा बहुत खतरनाक हालत में था। तडवी ने कहा, "मौके पर पहुंचने के बाद पता चला कि गिरी हुई दीवार से कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जबकि बची हुई संरचना से सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा था।" तडवी ने बताया कि मलबा तुरंत हटा दिया गया और सभी प्रभावित गाड़ियों को हटा दिया गया। इसके बाद जेसीबी का इस्तेमाल करके दीवार के खतरनाक रूप से अस्थिर हिस्से को गिरा दिया गया। क्षतिग्रस्त गाड़ियों में एक कार, दो ऑटो-रिक्शा, दो छोटे टेम्पो और दो दोपहिया वाहन शामिल हैं।
महाराष्ट्र के मीरा रोड के काशीगांव इलाके में सड़क पर पेशाब करना दो लोगों को महंगा पड़ गया। सोशल मीडिया पर इनका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि यह घटना सात जनवरी को एक स्कूल के पास हुई थी। सीनियर इंस्पेक्टर राहुल पाटिल ने इंस्टाग्राम पर यह वीडियो देखा था। इसके बाद उन्होंने सब-इंस्पेक्टर अभिजीत लांडे की टीम को जांच का जिम्मा सौंपा। पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों का पता लगा लिया।
आरोपियों को खिलाफ दर्ज हुआ केस
आरोपियों की पहचान 36 साल के वसीम शकील शेख और 44 साल के दिलीप राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वसीम पेशे से ड्राइवर है, जबकि दिलीप एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। पुलिस ने दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सार्वजनिक जगह पर अश्लीलता फैलाने और बीमारी का खतरा पैदा करने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है।
अदालत ने पुलिस की गवाही पर उठाए सवाल
अदालत ने पुलिस की गवाही पर भी सवाल उठाए। सुनवाई के दौरान एक गवाह ने अदालत में गलत व्यक्ति की पहचान की और उसे आरोपी के रूप में बताया। पुलिस का कहना था कि रैली कोलाबा से मंत्रालय जा रही थी। आरोप था कि रैली ने अपना रास्ता बदल लिया था। इसके बाद आजाद मैदान पुलिस ने करीब 400 लोगों पर केस दर्ज किया था। हालांकि, गवाहों ने माना कि रैली के लिए इजाजत ली गई थी।
पुलिस अधिकारी ने दी जानकारी
पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था, बल्कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर छोड़ा गया है। लंदन से आने पर पाटिल और उनकी पत्नी से प्रारंभिक पूछताछ की गई। बीएनएसएस की यह धारा पुलिस को उन मामलों में गिरफ्तारी के बजाय आरोपी को पेश होने के लिए नोटिस जारी करने का अधिकार देती है जिनमें सजा कम होती है।