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Updates: महाराष्ट्र में दो करोड़ छात्रों ने बनाया विश्व रिकॉर्ड; नामजद नेता की मौत, शिवसेना UBT ने उठाए सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 27 Jan 2026 12:00 PM IST
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महाराष्ट्र की बड़ी खबरें
- फोटो : अमर उजाला
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महाराष्ट्र में गणतंत्र दिवस के मौके पर एक ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ। 'राष्ट्र प्रथम' पहल के तहत राज्य के एक लाख से ज्यादा स्कूलों के दो करोड़ से अधिक छात्रों ने एक साथ देशभक्ति गीतों पर सामूहिक व्यायाम किया। यह आयोजन इतना बड़ा था कि इसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी है। इस कार्यक्रम में करीब सात लाख शिक्षक भी शामिल हुए। सभी स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद छात्रों ने एक साथ अनुशासित ढंग से व्यायाम मार्च किया। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 14 मिनट का एक विशेष प्रशिक्षण वीडियो सभी स्कूलों को भेजा था, ताकि बच्चे पहले से अभ्यास कर सकें। पिछले कई महीनों से इसकी तैयारी चल रही थी।
स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि इस पहल का मकसद छात्रों के मन में देशभक्ति, अनुशासन और एकता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड और सामाजिक संगठनों का भी पूरा सहयोग मिला। इसके अलावा, छत्रपति संभाजीनगर जिले में हुए कार्यक्रम को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है। मंत्री ने कहा कि अब हर शनिवार को सभी स्कूलों में देशभक्ति गीतों पर सामूहिक व्यायाम कराया जाएगा। इससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना और भी गहरी होगी।
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स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि इस पहल का मकसद छात्रों के मन में देशभक्ति, अनुशासन और एकता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड और सामाजिक संगठनों का भी पूरा सहयोग मिला। इसके अलावा, छत्रपति संभाजीनगर जिले में हुए कार्यक्रम को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है। मंत्री ने कहा कि अब हर शनिवार को सभी स्कूलों में देशभक्ति गीतों पर सामूहिक व्यायाम कराया जाएगा। इससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना और भी गहरी होगी।
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'लापता' पार्षद के पोस्टर मामले में नामजद शिवसेना यूबीटी नेता की मौत
ठाणे जिले के कल्याण में शिवसेना यूबीटी के एक पदाधिकारी रमेश टीके की मौत हो गई है। पार्टी का दावा है कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। रमेश टीके उस मामले में नामजद थे, जिसमें एक नगरसेवक को ‘लापता’ बताने वाले पोस्टर लगाए गए थे। यह मामला केडीएमसी के नवनिर्वाचित पार्षद मधुर मात्रे से जुड़ा है। कुछ दिन पहले कल्याण के कोलसेवाड़ी इलाके में ऐसे पोस्टर लगे थे, जिनमें कहा गया था कि मधुर मात्रे लापता हैं और अगर कोई उन्हें देखे तो शिवसेना यूबीटी से संपर्क करे। रमेश टीके इन्हीं पोस्टरों को लगाने वालों में शामिल थे।
इसके बाद मधुर मात्रे के पिता उमेश मात्रे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनका बेटा लापता नहीं है, बल्कि तीर्थ यात्रा पर गया है और परिवार से संपर्क में है। उन्होंने पोस्टर लगाने वालों पर मानहानि का आरोप लगाया। पुलिस ने इसी आधार पर रमेश टीके सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। शिवसेना यूबीटी का कहना है कि पुलिस के लगातार बुलावे और मानसिक दबाव की वजह से रमेश टीके बहुत तनाव में थे। पार्टी नेताओं ने उनकी मौत को गंभीर बताते हुए इसे साजिश बताया है और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि अभी मौत की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है और मामले की जांच जारी है।
ठाणे जिले के कल्याण में शिवसेना यूबीटी के एक पदाधिकारी रमेश टीके की मौत हो गई है। पार्टी का दावा है कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। रमेश टीके उस मामले में नामजद थे, जिसमें एक नगरसेवक को ‘लापता’ बताने वाले पोस्टर लगाए गए थे। यह मामला केडीएमसी के नवनिर्वाचित पार्षद मधुर मात्रे से जुड़ा है। कुछ दिन पहले कल्याण के कोलसेवाड़ी इलाके में ऐसे पोस्टर लगे थे, जिनमें कहा गया था कि मधुर मात्रे लापता हैं और अगर कोई उन्हें देखे तो शिवसेना यूबीटी से संपर्क करे। रमेश टीके इन्हीं पोस्टरों को लगाने वालों में शामिल थे।
इसके बाद मधुर मात्रे के पिता उमेश मात्रे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनका बेटा लापता नहीं है, बल्कि तीर्थ यात्रा पर गया है और परिवार से संपर्क में है। उन्होंने पोस्टर लगाने वालों पर मानहानि का आरोप लगाया। पुलिस ने इसी आधार पर रमेश टीके सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। शिवसेना यूबीटी का कहना है कि पुलिस के लगातार बुलावे और मानसिक दबाव की वजह से रमेश टीके बहुत तनाव में थे। पार्टी नेताओं ने उनकी मौत को गंभीर बताते हुए इसे साजिश बताया है और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि अभी मौत की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है और मामले की जांच जारी है।
संजय गांधी नेशनल पार्क इलाके में बस्तियों पर कार्रवाई से भड़के आदिवासी, डिप्टी सीएम शिंदे के घर के बाहर किया प्रदर्शन
संजय गांधी नेशनल पार्क इलाके में रहने वाले आदिवासियों ने अपनी बस्तियां गिराए जाने का कड़ा विरोध किया है। इसके चलते उन्होंने ठाणे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के घर के बाहर प्रदर्शन किया। आदिवासियों का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से इस जगह पर रह रहे हैं। सोमवार को प्रशासन ने उनके घरों को गिराने की कार्रवाई की। इससे नाराज होकर आदिवासियों ने देर रात शिंदे के घर के बाहर जमा होकर अपनी आवाज उठाई।
राज्य आदिवासी विकास समिति के अध्यक्ष विवेक पंडित ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि जब तक 2018 की पुनर्वास योजना लागू नहीं हो जाती और प्रभावित परिवारों को दूसरी जगह नहीं बसाया जाता, तब तक तोड़फोड़ नहीं होनी चाहिए। हालांकि, पुनर्वास योजना पर चर्चा के लिए अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद आदिवासियों ने आंदोलन खत्म कर दिया। यह जानकारी प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले एक सामाजिक संगठन के पदाधिकारी ने दी।
संजय गांधी नेशनल पार्क इलाके में रहने वाले आदिवासियों ने अपनी बस्तियां गिराए जाने का कड़ा विरोध किया है। इसके चलते उन्होंने ठाणे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के घर के बाहर प्रदर्शन किया। आदिवासियों का कहना है कि वे कई पीढ़ियों से इस जगह पर रह रहे हैं। सोमवार को प्रशासन ने उनके घरों को गिराने की कार्रवाई की। इससे नाराज होकर आदिवासियों ने देर रात शिंदे के घर के बाहर जमा होकर अपनी आवाज उठाई।
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