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MEA: पासपोर्ट सेवाओं में बड़ा विस्तार, 2025 में 1.5 करोड़ से अधिक सेवाएं दी गईं; विदेश यात्रा भी हुई आसान
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Wed, 24 Jun 2026 06:42 PM IST
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सार
विदेश मंत्रालय के अनुसार, साल 2025 में 1.5 करोड़ पासपोर्ट और संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें 1.39 करोड़ पासपोर्ट शामिल हैं। पुलिस सत्यापन को छोड़कर पासपोर्ट छह दिन में जारी हो रहा है। वहीं, पिछले 10 वर्षों में देश में पासपोर्ट केंद्रों की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है। जबकिस भारतीयों के लिए 27 देशों में वीजा-फ्री, 47 में वीजा ऑन अराइवल और 66 देशों में ई-वीजा की सुविधा उपलब्ध है।
विदेश मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
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विस्तार
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा है कि भारत में पासपोर्ट सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है और लोगों को पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक सेवाएं मिल रही हैं। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में देशभर में 1.5 करोड़ पासपोर्ट और उससे जुड़ी सेवाएं प्रदान की गईं। इनमें केवल पासपोर्ट जारी करने की संख्या 1.39 करोड़ रही।
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आवेदकों को मिल रहीं काफी सुविधाएं
अधिकारी ने बताया कि पुलिस सत्यापन (पुलिस वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया को छोड़कर पासपोर्ट जारी करने में औसतन छह कार्य दिवस का समय लग रहा है। वहीं, पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) में लोगों का औसत समय 45 मिनट से भी कम रह गया है, जिससे आवेदकों को काफी सुविधा मिल रही है।
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10 वर्ष पहले केवल 77 पासपोर्ट केंद्र थे- MEA
पासपोर्ट सेवा नेटवर्क के विस्तार पर उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पहले देश में केवल 77 पासपोर्ट केंद्र थे, जबकि अब उनकी संख्या बढ़कर 545 हो गई है। यानी पिछले एक दशक में केंद्रों की संख्या में लगभग छह गुना वृद्धि हुई है। मंत्रालय ने पिछले वर्ष 10 नए पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले थे और इस वर्ष भी 10 नए केंद्र शुरू किए जाएंगे।
विदेश यात्राएं भी हुई आसान
विदेश यात्रा के लिहाज से भी भारतीय नागरिकों के लिए स्थिति बेहतर हुई है। अधिकारी के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब 27 देशों में वीजा-फ्री (बिना वीजा) प्रवेश की सुविधा मिलती है। वर्ष 2019 में यह संख्या 16 थी। इसके अलावा 47 देश भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल (पहुंचने पर वीजा) की सुविधा देते हैं, जबकि 66 देश ई-वीजा उपलब्ध कराते हैं।
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यूरोपीय देशों के साथ किए गए कई मोबिलिटी एग्रीमेंट
अधिकारी ने बताया कि भारत ने खासकर यूरोपीय देशों के साथ कई मोबिलिटी एग्रीमेंट किए हैं। इन समझौतों का लाभ छात्रों, शिक्षाविदों, प्रशिक्षुओं, पर्यटकों और कारोबारियों को मिलेगा। साथ ही, अवैध रूप से विदेशों में रह रहे प्रवासियों की वापसी को आसान बनाने के लिए भी एक व्यवस्थित तंत्र तैयार किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि इन कदमों से भारतीय नागरिकों की वैश्विक आवाजाही और विदेश यात्रा पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक बन रही है।
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आवेदकों को मिल रहीं काफी सुविधाएं
अधिकारी ने बताया कि पुलिस सत्यापन (पुलिस वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया को छोड़कर पासपोर्ट जारी करने में औसतन छह कार्य दिवस का समय लग रहा है। वहीं, पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) में लोगों का औसत समय 45 मिनट से भी कम रह गया है, जिससे आवेदकों को काफी सुविधा मिल रही है।
10 वर्ष पहले केवल 77 पासपोर्ट केंद्र थे- MEA
पासपोर्ट सेवा नेटवर्क के विस्तार पर उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पहले देश में केवल 77 पासपोर्ट केंद्र थे, जबकि अब उनकी संख्या बढ़कर 545 हो गई है। यानी पिछले एक दशक में केंद्रों की संख्या में लगभग छह गुना वृद्धि हुई है। मंत्रालय ने पिछले वर्ष 10 नए पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले थे और इस वर्ष भी 10 नए केंद्र शुरू किए जाएंगे।
विदेश यात्राएं भी हुई आसान
विदेश यात्रा के लिहाज से भी भारतीय नागरिकों के लिए स्थिति बेहतर हुई है। अधिकारी के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब 27 देशों में वीजा-फ्री (बिना वीजा) प्रवेश की सुविधा मिलती है। वर्ष 2019 में यह संख्या 16 थी। इसके अलावा 47 देश भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल (पहुंचने पर वीजा) की सुविधा देते हैं, जबकि 66 देश ई-वीजा उपलब्ध कराते हैं।
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यूरोपीय देशों के साथ किए गए कई मोबिलिटी एग्रीमेंट
अधिकारी ने बताया कि भारत ने खासकर यूरोपीय देशों के साथ कई मोबिलिटी एग्रीमेंट किए हैं। इन समझौतों का लाभ छात्रों, शिक्षाविदों, प्रशिक्षुओं, पर्यटकों और कारोबारियों को मिलेगा। साथ ही, अवैध रूप से विदेशों में रह रहे प्रवासियों की वापसी को आसान बनाने के लिए भी एक व्यवस्थित तंत्र तैयार किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि इन कदमों से भारतीय नागरिकों की वैश्विक आवाजाही और विदेश यात्रा पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक बन रही है।