{"_id":"677c2281cd670e493b020995","slug":"mamata-banerjee-raised-the-demand-to-declare-gangasagar-mela-as-a-national-fair-west-bengal-news-in-hindi-2025-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: ममता ने की गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग, कहा- वादा पूरा नहीं कर रही भाजपा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: ममता ने की गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग, कहा- वादा पूरा नहीं कर रही भाजपा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: शुभम कुमार
Updated Tue, 07 Jan 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
सार
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने गंगासागर मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर वादा नहीं पूरा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमने गंगासागर के लिए बहुत कुछ किया है, लेकिन केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय मेला बनाने की हमारी मांग पर ध्यान नहीं देती।
ममता बनर्जी
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को केंद्र सरकार से गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने सागर द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ने के लिए पुल बनाने का वादा पूरा नहीं किया। साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि हमने गंगासागर के लिए बहुत कुछ किया है, लेकिन केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय मेला बनाने की हमारी मांग पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने यह भी कहा कि कुंभ मेला के लिए केंद्र सरकार हजारों करोड़ रुपये देती है, जबकि गंगासागर मेले के लिए मदद नहीं मिल रही है।
सीएम ममता बनर्जी का आरोप
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने तीर्थयात्रियों को सागर द्वीप तक पहुंचने में सहूलियत देने के लिए पुल बनाने का वादा किया था, लेकिन वह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। ममता बनर्जी ने कहा कि अब उनकी सरकार खुद ही पुल बनाने की योजना बना रही है और इसके लिए सर्वेक्षण और टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि पुल बनाने में तीन से चार साल का समय लगेगा और इसकी लागत करीब 1,500 करोड़ रुपये होगी। साथ ही बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने गंगासागर मेले के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया है और वहां एक हेलीपैड भी तैयार किया है। इसके अलावा, उन्होंने कपिल मुनि आश्रम के पुजारी से अनुरोध किया कि वह समुद्र को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कंक्रीट संरचनाओं का निर्माण करें।
मुख्य सचिव को दिया निर्देश
अपने बयान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगे ये भी कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि गोसाबा और पाथरप्रतिमा के लिए अलग उप-विभाग बनाए जाएं, जिससे इन इलाकों के लोगों को सरकारी काम में आसानी हो सके।
गंगासागर मेला पर एक नजर
बता दें कि हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर पश्चिम बंगाल के गंगासागर पर स्थित कापिलमुनि के आश्रम में लगने वाला गंगासागर मेला हिंदू धर्म का दूसरा सबसे बड़ा मेला माना जाता है। यह मेला तिथी के अनुसार हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है।
Trending Videos
सीएम ममता बनर्जी का आरोप
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने तीर्थयात्रियों को सागर द्वीप तक पहुंचने में सहूलियत देने के लिए पुल बनाने का वादा किया था, लेकिन वह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। ममता बनर्जी ने कहा कि अब उनकी सरकार खुद ही पुल बनाने की योजना बना रही है और इसके लिए सर्वेक्षण और टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि पुल बनाने में तीन से चार साल का समय लगेगा और इसकी लागत करीब 1,500 करोड़ रुपये होगी। साथ ही बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने गंगासागर मेले के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाया है और वहां एक हेलीपैड भी तैयार किया है। इसके अलावा, उन्होंने कपिल मुनि आश्रम के पुजारी से अनुरोध किया कि वह समुद्र को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कंक्रीट संरचनाओं का निर्माण करें।
मुख्य सचिव को दिया निर्देश
अपने बयान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगे ये भी कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि गोसाबा और पाथरप्रतिमा के लिए अलग उप-विभाग बनाए जाएं, जिससे इन इलाकों के लोगों को सरकारी काम में आसानी हो सके।
गंगासागर मेला पर एक नजर
बता दें कि हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर पश्चिम बंगाल के गंगासागर पर स्थित कापिलमुनि के आश्रम में लगने वाला गंगासागर मेला हिंदू धर्म का दूसरा सबसे बड़ा मेला माना जाता है। यह मेला तिथी के अनुसार हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है।