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हेल्थ पॉलिसी के नाम पर ठगी: लोगों के क्रेडिट कार्ड से खरीदते थे सोना, कई राज्यों में फैला नेटवर्क; 12 गिरफ्तार
Tue, 14 Jul 2026 02:54 PM IST
नवीन पारमुवाल
सुनील मेहरोत्रा, अमर उजाला, मुंबई
सुनील मेहरोत्रा, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Tue, 14 Jul 2026 02:54 PM IST
सार
मुंबई की गोवंडी पुलिस ने हेल्थ पॉलिसी के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 3 फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी करके 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ठगी के पैसों से सोना खरीदते थे।
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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
मुंबई की गोवंडी पुलिस ने हेल्थ पॉलिसी के नाम पर लोगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ करते हुए कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और गोल्ड के सिक्कों समेत करीब 17 लाख रुपये से ज्यादा का सामान जब्त किया गया है।
कैसे हुआ इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक पीड़ित ने गोवंडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता को आरोपियों ने फोन करके खुद को एचडीएफसी एर्गो हेल्थ पॉलिसी के ऑफिस से होने का झांसा दिया था। ठगों ने पीड़ित से झूठ बोला कि उनकी पॉलिसी पर 1 लाख 53 हजार 825 रुपये का 'नो क्लेम बोनस' मिलने वाला है, जिसे हासिल करने के लिए एक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस झांसे में आकर पीड़ित ने अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी उनके साथ साझा कर दी। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर अलग-अलग तरीके से कुल 3 लाख 43 हजार रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी कर दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मुंबई के डीसीपी समीर शेख ने मंगलवार को बताया कि गोवंडी पुलिस की साइबर टीम ने मामले का टेक्निकल इन्वेस्टीगेशन शुरू किया, तो उन्हें कुर्ला पश्चिम के कोहिनूर सिटी मॉल में मौजूद 'एम.के. रिक्रूटमेंट मैनपावर' नाम की जगह पर फर्जी कॉल सेंटर चलने की जानकारी मिली। पुलिस ने वहां छापा मारकर फर्जी कॉल सेंटर चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर, लैपटॉप, वाई-फाई राउटर, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और ग्राहकों को फंसाने वाली कॉलिंग स्क्रिप्ट बरामद की। मौके से 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। यह आरोपी ठगी के पैसों से क्रेडिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन गोल्ड के सिक्के और दूसरा सामान ऑर्डर करते थे।
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लोगों को कैसे बनाते थे निशाना?
डीसीपी समीर शेख ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो पता चला कि ये लोग एचडीएफसी कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस लेने वाले ग्राहकों का डेटा और सिम कार्ड हासिल कर उन्हें निशाना बनाते थे। पुलिस ने डेटा और सिम कार्ड सप्लाई करने वाले 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुंबई के आसाल्फा विलेज के साईं लीलावती निवास और कोहिनूर मॉल के एक अन्य गाले में चल रहे दो और फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी की। वहां से भी कॉल सेंटर का पूरा सामान जब्त किया गया और बाकी आरोपियों को पकड़ा गया।
आरोपियों से क्या-क्या सामान बरामद?
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 29 कंप्यूटर, 5 लैपटॉप, 15 मोबाइल फोन, 3 राउटर, 15 सिम कार्ड, कॉलिंग स्क्रिप्ट और ऑनलाइन खरीदे गए 28 ग्राम से ज्यादा के गोल्ड के सिक्के जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत 17 लाख 18 हजार 200 रुपये है। डीसीपी शेख ने बताया कि आरोपियों ने इसी तरह देश के अन्य राज्यों के बीमा ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी की है।
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कैसे हुआ इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक पीड़ित ने गोवंडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता को आरोपियों ने फोन करके खुद को एचडीएफसी एर्गो हेल्थ पॉलिसी के ऑफिस से होने का झांसा दिया था। ठगों ने पीड़ित से झूठ बोला कि उनकी पॉलिसी पर 1 लाख 53 हजार 825 रुपये का 'नो क्लेम बोनस' मिलने वाला है, जिसे हासिल करने के लिए एक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस झांसे में आकर पीड़ित ने अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी उनके साथ साझा कर दी। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर अलग-अलग तरीके से कुल 3 लाख 43 हजार रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी कर दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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मुंबई के डीसीपी समीर शेख ने मंगलवार को बताया कि गोवंडी पुलिस की साइबर टीम ने मामले का टेक्निकल इन्वेस्टीगेशन शुरू किया, तो उन्हें कुर्ला पश्चिम के कोहिनूर सिटी मॉल में मौजूद 'एम.के. रिक्रूटमेंट मैनपावर' नाम की जगह पर फर्जी कॉल सेंटर चलने की जानकारी मिली। पुलिस ने वहां छापा मारकर फर्जी कॉल सेंटर चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर, लैपटॉप, वाई-फाई राउटर, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और ग्राहकों को फंसाने वाली कॉलिंग स्क्रिप्ट बरामद की। मौके से 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। यह आरोपी ठगी के पैसों से क्रेडिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन गोल्ड के सिक्के और दूसरा सामान ऑर्डर करते थे।
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लोगों को कैसे बनाते थे निशाना?
डीसीपी समीर शेख ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो पता चला कि ये लोग एचडीएफसी कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस लेने वाले ग्राहकों का डेटा और सिम कार्ड हासिल कर उन्हें निशाना बनाते थे। पुलिस ने डेटा और सिम कार्ड सप्लाई करने वाले 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुंबई के आसाल्फा विलेज के साईं लीलावती निवास और कोहिनूर मॉल के एक अन्य गाले में चल रहे दो और फर्जी कॉल सेंटरों पर छापेमारी की। वहां से भी कॉल सेंटर का पूरा सामान जब्त किया गया और बाकी आरोपियों को पकड़ा गया।
आरोपियों से क्या-क्या सामान बरामद?
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 29 कंप्यूटर, 5 लैपटॉप, 15 मोबाइल फोन, 3 राउटर, 15 सिम कार्ड, कॉलिंग स्क्रिप्ट और ऑनलाइन खरीदे गए 28 ग्राम से ज्यादा के गोल्ड के सिक्के जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत 17 लाख 18 हजार 200 रुपये है। डीसीपी शेख ने बताया कि आरोपियों ने इसी तरह देश के अन्य राज्यों के बीमा ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी की है।