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'गॉसिप और साजिशों से दूर रहें कर्मचारी': टाटा संस के चेयरमैन चंद्रशेखरन का बड़ा बयान, क्यों दी ये सलाह?
Wed, 12 Aug 2026 07:01 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 12 Aug 2026 07:01 PM IST
सार
एन चंद्रशेखरन ने साफ कर दिया है कि फरवरी 2027 के बाद वह टाटा संस की कमान संभालने के लिए आगे नहीं आएंगे। उन्होंने कर्मचारियों से गॉसिप और साजिश की चर्चाओं से दूर रहने को कहा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि टाटा समूह की अगली कमान किसे सौंपी जाएगी?
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एन चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा संस
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बुधवार को कर्मचारियों से कहा कि नेतृत्व बदलाव को लेकर चल रही अटकलों और साजिश की चर्चाओं पर ज्यादा ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि कर्मचारी ऐसी बातों से प्रभावित होने के बजाय अपने काम और संगठन की आगे की यात्रा पर ध्यान दें।
चंद्रशेखरन ने मुंबई के बॉम्बे हाउस में आयोजित कार्यक्रम में कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने टाटा समूह के साथ अपने चार दशक के सफर को याद किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के प्यार और स्नेह के लिए आभार जताया। इससे पहले उन्होंने चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उनका कार्यकाल फरवरी 2027 तक जारी रहेगा।
चंद्रशेखरन ने क्या-क्या कहा?
चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों से कहा, 'जैसा कि आपने पढ़ा होगा या आपको पता होगा, मैं फरवरी 2027 के बाद दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं कर रहा हूं, क्योंकि मेरा कार्यकाल खत्म हो रहा है।' चंद्रशेखरन ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका करियर उन्हें इतनी दूर तक ले जाएगा। हालांकि, हर करियर का एक समय पर अंत होता है और उसके बाद कोई दूसरा व्यक्ति जिम्मेदारी संभालता है।
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चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा एक सम्मानित नाम है और इसके पीछे कर्मचारियों की मेहनत है। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि टाटा समूह आगे भी प्रगति करता रहेगा और संगठन के भीतर उनके लिए अवसर बने रहेंगे। इसके बाद उन्होंने अपने जाने को लेकर चल रही चर्चाओं पर सीधे बात की। उन्होंने कर्मचारियों से कहा, 'आप जो गॉसिप, थ्योरी और साजिशें सुनते हैं, उन पर ज्यादा ध्यान न दें।' उनका यह संदेश ऐसे समय आया है जब टाटा संस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
क्या खत्म हो गया टाटा में चंद्रशेखरन का नौ साल का कार्यकाल?
इससे पहले बुधवार को 63 वर्षीय चंद्रशेखरन ने कहा था कि वह 20 फरवरी 2027 को मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद टाटा संस के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्ति के लिए अपना नाम आगे नहीं रखेंगे। इसके साथ ही टाटा समूह के शीर्ष पर उनका नौ साल का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि उनके पांच साल के कार्यकाल के विस्तार के प्रस्ताव को 24 फरवरी को हुई बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से समर्थन नहीं मिला था। इसके बाद करीब छह महीने तक इस मुद्दे पर गतिरोध बना रहा। चंद्रशेखरन ने कहा कि उन्होंने बोर्ड से अपने उत्तराधिकारी पर जल्द फैसला लेने को कहा है, ताकि नेतृत्व परिवर्तन सुचारु तरीके से हो सके।
यह भी पढ़ें: थाली पर महंगाई का वार: जुलाई में 4.45% पर देश की खुदरा महंगाई, क्या और महंगे होंगे प्याज, अदरक और लहसुन?
अब कमान किसे?
फिलहाल टाटा संस के अगले चेयरमैन का नाम आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुआ है। चंद्रशेखरन के बाद उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया टाटा संस के बोर्ड और टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका वाले विशेष ढांचे के तहत होगी। रिपोर्टों के मुताबिक, नोएल टाटा का नाम चर्चा में जरूर है, लेकिन उन्हें अगला चेयरमैन मान लेना अभी जल्दबाजी होगी। नोएल टाटा फिलहाल टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं और टाटा संस में निदेशक भी हैं।
वहीं कुछ रिपोर्टों में उम्र और मौजूदा वरिष्ठ नेतृत्व को देखते हुए समूह के बाहर से भी नए चेहरे की तलाश की संभावना बताई गई है। चंद्रशेखरन ने खुद बोर्ड से उत्तराधिकारी पर जल्द फैसला लेने को कहा है, ताकि फरवरी 2027 में उनका कार्यकाल खत्म होने से पहले नेतृत्व परिवर्तन सुचारु हो सके। इसलिए अभी सबसे सही बात यही है कि टाटा संस के अगले चेयरमैन पर फैसला बाकी है और नॉएल टाटा समेत संभावित नामों को लेकर अटकलें चल रही हैं।
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चंद्रशेखरन ने मुंबई के बॉम्बे हाउस में आयोजित कार्यक्रम में कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने टाटा समूह के साथ अपने चार दशक के सफर को याद किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के प्यार और स्नेह के लिए आभार जताया। इससे पहले उन्होंने चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उनका कार्यकाल फरवरी 2027 तक जारी रहेगा।
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चंद्रशेखरन ने क्या-क्या कहा?
चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों से कहा, 'जैसा कि आपने पढ़ा होगा या आपको पता होगा, मैं फरवरी 2027 के बाद दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं कर रहा हूं, क्योंकि मेरा कार्यकाल खत्म हो रहा है।' चंद्रशेखरन ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका करियर उन्हें इतनी दूर तक ले जाएगा। हालांकि, हर करियर का एक समय पर अंत होता है और उसके बाद कोई दूसरा व्यक्ति जिम्मेदारी संभालता है।
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चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा एक सम्मानित नाम है और इसके पीछे कर्मचारियों की मेहनत है। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि टाटा समूह आगे भी प्रगति करता रहेगा और संगठन के भीतर उनके लिए अवसर बने रहेंगे। इसके बाद उन्होंने अपने जाने को लेकर चल रही चर्चाओं पर सीधे बात की। उन्होंने कर्मचारियों से कहा, 'आप जो गॉसिप, थ्योरी और साजिशें सुनते हैं, उन पर ज्यादा ध्यान न दें।' उनका यह संदेश ऐसे समय आया है जब टाटा संस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
क्या खत्म हो गया टाटा में चंद्रशेखरन का नौ साल का कार्यकाल?
इससे पहले बुधवार को 63 वर्षीय चंद्रशेखरन ने कहा था कि वह 20 फरवरी 2027 को मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद टाटा संस के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्ति के लिए अपना नाम आगे नहीं रखेंगे। इसके साथ ही टाटा समूह के शीर्ष पर उनका नौ साल का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि उनके पांच साल के कार्यकाल के विस्तार के प्रस्ताव को 24 फरवरी को हुई बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से समर्थन नहीं मिला था। इसके बाद करीब छह महीने तक इस मुद्दे पर गतिरोध बना रहा। चंद्रशेखरन ने कहा कि उन्होंने बोर्ड से अपने उत्तराधिकारी पर जल्द फैसला लेने को कहा है, ताकि नेतृत्व परिवर्तन सुचारु तरीके से हो सके।
यह भी पढ़ें: थाली पर महंगाई का वार: जुलाई में 4.45% पर देश की खुदरा महंगाई, क्या और महंगे होंगे प्याज, अदरक और लहसुन?
अब कमान किसे?
फिलहाल टाटा संस के अगले चेयरमैन का नाम आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुआ है। चंद्रशेखरन के बाद उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया टाटा संस के बोर्ड और टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका वाले विशेष ढांचे के तहत होगी। रिपोर्टों के मुताबिक, नोएल टाटा का नाम चर्चा में जरूर है, लेकिन उन्हें अगला चेयरमैन मान लेना अभी जल्दबाजी होगी। नोएल टाटा फिलहाल टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं और टाटा संस में निदेशक भी हैं।
वहीं कुछ रिपोर्टों में उम्र और मौजूदा वरिष्ठ नेतृत्व को देखते हुए समूह के बाहर से भी नए चेहरे की तलाश की संभावना बताई गई है। चंद्रशेखरन ने खुद बोर्ड से उत्तराधिकारी पर जल्द फैसला लेने को कहा है, ताकि फरवरी 2027 में उनका कार्यकाल खत्म होने से पहले नेतृत्व परिवर्तन सुचारु हो सके। इसलिए अभी सबसे सही बात यही है कि टाटा संस के अगले चेयरमैन पर फैसला बाकी है और नॉएल टाटा समेत संभावित नामों को लेकर अटकलें चल रही हैं।