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E20 ईंधन के विरोध में प्रदर्शन: नागपुर में गडकरी के घर का घेराव करने पहुंचे कांग्रेसी,पुलिस ने हिरासत में लिया
Mon, 03 Aug 2026 02:34 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, नागपुर।
एएनआई, नागपुर।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 03 Aug 2026 02:34 PM IST
सार
E20 पेट्रोल के अनिवार्य इस्तेमाल, माइलेज में कमी और इंजन खराबी के आरोपों को लेकर नागपुर में यूथ कांग्रेस ने नितिन गडकरी के घर का घेराव करने की कोशिश की। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। क्या है मामला? जानिए...
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नागपुर में गडकरी के घर के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
नागपुर पुलिस ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नागपुर आवास की ओर मार्च कर रहे भारतीय यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। मेहुल आडवाणी जैसे स्थानीय नेताओं की अगुवाई में हुए इस विरोध-प्रदर्शन का मुख्य कारण E20 (20% इथेनॉल-मिश्रित) पेट्रोल को अनिवार्य बनाए जाने के खिलाफ जनता का असंतोष था। यूथ कांग्रेस नेता मेहुल आडवाणी ने कहा, 'हम हम पर थोपे जा रहे E-20 का विरोध करते हैं। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।'
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग
विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि E20 पेट्रोल से वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंच रहा है और माइलेज में गिरावट आ रही है। विशेष रूप से पुराने वाहनों के लिए इसे हानिकारक बताया जा रहा है। यूथ कांग्रेस ने मांग की है कि उपभोक्ताओं को बिना इथेनॉल वाले सामान्य पेट्रोल को भी खरीदने का स्पष्ट विकल्प मिलना चाहिए।
सरकार का रुख और तर्क
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्र सरकार ने इस नीति का पुरजोर बचाव किया है। सरकार का तर्क है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से भारत के कच्चे तेल के आयात बिल में भारी कटौती होती है, कार्बन उत्सर्जन घटता है और स्थानीय किसानों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचता है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन से जुड़े अनसुलझे दावों को गैर-वैज्ञानिक और भ्रामक करार दिया है।
यह भी पढ़ें: 'कोटा नहीं, सीटें बढ़ाएं; फीस पर लगे लगाम': आरक्षण पर खुलकर बोले CJP प्रमुख दीपके; अमित शाह को लेकर कही ये बात
अफवाहों पर सख्त कार्रवाई
इस विरोध के बीच नागपुर साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर शिकंजा कसा है। भारतीय न्याय संहिता के तहत कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर आरोप है कि वे E20 नीति के बारे में गलत जानकारी फैलाकर केंद्रीय मंत्री गडकरी को निशाना बना रहे थे।
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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग
विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि E20 पेट्रोल से वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंच रहा है और माइलेज में गिरावट आ रही है। विशेष रूप से पुराने वाहनों के लिए इसे हानिकारक बताया जा रहा है। यूथ कांग्रेस ने मांग की है कि उपभोक्ताओं को बिना इथेनॉल वाले सामान्य पेट्रोल को भी खरीदने का स्पष्ट विकल्प मिलना चाहिए।
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#WATCH | Nagpur, Maharashtra | Police detain Youth Congress and NSUI workers as they marched towards Union Minister Nitin Gadkari's residence to protest against E-20 petrol
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Youth Congress leader Mehul Adwani says, "We condemn E20 being imposed on us. We will continue to fight." pic.twitter.com/PzhopAU9rm— ANI (@ANI) August 3, 2026
सरकार का रुख और तर्क
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और केंद्र सरकार ने इस नीति का पुरजोर बचाव किया है। सरकार का तर्क है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से भारत के कच्चे तेल के आयात बिल में भारी कटौती होती है, कार्बन उत्सर्जन घटता है और स्थानीय किसानों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचता है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन से जुड़े अनसुलझे दावों को गैर-वैज्ञानिक और भ्रामक करार दिया है।
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अफवाहों पर सख्त कार्रवाई
इस विरोध के बीच नागपुर साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर शिकंजा कसा है। भारतीय न्याय संहिता के तहत कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर आरोप है कि वे E20 नीति के बारे में गलत जानकारी फैलाकर केंद्रीय मंत्री गडकरी को निशाना बना रहे थे।