{"_id":"691cb2c0659fec1494062644","slug":"ncp-sharad-pawar-ncp-ajit-pawar-faction-alliance-for-kolhapur-local-body-polls-hasan-mushrif-announces-2025-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kolhapur Local Polls: निकाय चुनावों के लिए साथ आए शरद पवार और अजित, महाराष्ट्र के मंत्री मुश्रीफ ने किया एलान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kolhapur Local Polls: निकाय चुनावों के लिए साथ आए शरद पवार और अजित, महाराष्ट्र के मंत्री मुश्रीफ ने किया एलान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Tue, 18 Nov 2025 11:24 PM IST
विज्ञापन
सार
घाटगे ने कहा, "यह फैसला उच्च स्तर पर लिया गया था। यह गठबंधन नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख से बमुश्किल एक दिन पहले हुआ। हमें बहुत अफसोस है कि हम अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को समय पर सूचित नहीं कर सके।"
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री हसन मुश्रीफ
- फोटो : X@mrhasanmushrif
विज्ञापन
विस्तार
महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता हसन मुश्रीफ ने कोल्हापुर जिले में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा से मुकाबला करने के लिए विपक्षी राकांपा (शरद पवार) के नेता समरजीत घाटगे के साथ हाथ मिला लिया है। जिले के चांदगढ़ में अजित पवार की एनसीपी और प्रतिद्वंद्वी राकांपा (शरद पवार) के बीच गठबंधन की घोषणा के बाद यह दूसरा मामला है, जब दोनों पार्टियों ने चुनावी गठबंधन किया है।
Trending Videos
गौरतलब है कि घाटगे और मुश्रीफ कागल की राजनीति में कट्टर प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं। पिछले साल के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में रहे घाटगे राकांपा (शरद पवार) में शामिल हो गए थे, क्योंकि भाजपा ने कागल निर्वाचन क्षेत्र मौजूदा विधायक मुश्रीफ को दे दिया था। मुश्रीफ ने चुनाव में घाटगे को हराया था। दोनों प्रतिद्वंद्वियों ने कागल नगर परिषद और पड़ोसी मुरगुड नगर परिषद चुनावों के लिए मंगलवार को अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के गठबंधन की घोषणा करने के लिए एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान घाटगे ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं में यह गलतफहमी थी कि दोनों पिछले दो महीनों से गठबंधन के लिए बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, "यह फैसला उच्च स्तर पर लिया गया था। यह गठबंधन नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख से बमुश्किल एक दिन पहले हुआ। हमें बहुत अफसोस है कि हम अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को समय पर सूचित नहीं कर सके।" घाटगे ने कहा कि वे बेहतर शासन और क्षेत्र के विकास के लिए एक साथ आए हैं।
उन्होंने कहा कि एक साथ आने के फैसले का लक्ष्य एक-दूसरे खिलाफ उस ताकत को मजबूत करना था, जो हमने पहले एक-दूसरे के खिलाफ खर्च की थी और अब इसका इस्तेमाल क्षेत्र की बेहतरी के लिए करना है।" मुश्रीफ ने कहा कि उन्हें भी गठबंधन की अचानक घोषणा पर अफसोस है। उन्होंने कहा, "हम क्षेत्र के विकास के लिए एक साथ आए हैं और अब इस गठबंधन के साथ, हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना होगा कि हम ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतें।"
इस बीच शिवसेना के पूर्व सांसद संजय मांडलिक ने कहा कि सत्तारूढ़ महायुति (जिसमें भाजपा, शिवसेना और राकांपा शामिल हैं) का हिस्सा होने के बावजूद, मुश्रीफ उनके साथ गठबंधन करने के इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने कहा, "हम (शिवसेना) अकेले चुनाव लड़ेंगे। हमें यकीन है कि भले ही नेता इधर-उधर चले गए हों, लेकिन कागल के लोग हमारे साथ हैं।"