Updates: ओडिशा CMO से जांच रिपोर्ट गायब, पूर्व अधिकारी किए गए तलब, केरल में टाटा लगाएगा पहला शिपबिल्डिंग यूनिट
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बंधुआ श्रम से जुड़े सामान के आयात पर रोक लगाने संंबंधी निर्णय के बाद अब आयात वाले सामानों की जांच कराई जाएगी। व्यापार महानिदेशालय अब इस तरह के मामलों की शिकायत मिलने पर या खुद की जानकारी होने पर जांच करेगा। इस पर रिपोर्ट व संस्तुतियां केंद्र सरकार को दी जाएगी। इसके बाद केंद्र सरकार संबंधित देश से होने वाले आयात पर निर्णय लेगी।
व्यापार महानिदेशालय ने इसके लिए हैंडबुक ऑफ प्रोसीजर, 2023 में पैरा 2.50 ए शामिल किया है ताकि जबरन श्रम का उपयोग करके उत्पादित वस्तुओं के आयात के निर्धारण हेतु प्रक्रिया निर्धारित की जा सके। विदेश व्यापार निदेशालय स्वप्रेरणा से अथवा किसी विश्वसनीय सामग्री द्वारा समर्थित सूचना या शिकायत प्राप्त होने पर यह जांच प्रारंभ कर सकते हैं। जांच इस बात की होगी कि भारत में आयात की गई कोई वस्तु पूर्णतः या आंशिक रूप से जबरन श्रम का उपयोग करके उत्पादित की गई है या नहीं। जांच के उद्देश्य से डीजीएफटी आयातक,निर्यातक, निर्माताओं अथवा किसी अन्य व्यक्ति या प्राधिकरण से आवश्यक समझी जाने वाली जानकारी, दस्तावेज या स्पष्टीकरण मांग सकता है।
भारत अपने स्वदेशी प्रेशराइज्ड हेवी वॉटर रिएक्टर (पीएसडब्ल्यूआर) कार्यक्रम के लिए 28,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का न्यूक्लियर आइलैंड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) टेंडर जारी करेगा। यह अब तक का सबसे बड़ा परमाणु ईपीसी टेंडर होगा। यह देश के परमाणु ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है।
न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया िल. (एनपीसीआईएल) की सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, एनपीसीआईएल की सहायक कंपनी और एनपीसीआईएल तथा एनटीपीसी लि. के बीच संयुक्त उद्यम अनुशक्ति विद्युत निगम लि. (अश्विनी), माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा प्रोजेक्ट (एमबीआरएपीपी) की इकाइयों 1-4 (जिसमें 4 x 700 मेगावाट इलेक्ट्रिकल (ऊर्जा) के रिएक्टर शामिल हैं) के लिए न्यूक्लियर आइलैंड मेगा ईपीसी पैकेज (एनआईएमईपी) के लिए टेंडर जारी करेगी।
बंगाल की खाड़ी से जुड़े सात देशों के संगठन बिम्सटेक के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की पांचवीं बैठक आज होने जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय की मेजबानी में होने वाली इस बैठक में भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड के एनएसए और समकक्ष अधिकारी हिस्सा लेंगे। ज्ञात हो कि बे आफ बंगाल इनिशिएटिव फार मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनामिक कोआपरेशन (बिम्सटेक) बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सात देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच तकनीकी, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है।
देश में पहली बार बुजुर्गों, मरीजों, दिव्यांगजनों और विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले लोगों के लिए प्रशिक्षित और भरोसेमंद हेल्थकेयर स्पोर्ट सर्विस तैयार होगी। सरकार ने पहले चरण में 1.5 लाख मल्टी स्किल्ड केयरगिवर तैयार करने के लिए अंतर मंत्रालयी कार्यबल गठित कर दिया है। इसके लिए देश में प्रशिक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणन के लिए एकसमान मानक, पाठ्यक्रम और जॉब रोल तैयार होंगे। इन पेशेवर केयरगिवर को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, जापान, पश्चिम एशिया, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, रूस और इटली जैसे देशों में रोजगार मिलेगा। इन देशों में केयरगिवर की भारी मांग है।
केंद्रीय कौशल विकास व उद्यमशीलता मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि प्रशिक्षित केयरगिवर की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत पूरी करने के साथ ही युवाओं, विशेषकर महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार के नए रास्ते खोलेगी। केंद्रीय बजट 2026-27 के प्रावधान के तहत यह परियोजना इसी साल से शुरू हो रही है। डेढ़ लाख केयरगिवर में से 1.3 लाख को कौशल मंत्रालय और 20 हजार को सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय अपने संसाधनों से प्रशिक्षित करेगा।
अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में मिलेगा प्रशिक्षण
मल्टी स्किल्ड केयरगिवर को दैनिक देखभाल का प्रशिक्षण अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग संस्थानों में मिलेगा। क्लासरूम के साथ व्यावहारिक अनुभव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण, बुनियादी स्वास्थ्य सहायता, मरीज की सुरक्षा, संवाद कौशल और आपात स्थिति में प्राथमिक प्रतिक्रिया जैसे विषय शामिल होंगे। प्रशिक्षण के बाद उम्मीदवारों को अस्पतालों, वृद्धाश्रमों, पुनर्वास केंद्रों, संस्थागत देखभाल केंद्रों और घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं में नौकरी मिलेगी।
महिलाओं के लिए बढ़ेंगे करिअर के अवसर
देखभाल अर्थव्यवस्था को महिलाओं के लिए रोजगार की बड़ी संभावना माना जा रहा है। औपचारिक प्रशिक्षण और प्रमाणन से घरेलू तथा असंगठित देखभाल कार्य को पेशेवर स्वरूप मिलेगा। इससे कामगारों को बेहतर आय, सामाजिक पहचान और कॅरिअर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। प्रशिक्षित केयरगिवर से स्वास्थ्य और बुजुर्ग देखभाल की जरूरतें पूरी होने से युवाओं को भी टिकाऊ रोजगार मिलेगा।
CMO से जांच आयोगों की रिपोर्ट गायब, पूर्व IAS और पूर्व IT सचिव को पुलिस का समन
ओडिशा पुलिस ने पूर्व बीजेडी सरकार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से दो जांच आयोगों की रिपोर्ट कथित रूप से गायब होने के मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी राजेश वर्मा और पूर्व आईटी सचिव मनोज मिश्रा को समन जारी किया है। दोनों अधिकारियों को 22 जुलाई सुबह 11 बजे भुवनेश्वर के कैपिटल पुलिस स्टेशन में जांच अधिकारी के सामने पेश होने को कहा गया है। पुलिस ने उन्हें मामले से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण साथ लाने का निर्देश दिया है। यह मामला 2008 के कंधमाल दंगों की जांच कर रहे जस्टिस ए.एस. नायडू आयोग और 2016 में भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में लगी आग की जांच रिपोर्ट से जुड़ा है। गृह विभाग ने 10 जून को शिकायत दर्ज कराई थी कि सरकार बदलने के बाद कई रिपोर्टें गृह विभाग को सौंप दी गईं, लेकिन ये दोनों महत्वपूर्ण रिपोर्टें तत्कालीन सीएमओ से नहीं मिलीं।
केरल में टाटा लगाएगा पहला शिपबिल्डिंग यूनिट
केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने घोषणा की कि टाटा समूह राज्य में अपना पहला शिपबिल्डिंग प्रोजेक्ट स्थापित करेगा। इसके साथ ही जहाजों की मरम्मत (शिप मेंटेनेंस) की सुविधा भी विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश और आधुनिक बुनियादी ढांचे के जरिए केरल के समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल जैसी प्रमुख तेल कंपनियों से भी बातचीत की है, ताकि जहाजों के लिए बंकरिंग (ईंधन आपूर्ति) सुविधाएं विकसित की जा सकें। इसके अलावा, कोचीन पोर्ट पर क्रूज टर्मिनल शुरू करने के लिए भी राज्य सरकार सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं 'मैरिटाइम महोत्सव-2026' कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान कीं। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से केरल का समुद्री कारोबार मजबूत होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।