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Railway: ट्रेन में फ्री सफर करने वालों की अब खैर नहीं! हर यात्री की होगी डिजिटल जांच, रेलवे ने बनाया ये प्लान
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: Sandhya Kumari
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:26 PM IST
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सार
वित्त वर्ष 2023 24 में ऐसे 2.16 करोड़ मामलों को पकड़कर करीब 562 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़ गया है। रेलवे ने 3.61 करोड़ मामलों में कार्रवाई करते हुए 1787 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
ट्रेनों में अब बिना टिकट यात्रा नहीं कर पाएंगे
- फोटो : ANI
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विस्तार
ट्रेनों में अब में बिना टिकट यात्रा करने वालों की खैर नहीं है। रेलवे ने ऐसे यात्रियों पर लगाम लगाने के लिए खास प्लान तैयार किया है। जल्द ही इसे चुनिंदा बड़े रेलवे स्टेशन पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। ट्रेनों में इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद फ्री में सफर करने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। रेलवे का मानना है इस कदम से हर साल होने वाले करोड़ों रुपये के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकेगा। साथ ही, रेलवे को होने वाली अतिरिक्त कमाई का इस्तेमाल यात्रियों की सुविधाएं बेहतर करने में किया जाएगा।
रेल मंत्रालय के उच्च सूत्रों के अनुसार, अभी तक स्टेशनों पर ऐसी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। जिससे बिना टिकट अंदर आने वालों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इसी को देखते हुए अब स्टेशनों के एंट्री प्वाइंट पर खास मशीनें लगाने की योजना बनाई गई है। इन मशीनों के जरिए हर यात्री को अपना टिकट स्कैन कराना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद केवल वही यात्री स्टेशन परिसर में प्रवेश कर सकेंगे, जिनके पास वैध टिकट होगा। इससे बिना टिकट यात्रा करने वालों पर लगाम लगेगी और रेलवे की व्यवस्था भी ज्यादा व्यवस्थित हो सकेगी।
रेलवे के अनुसार, बड़े और प्रमुख स्टेशनों पर इस सिस्टम के लागू होने के बाद बिना टिकट यात्रियों की एंट्री लगभग खत्म हो जाएगी। इसका असर प्रीमियम ट्रेनों पर भी दिखेगा, क्योंकि ये ट्रेनें आमतौर पर छोटे स्टेशनों पर नहीं रुकती हैं। ऐसे में बिना टिकट यात्री इन ट्रेनों में सवार नहीं हो पाएंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों बेहतर होंगी। रेलवे की योजना है कि पहले चरण में प्रमुख स्टेशनों पर इस सिस्टम को लागू किया जाए। इसके सफल होने के बाद इसे मध्यम श्रेणी के स्टेशनों तक बढ़ाया जाए। इससे मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में भी बिना टिकट यात्रा करने वालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
रेल मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में दो करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं जो नियमों का उल्लंघन करते हुए यात्रा करते हैं। वित्त वर्ष 2023 24 में ऐसे 2.16 करोड़ मामलों को पकड़कर करीब 562 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़ गया है। रेलवे ने 3.61 करोड़ मामलों में कार्रवाई करते हुए 1787 करोड़ रुपये की वसूली की गई। हालांकि इन आंकड़ों में बिना बुकिंग सामान ले जाने वाले यात्री भी शामिल हैं। नए प्लान के लागू होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या में कमी आएगी और नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
भीड़ को मैनेज करने में मिलेगी मदद
अभी तक स्टेशनों पर मौजूद यात्रियों की सटीक संख्या का कोई पुख्ता डेटा नहीं होता, केवल अनुमान के आधार पर व्यवस्था की जाती है। लेकिन नई सिस्टम लागू होने के बाद यह स्थिति बदल जाएगी। भारतीय रेलवे के मुताबिक, टिकट स्कैनिंग के जरिए यह साफ पता चल सकेगा कि किसी भी समय प्लेटफॉर्म पर कितने यात्री मौजूद हैं। इस रियल टाइम जानकारी की मदद से रेलवे भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेगा। जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त इंतजाम किए जा सकेंगे, जिससे यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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रेल मंत्रालय के उच्च सूत्रों के अनुसार, अभी तक स्टेशनों पर ऐसी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। जिससे बिना टिकट अंदर आने वालों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इसी को देखते हुए अब स्टेशनों के एंट्री प्वाइंट पर खास मशीनें लगाने की योजना बनाई गई है। इन मशीनों के जरिए हर यात्री को अपना टिकट स्कैन कराना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद केवल वही यात्री स्टेशन परिसर में प्रवेश कर सकेंगे, जिनके पास वैध टिकट होगा। इससे बिना टिकट यात्रा करने वालों पर लगाम लगेगी और रेलवे की व्यवस्था भी ज्यादा व्यवस्थित हो सकेगी।
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रेलवे के अनुसार, बड़े और प्रमुख स्टेशनों पर इस सिस्टम के लागू होने के बाद बिना टिकट यात्रियों की एंट्री लगभग खत्म हो जाएगी। इसका असर प्रीमियम ट्रेनों पर भी दिखेगा, क्योंकि ये ट्रेनें आमतौर पर छोटे स्टेशनों पर नहीं रुकती हैं। ऐसे में बिना टिकट यात्री इन ट्रेनों में सवार नहीं हो पाएंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों बेहतर होंगी। रेलवे की योजना है कि पहले चरण में प्रमुख स्टेशनों पर इस सिस्टम को लागू किया जाए। इसके सफल होने के बाद इसे मध्यम श्रेणी के स्टेशनों तक बढ़ाया जाए। इससे मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में भी बिना टिकट यात्रा करने वालों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
रेल मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में दो करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं जो नियमों का उल्लंघन करते हुए यात्रा करते हैं। वित्त वर्ष 2023 24 में ऐसे 2.16 करोड़ मामलों को पकड़कर करीब 562 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़ गया है। रेलवे ने 3.61 करोड़ मामलों में कार्रवाई करते हुए 1787 करोड़ रुपये की वसूली की गई। हालांकि इन आंकड़ों में बिना बुकिंग सामान ले जाने वाले यात्री भी शामिल हैं। नए प्लान के लागू होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या में कमी आएगी और नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
भीड़ को मैनेज करने में मिलेगी मदद
अभी तक स्टेशनों पर मौजूद यात्रियों की सटीक संख्या का कोई पुख्ता डेटा नहीं होता, केवल अनुमान के आधार पर व्यवस्था की जाती है। लेकिन नई सिस्टम लागू होने के बाद यह स्थिति बदल जाएगी। भारतीय रेलवे के मुताबिक, टिकट स्कैनिंग के जरिए यह साफ पता चल सकेगा कि किसी भी समय प्लेटफॉर्म पर कितने यात्री मौजूद हैं। इस रियल टाइम जानकारी की मदद से रेलवे भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेगा। जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त इंतजाम किए जा सकेंगे, जिससे यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।