ऊर्जा आपूर्ति से भारत की डिप्लोमेसी तक: पश्चिम एशिया संकट पर लोकसभा में PM मोदी ने क्या-क्या कहा? जानिए सबकुछ
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर भारत सरकार का क्या रुख है? ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भारत सरकारा क्या-क्या कदम उठा रही है? खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और स्वदेश वापसी को लेकर सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए हैं? पीएम मोदी ने आज इन सभी सवालों का जवाब लोकसभा में दिया। आइए जानते हैं उन्होंने क्या-क्या कहा?
विस्तार
लोकसभा में पश्चिम एशिया संघर्ष पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीत दो तीन हफ्तों में जयशंकर जी ने और हरदीप पुरी जी ने सदन को जानकारी दी है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर और लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है। भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ी हैं और मानवीय भी हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि जहां तक डिप्लोमेसी की बात है, भारत की नीति स्पष्ट है।
उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही हमने इस युद्ध पर चिंता व्यक्त की है। हमने पश्चिम एशिया के सभी राष्ट्राध्यक्षों से बात की है। हमने ऊर्जा और नागरिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने भारतीय जहाजों के निरंतर आवागमन के लिए प्रयास जारी रखे हैं। भारत हमेशा से मानवता के हित में और शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा है। पीएम मोदी ने जोर दिया कि बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान है। इस युद्ध में किसी के भी जीवन में संकट मावता के हित में नहीं है इसलिए भारत का प्रयास सभी पक्षों को शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है।
एक करोड़ लोग खाड़ी देशों में रहते हैं- पीएम मोदी
लोकसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि हमारे लिए यह क्षेत्र एक और कारण से भी अहम है। लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और काम करते हैं। वहां समुद्र में जो वाणिज्यिक शिप चलते हैं, उनमें भारतीय क्रू मेंबर्स की संख्या काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इन कारणों की वजह से भारत की चिंताएं अधिक हैं। यह आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए।
भारतीयों की सुरक्षा ही हमारी प्राथमिकता- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि जबसे यह युद्ध शुरू हुआ है, तबसे ही प्रभावित देशों में भारतीयों को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों से दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस दौरान दुखद रूप से कुछ लोगों की मौत हुई और कुछ घायल हुए हैं। हम परिवारजनों को जरूरी मदद दे रहे हैं। घायलों का इलाज सुनिश्चत कराया जा रहा है।
दी जा रही हर संभव मदद- पीएम मोदी
इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि वहां काम करने वाले भारतीय हों या टूरिस्ट, सभी को हरसंभव मदद दी जा रही है। हमारे मिशन नियमित रूप से एडवायजरी जारी कर रहे हैं। यहां भारत में और अन्य प्रभावित देशों में 24 7 आपात कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन जारी की गई हैं। इनके जरिए लोगों को त्वरित जानकारी दी जा रही है। संकट की स्थिति में देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता रही है।
3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित लौट चुके- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने जारी संघर्ष के बीच स्वदेश लौटने वाले भारतीयों को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित लौट चुके हैं। ईरान से अब तक 1000 भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं। पीएम ने कहा कि खाड़ी में हजारों भारतीय विद्यार्थी पढ़ते हैं। सीबीएसई ने इन स्कूलों में 10वीं और 12वीं की परीक्षा को रद्द कर दिया। सीबीएसई इन स्कूलों में बच्चों की निर्बाध पढ़ाई जारी रखने के लिए तत्काल कदम उठा रही है।
होर्मुज संकट पर भी बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी अहम चीजें होर्मुज से आती हैं। होर्मुज में फिलहाल जहाजों का आना-जाना मुश्किल हुआ है। हमारी सरकार का प्रयास रहा है कि पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई प्रभावित न हो। हम सभी जानते हैं कि दे अपनी जरूरत की 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है। उन्होंने कहा कि इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण सरकार ने इसके घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता दी है। साथ ही इसके देश में उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बरकरार रखने की कोशिश जारी- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति लगातार बरकरार रखने की कोशिश की जा रही है। बीते एक दशक में उठाए गए कदम अब और भी प्रासंगिक हो गए हैं। भारत ने बीते 11 साल में अपनी ऊर्जा जरूरतों की आपूर्ति का डायवर्सिफिकेशन किया है। उन्होंने कहा कि पहले भारत में 27 देशों से कच्चे तेल और गैस का आयात किया जाता था। अब भारत 41 देशों से ऊर्जा जरूरतों का आयात किया जाता है। भारत ने कच्चे तेल के भंडारण को भी प्राथमिकता दी है। आज भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन का स्ट्रैटिजिक रिजर्व है और 65 लाख मीट्रिक टन के रिजर्व पर काम किया जा रहा है। पिछले 11 वर्ष में हमारी रिफाइनरिंग क्षमता भी बढ़ी है।
अलग-अलग सप्लायर्स के संपर्क में भारत सरकार- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत लगातार अलग-अलग सप्लायर्स से भी संपर्क में है। प्रयास है कि जहां से संभव हो वहां से सप्लाई होती रहे। हमारा प्रयास है कि तेल हो गैस हो, फर्टिलाइजर हो, ऐसे सभी जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचें। उन्होंने कहा कि हम सभी वैश्विक सहयोगियों के साथ निरंतर संवाद कर रहे हैं, ताकि हमारे मैरिटाइम कॉरीडोर सुरक्षित रहें। इन वार्ताओं के चलते होर्मुज में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं।
संकट का भारतीय कृषि पर प्रभाव और इसके लिए क्या-क्या तैयारी?
पीएम मोदी ने कहा कि एक सवाल यह है कि युद्ध का खेती पर क्या प्रभाव होगा। देश के किसानों ने हमारे भंडार भर रखे हैं। हमारे पास पर्याप्त खाद्यान्न हैं। सरकार ने खाद की पर्याप्त व्यवस्था भी की है। खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए सरकार का ध्यान इस पर भी है। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में भी दुनियाभर में सप्लाई चेन में दिक्कत आई थी। दुनिया में यूरिया की बोरी 3000 रुपये तक पहुंच गई थी लेकिन हमारे किसानों को वह बोरी 300 रुपये में ही मिली। बीते वर्षों में भारत में छह यूरिया प्लांट शुरू किए गए हैं। इस दौरान डीएनपी और घरेलू यूरिया का उत्पादन बढ़ाया गया। इसी तरह डीएनपी और एनपीके के आयात को भी विस्तार दिया है।
इथेनॉल मिक्सिंग पर भी बोले पीएम
पीएम मोदी ने आगे इथेनॉल मिक्सिंग पर भी अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के समय में हमारी एक और तैयारी बहुत कम आ रही है। बीते 10-11 साल में इथेनॉल की मिक्सिंग को बढ़ाया गया है। आज पेट्रोल में 20 फीसदी तक इथेनॉल की मिक्सिंग को बढ़ाया गया है। पीएम मोदी ने जोर दिया कि रेलवे के विद्युतीकऱण से भी काफी फायदा हो रहा है। इतना इलेक्ट्रिफिकेशन आज न होता तो भारत को 180 करोड़ लीटर तेल अतिरिक्त लगता।
भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आज जिस स्केल पर वैकल्पिक ईंधन पर काम हो रहा है, उससे भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा। एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है और वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाला स्रोत पश्चिम एशिया है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर की इकोनॉमी अभी प्रभावित हो रही है। भारत पर इसका कम से कम प्रभाव हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार इसके छोटी अवधि, मध्यम और लंबी अवधि के हल पर काम कर रही है। इससे देश को काफी मदद मिली है। पीएम मोदी ने कहा कि हम हर सेक्टर के स्टेकहोल्डर के साथ चर्चा कर रहे हैं। हर सेक्टर को आवश्यक सपोर्ट दिया जा रहा है। सरकार ने एक इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है। यह समूह हर दिन मिलता है और हमारे इंपोर्ट एक्सपोर्ट पर बात करता है और समाधान पर चर्चा करता है।
नैनो यूरिया के विकल्प पर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने किसानों को नैनो यूरिया का विकल्प भी दिया है। साथ ही हम जैविक खेती के लिए भी उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं। मैं सदन के माध्यम से किसानों को विश्वास दिलाता हूं कि सरकार किसानों की हरंसभव मदद करती रहेगी।
कोयला उत्पादन में भारत ने बनाया रिकॉर्ड- पीएम मोदी
लोकसभा में पीएम मोदी ने आगे कहा कि युद्ध की एक चुनौती है कि देश में बढ़ती गर्मी का सीजन शुरू हो रहा है। इससे देश में बिजली की मांग भी बढ़ती जाएगी। भारत ने लगातार दूसरे साल 100 टन कोयला उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। पावर सिस्टम्स की निगरानी की जा रही है। सरकरा की तैयारियों में अक्षय ऊर्जा से भी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि आज हमारी टोटल एनर्जी का एक हिस्सा अक्षय ऊर्जा से है। बीते 11 साल में देश ने अपनी सोलर पावर कैपेसिटी को 3 गीगावाट से बढ़ाकर 140 गीगावाट तक बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शांति कानून के जरिए परमाणु ऊर्जा पैदा करने पर भी जोर दिया है। इसके अलावा हाइड्रोपावर क्षमताओं को भी बढ़ाया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है- पीएम मोदी
जब ऐसे संकट आते हैं तो कुछ तत्व इसका गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। तटीय सुरक्षा हो, साइबर सुरक्षा हो, आदि, सभी को अलर्ट किया गया है। दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय के लिए रहने की आशंका है। हमें तैयार रहना होगा और एकजुट रहना होगा। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों को सामना कर चुके हैं।
अपने बयान के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि अभ भी हमें धीरज के साथ, संयम के साथ, शांत मन से हर चुनौती का सामना करना है। यही हमारी पहचान और यही हमारी ताकत है। हमें सावधान और सतर्क भी रहना है। हालात बिगाड़ने वाले झूठ फैलाने की कोशिश करंगे। ऐसे लोगों को सफल नहीं होने देना है। कालाबाजारी करने वाले, जमाखोरी करने वाले सक्रिय हो जाते हैं। इनके लिए कड़ी निगरानी जरूरी है। जहां से भी ऐसी शिकायतें आती हैं, वहां कार्रवाई होनी चाहिए।