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Bombay High Court: महिला की हत्या के दोषी को नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने कहा- अपराध में बेहद हिंसा-क्रूरता

Sat, 25 Jul 2026 01:58 PM IST
Pavan पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: Pavan Updated Sat, 25 Jul 2026 01:58 PM IST
सार

बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले को सही ठहराया है जिसमें शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर एक महिला की हत्या के दोषी व्यक्ति की सजा में छूट और रिहाई से इनकार कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि यह हत्या अत्यधिक हिंसा और क्रूरता के साथ की गई थी।

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No relief for murder convict seeking early release: HC cites exceptional violence and brutality of crime
बॉम्बे हाई कोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महिला की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि यह अपराध 'अत्यधिक हिंसक और क्रूर' था, इसलिए दोषी को समय से पहले रिहाई का लाभ नहीं दिया जा सकता।
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महाराष्ट्र सरकार के फैसले को ठहराया सही
हाईकोर्ट की जस्टिस सारंग कोटवाल और जस्टिस आशीष चव्हाण की पीठ ने 20 जुलाई के अपने आदेश में महाराष्ट्र सरकार के फैसले को सही ठहराया। राज्य सरकार ने दोषी अजय किसान डुंगरशी को उस श्रेणी में रखा था, जिसमें सजा के साथ छूट जोड़कर कुल 26 साल जेल में रहना जरूरी होता है।
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आरोपी ने क्या की थी अपील?
दोषी ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि उसे ऐसी श्रेणी में रखा जाए, जहां कुल सजा 22 साल मानी जाती है, ताकि उसे जल्दी रिहाई मिल सके। लेकिन अदालत ने उसकी दलील खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार, डुंगरशी ने महिला की हत्या इसलिए कर दी थी क्योंकि उसने शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के शरीर पर कई गहरे चाकू के घाव थे, जो इस अपराध की क्रूरता को दिखाते हैं।

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हाईकोर्ट ने दखल देने से किया इनकार
महाराष्ट्र सरकार ने उसे श्रेणी 2(सी) में रखा है, जिसमें ऐसे मामलों को शामिल किया जाता है जहां अपराध अत्यधिक हिंसा या क्रूरता के साथ किया गया हो। इस श्रेणी में दोषी को कम से कम 26 साल की सजा पूरी करनी होती है। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले के तथ्यों को देखते हुए सरकार का फैसला पूरी तरह सही है और इसमें किसी तरह की दखल की जरूरत नहीं है।
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