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Parliament Session: सदन में सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ा टकराव, राहुल बोले- मेरे बोलने पर बंद हो जाता है माइक

Fri, 24 Jul 2026 01:42 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 24 Jul 2026 01:42 PM IST
सार

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कदम उठाने और प्रधानमंत्री से छात्रों से माफी की मांग दोहराई। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जब संसद में वह बोलने जाते हैं तो माइक बंद हो जाता है। 

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Parliament Session Confrontation ruling party opposition escalates Rahul forward three conditions discussion
राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष लोकसभा। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को फिर से अपनी तीन मांग को दोहराया। उन्होंंने कहा कि सरकार से सिर्फ तीन मांग हैं। शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दे। तभी हम संसद में बातचीत या चर्चा करेंगे। 

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राहुल गांधी ने क्या कहा? 
उन्होंने आगे कहा ‘प्रधानमंत्री प्रधान को बर्खास्त किए जाने से पहले हम कोई बातचीत या चर्चा नहीं करेंगे। बस इतना ही। 'केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के सदन में दिए गए बयान पर लोकसभा विपक्ष के सांसद राहुल गांधी ने कहा, ‘अभी मंत्री रिजिजू ने एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने हमारे सांसदों से कहा है कि इस पर चर्चा होनी चाहिए। सामान्य प्रोटोकॉल के अनुसार, अगर कोई किसी दूसरे का नाम लेता है, तो उसे जवाब दिया जाता है। जब मैंने जवाब देना चाहा, तो मेरा माइक छीन लिया गया। मुझे मौका नहीं दिया गया।'
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तीन मांगें क्या हैं? 

1) भ्रष्ट शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना होगा। 

2) छात्रों पर हमला करने और उनकी पिटाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 

3) प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। 


दिल्ली विश्वविद्यालय के नए आदेश पर क्या कहा? 
इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों से जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन से दूर रहने का आग्रह करने के बाद,विश्वविद्यालय की कड़ी आलोचना की। उन्होंने पूछा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने वाले छात्रों को धमकाने की उनकी हिम्मत कैसे हुई? 

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उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सोशल मीडिया पोस्ट को टैग करते हुए कहा, 'कृपया ध्यान दें, समय आने पर आप ही जवाबदेह होंगे। जिसमें छात्रों को जंतर मंतर से दूर रहने की सलाह दी गई थी। आप छात्रों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए धमकाने की हिम्मत कैसे करते हैं?'

दिल्ली विश्वविद्यालय ने क्या आदेश दिए? 
उनकी यह टिप्पणी गुरुवार रात दिल्ली विश्वविद्यालय के एक पोस्ट के जवाब में आई, जिसमें कहा गया था, 'प्रिय छात्रों और शिक्षकों, आपकी सुरक्षा हमारे लिए मायने रखती है। कृपया ध्यान दें कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कोई भी गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन, जो भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सख्ती से नियंत्रित है, कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित कर सकता है।'

दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) 20 जून से दिल्ली के मध्य में विरोध प्रदर्शन कर रही है। वे एनईटी परीक्षा के पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।

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