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RAC: 'पूरे किराये में आधी सीट सही नहीं', संसदीय समिति ने की आरएसी यात्रियों को आंशिक किराया लौटाने की सिफारिश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Fri, 06 Feb 2026 05:06 AM IST
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सार

भारतीय रेल से सफर करने वाले सभी यात्रियों को आरएसी श्रेणी में पूरे किराये के बावजूद आधी सीट पर यात्रा करनी पड़ती है। इसी को लेकर संसदीय समिति ने रेलवे को आंशिक किराया लौटाने का आग्रह किया है।

Parliamentary committee recommends partial refund to RAC passengers Half seat for full fare is not fair
भारतीय रेल - फोटो : AdobeStock
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विस्तार

संसद की एक समिति ने कहा कि आरएसी श्रेणी के तहत बुक किए गए रेल टिकटों के लिए पूरा किराया वसूलना उचित नहीं है, जबकि ऐसे टिकट धारकों को अक्सर अधूरी सुविधा मिलती है। समिति ने रेलवे को सुझाव दिया है कि ऐसे यात्रियों को आंशिक किराया लौटाया जाना चाहिए।
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लोक लेखा समिति (पीएसी) ने संसद में भारतीय रेलवे में ट्रेन परिचालन में समय की पाबंदी और यात्रा का समय नाम से पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरएसी (रद्द टिकट पर आरक्षित सीट देने की व्यवस्था) श्रेणी के तहत टिकटों के लिए पूरा किराया वसूलना न्याय संगत नहीं है। इसमें अक्सर चार्ट बनने के बाद टिकट धारक को पूरी बर्थ नहीं मिलती है और उसे दूसरे यात्री के साथ सीट साझा करनी पड़ती है। समिति ने रेलवे से ऐसे यात्रियों को आंशिक किराया वापस करने और इस संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी देने का आग्रह किया।
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सुपरफास्ट ट्रेनों के मानदंडों की समीक्षा जरूरी
समिति ने भारतीय रेलवे में सुपरफास्ट ट्रेनों के मानदंडों की समीक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए पाया कि मई 2007 में रेलवे ने यह निर्णय लिया था कि यदि किसी ट्रेन की औसत गति, आने और जाने दोनों दिशाओं में, ब्रॉड गेज पर कम से कम 55 किमी प्रति घंटा और मीटर गेज पर 45 किमी प्रति घंटा हो, तो उसे सुपरफास्ट (एसएफ) ट्रेन माना जाएगा। समिति ने कहा कि ऑडिट में पाया गया कि किसी ट्रेन को सुपरफास्ट के रूप में वर्गीकृत करने के लिए 55 किमी प्रति घंटा का मानदंड कम है।

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संसदीय समिति ने क्यों दी ये सिफारिश?
  • समिति ने यह भी पाया कि 478 सुपरफास्ट ट्रेनों में से 123 ट्रेनों की निर्धारित गति 55 किमी प्रति घंटा से कम है।
  • मंत्रालय ने समिति को बताया कि सुपरफास्ट श्रेणी में रखी गई इन ट्रेनों में से 47 की गति 55 किमी प्रति घंटे से अधिक है।
  • शेष ट्रेनों की गति 55 किमी प्रति घंटे से कम पाई गई।
  • मंत्रालय ने कहा कि नियमित परिचालन शुरू होने के बाद अतिरिक्त पड़ावों के प्रावधान से कुछ ट्रेनों की औसत गति प्रभावित हुई है।

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