Independence Day: टोपी गिरी तो PM मोदी ने खुद उठाकर पहनाई, बच्ची ने छुए पैर; लाल किले पर भावुक कर गया ये पल
India's 80th Independence Day: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर संबोधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंची बच्ची ने उनके पैर छुए, तभी उसके सिर से टोपी गिर गई। पीएम मोदी ने खुद टोपी उठाकर बच्ची को पहनाई। यह पल यादगार बन गया।
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विस्तार
बच्चों से मिलते समय क्या हुआ?
दरअसल, लाल किले की प्राचीर से अपना संबोधन खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री जैसे ही आगे बढ़े, सफेद, हरे और केसरिया रंग के कपड़े पहने स्कूली बच्चों का एक समूह दौड़कर उनकी ओर आया। पीएम मोदी मिलने के रुके और कई बच्चों से हाथ मिलाया। इस दौरान एक बच्ची ने उनके पैर छुए तो उसके सिर से टोपी गिर गई। इसके बाद प्रधानमंत्री ने टोपी उठाकर उस पहनाई। स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के अंत में यह एक भावुक और यादगार पल बन गया।
Moment Of The Day ❤️🔥
— Hardik Bhavsar (@Bitt2DA) August 15, 2026
PM के पैर छूते समय बच्चे की टोपी गिर गई
मोदी जी ने नीचे से ख़ुद उठाकर पहनाई
बच्चे ने अपने संस्कार निभाये, मोदी ने अपनी विनम्रता
दोनों के व्यवहार से लाल क़िले की शोभा बढ़ गई pic.twitter.com/WvoX4y8UcI
इससे पहले प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देश को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने का अपना दृष्टिकोण सामने रखा।
इस बार समारोह क्यों रहा खास?
इस साल का स्वतंत्रता दिवस समारोह इसलिए भी खास रहा क्योंकि देश 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। पहली बार लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' प्रस्तुत किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने 'वंदे मातरम्' की भावना को 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा से जोड़ा।
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि '2047 तक विकसित भारत' का सपना 140 करोड़ से ज्यादा भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है।
भारत की प्रगति पर क्या बोले पीएम?
प्रधानमंत्री ने डिजिटल संपर्क, डिजिटल लेनदेन, गैस पाइपलाइन पहुंचाने, नवीकरणीय ऊर्जा और रेलवे के विद्युतीकरण में भारत की प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये सभी देश के विकास की दिशा को दिखाने वाले संकेत हैं। उन्होंने 'मेक इन इंडिया' और देश को ज्यादा आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत पर जोर दिया। खास तौर पर उन्होंने महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा सुरक्षा और डाटा केंद्र जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को जरूरी बताया।
ऊर्जा के क्षेत्र में पीएम मोदी ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा पैदा करना है। उन्होंने देश में सौर ऊर्जा की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने भारत में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी में हुए बदलाव का भी जिक्र किया। इसमें रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण, आधुनिक राजमार्गों का विस्तार और जलमार्गों का विकास शामिल है।
'सप्तधारा' में क्या है?
प्रधानमंत्री के भाषण का एक बड़ा हिस्सा अगली पीढ़ी के सुधारों पर केंद्रित रहा। मोदी ने कहा कि भारत 'सुधार एक्सप्रेस' पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देश के विकास के अगले चरण के लिए सात बड़े क्षेत्रों का जिक्र किया, जिन्हें 'सप्तधारा' कहा गया।
इनमें विनिर्माण को मजबूत करना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति बेहतर करना, खाद्य उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण में सुधार, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना, गति शक्ति जैसी योजनाओं के जरिये बेहतर और आसान कनेक्टिविटी बढ़ाना, रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना, हरित और नीली अर्थव्यवस्था का विकास करना तथा योग, आध्यात्मिक केंद्रों, पर्यटन, समग्र स्वास्थ्य सेवाओं और रचनात्मक एवं मनोरंजन क्षेत्रों के जरिये भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ाना शामिल हैं।
युवाओं के लिए क्या घोषणा की?
प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं पर खास जोर दिया। उन्होंने युवाओं को विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी और प्रमुख ताकत बताया। उन्होंने कहा कि नवाचार के लिए एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, खेलो इंडिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसी योजनाएं भारतीय युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं।
पीएम मोदी ने घोषणा की कि सरकार अगले एक साल में एक करोड़ से ज्यादा युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रशिक्षण देने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की भी बात कही।
खेलों में बच्चों की प्रतिभा कैसे खोजी जाएगी?
उन्होंने कहा कि भारत 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान करने की दिशा में भी काम करेगा। इसका लक्ष्य 2036 के ओलंपिक में भारत की ज्यादा खेल श्रेणियों में भागीदारी बढ़ाना है।
राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि देश ने नक्सलवाद और माओवाद से मुक्त होने का संकल्प लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में नागरिक सुरक्षा का एक नेटवर्क बनाया जाएगा।
महिलाओं की भागीदारी पर क्या बोले पीएम?
सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी पर प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने राजनीति में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी की अहमियत पर जोर दिया।
पीएम का किसने किया स्वागत?
इससे पहले लाल किले पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया। प्रधानमंत्री को सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के जवानों की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
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लगातार 13वीं बार भाषण का रिकॉर्ड
इसके बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण समारोह के दौरान 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) ने स्वदेशी 105 मिलीमीटर लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी। ध्वजारोहण और 21 तोपों की सलामी का तालमेल एक साथ किया गया।
इस समारोह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से लगातार 13वें संबोधन का भी रिकॉर्ड बना। अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में मोदी ने उन स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धांजलि दी, जिनके बलिदान से भारत को आजादी मिली। उन्होंने नागरिकों से अपने कर्तव्यों और सामूहिक प्रयासों के जरिये देश के निर्माण में योगदान देने की अपील की।