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Karmayogi Saptah: पीएम मोदी ने कर्मयोगी साधना सप्ताह में बताया भविष्य का विजन; विकसित भारत-AI पर कही बड़ी बात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Thu, 02 Apr 2026 12:58 PM IST
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सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्मयोगी साधना सप्ताह के दौरान प्रशासनिक सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए तकनीक और एआई का इस्तेमाल जरूरी है।
कर्मयोगी साधना सप्ताह पर पीएम मोदी का संबोधन।
- फोटो : ANI
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विस्तार
Karmayogi Sadhana Saptah: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कर्मयोगी साधना सप्ताह के कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और भविष्य की योजनाओं को लेकर अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के इस दौर में दुनिया और व्यवस्थाएं बहुत तेजी से बदल रही हैं। भारत भी उसी रफ्तार से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि सरकारी कामकाज और प्रशासन से जुड़े लोग खुद को समय के हिसाब से अपडेट रखें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्मयोगी साधना सप्ताह इसी बदलाव की एक जरूरी कड़ी है। इसके जरिए सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरकारी सेवा में लगे सभी लोगों को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके प्रयासों की सराहना की।
सरकार नागरिक देवो भव के सिद्धांत पर कर रही काम
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान सरकार 'नागरिक देवो भव' के सिद्धांत पर काम कर रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं को अधिक सक्षम और जनता के प्रति संवेदनशील बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें दूसरों की लकीर छोटी करने के बजाय अपनी लकीर बड़ी करने पर ध्यान देना चाहिए। आजादी के बाद से देश में कई संस्थाएं बनीं, लेकिन अब ऐसी संस्था की जरूरत थी जो सरकारी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर काम करे।
2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुराने समय में सरकारी अधिकारी बनने पर केवल अधिकारों की बात होती थी। लेकिन आज के दौर में सरकार का पूरा जोर कर्तव्य पर है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए हमें आर्थिक विकास को तेज करना होगा और एक कुशल वर्कफोर्स तैयार करनी होगी। मिशन कर्मयोगी के माध्यम से हम सक्षम टीम तैयार कर रहे हैं जो देश के विकास में अपनी ताकत झोंक सके।
प्रधानमंत्री ने शासन और प्रशासन में तकनीक के महत्व पर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के समय में तकनीक के बिना शासन चलाना संभव नहीं है। अर्थव्यवस्था से लेकर सरकारी योजनाओं के वितरण तक में तकनीकी क्रांति दिख रही है। अब एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने से ये बदलाव और भी तेजी से होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी सेवा में तकनीक का उपयोग करना अब अनिवार्य हिस्सा बन गया है। इससे हम पिछड़ी और प्रगतिशील व्यवस्था के बीच के अंतर को खत्म कर सकेंगे।
क्या है साधना सप्ताह का उद्देश्य?
क्षमता निर्माण आयोग ने 2 से 8 अप्रैल 2026 तक साधना सप्ताह का आयोजन किया है। यह अपनी तरह की पहली राष्ट्रीय पहल है। यह आयोजन मिशन कर्मयोगी के पांच साल पूरे होने और क्षमता निर्माण आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर किया जा रहा है। इसका मकसद प्रशासनिक सेवाओं में सुधार करना और राष्ट्रीय उन्नति के लिए मानवीय योग्यता को बढ़ाना है।
इस पहल में केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलावा 250 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान शामिल हो रहे हैं। देश भर के प्रशासनिक अधिकारी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अधिकारियों को जरूरी ट्रेनिंग देना और उनकी स्किल को बेहतर बनाना है।
यह भी पढ़ें: Prayagraj : पीएम मोदी ने एक्स पर साझा की संगम के बड़े हनुमानजी की तस्वीर, हनुुमत जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं
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प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्मयोगी साधना सप्ताह इसी बदलाव की एक जरूरी कड़ी है। इसके जरिए सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरकारी सेवा में लगे सभी लोगों को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके प्रयासों की सराहना की।
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सरकार नागरिक देवो भव के सिद्धांत पर कर रही काम
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान सरकार 'नागरिक देवो भव' के सिद्धांत पर काम कर रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं को अधिक सक्षम और जनता के प्रति संवेदनशील बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें दूसरों की लकीर छोटी करने के बजाय अपनी लकीर बड़ी करने पर ध्यान देना चाहिए। आजादी के बाद से देश में कई संस्थाएं बनीं, लेकिन अब ऐसी संस्था की जरूरत थी जो सरकारी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर काम करे।
2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुराने समय में सरकारी अधिकारी बनने पर केवल अधिकारों की बात होती थी। लेकिन आज के दौर में सरकार का पूरा जोर कर्तव्य पर है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए हमें आर्थिक विकास को तेज करना होगा और एक कुशल वर्कफोर्स तैयार करनी होगी। मिशन कर्मयोगी के माध्यम से हम सक्षम टीम तैयार कर रहे हैं जो देश के विकास में अपनी ताकत झोंक सके।
प्रधानमंत्री ने शासन और प्रशासन में तकनीक के महत्व पर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के समय में तकनीक के बिना शासन चलाना संभव नहीं है। अर्थव्यवस्था से लेकर सरकारी योजनाओं के वितरण तक में तकनीकी क्रांति दिख रही है। अब एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने से ये बदलाव और भी तेजी से होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी सेवा में तकनीक का उपयोग करना अब अनिवार्य हिस्सा बन गया है। इससे हम पिछड़ी और प्रगतिशील व्यवस्था के बीच के अंतर को खत्म कर सकेंगे।
क्या है साधना सप्ताह का उद्देश्य?
क्षमता निर्माण आयोग ने 2 से 8 अप्रैल 2026 तक साधना सप्ताह का आयोजन किया है। यह अपनी तरह की पहली राष्ट्रीय पहल है। यह आयोजन मिशन कर्मयोगी के पांच साल पूरे होने और क्षमता निर्माण आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर किया जा रहा है। इसका मकसद प्रशासनिक सेवाओं में सुधार करना और राष्ट्रीय उन्नति के लिए मानवीय योग्यता को बढ़ाना है।
इस पहल में केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलावा 250 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान शामिल हो रहे हैं। देश भर के प्रशासनिक अधिकारी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अधिकारियों को जरूरी ट्रेनिंग देना और उनकी स्किल को बेहतर बनाना है।
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