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Rahul Gandhi: 'अंधकार की ओर बढ़ रहे राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंध', कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बयान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोल्लम। Published by: Nirmal Kant Updated Fri, 06 Mar 2026 03:59 PM IST
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सार

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि आज की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में लोग एक-दूसरे को समझने के बजाय हिंसा और टकराव का रास्ता अपना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि असहमति होने पर विचार-विमर्श के बजाय हमले और दबाव की राजनीति बढ़ रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-

Politics, international relations now moving towards 'darkness,' says Rahul Gandhi
राहुल गांधी - फोटो : एएनआई
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विस्तार

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा दौर की राजनीति में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मामले में हर कोई अंधकार की ओर बढ़ रहा है और ज्ञान से दूर जा रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे राजनीति हो या अंतरराष्ट्रीय संबंध, एक-दूसरे को समझने का कोई प्रयास नहीं किया जाता और असहमति के मामलों में हिंसा का सहारा लिया जाता है। 
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असहमति को दबाने का आरोप लगाया
उन्होंने कहा, आज हम राजनीति में अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देख रहे हैं कि हर कोई अंधकार की ओर बढ़ रहा है और ज्ञान से दूर जा रहा है। दूसरे व्यक्ति को समझने के प्रयास नहीं किया जाता है। बस, बम गिराकर उन्हें मार डाला जाता है।
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उन्होंने आरोप लगाया, हमारे यहां की राजनीति में भी यही हाल है। अगर आप किसी से सहमत नहीं होते, तो आप उस पर हमला करते हैं या उसके प्रति हिंसक हो जाते हैं। वह कोल्लम में महात्मा गांधी की शिवगिरि मठ यात्रा की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने श्री नारायण गुरु से मुलाकात की थी।

महात्मा गांधी और नारायण गुरु का दिया उदाहरण
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और नारायण गुरु दोनों ही इस तरह की हिंसा के विरोधी थे और जनता के बीच प्रेम, सम्मान, क्षमता और समझदारी की पैरवी करते थे। अपने संबोधन में आगे उन्होंने कहा कि संविधान में भी वे मूल्य समाहित हैं, जिनकी पैरवी नारायण गुरु और महात्मा गांधी ने की थी। 

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कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने उस समय दुनिया के सबसे ताकतवर साम्राज्य से लड़ाई लड़ी थी और उनके साथ जो कुछ भी किया गया, उन पर उसका कोई असर नहीं पड़ा। (महात्मा) गांधी उस मजबूत व्यवस्था के खिलाफ अपने संघर्ष के दौरान नारायण गुरु जैसे लोगों से प्रेरित हुए और उनसे बातचीत की।

कांग्रेस नेता ने बताया शक्ति और बल में अंतर
विपक्ष के नेता ने कहा, अंग्रेजों के खिलाफ महात्मा गांधी के संघर्ष से मुझे अहसास हुआ कि शक्ति और बल में अंतर होता है। उन्होंने आगे कहा, ब्रिटिश शासन के पास बल तो था, पर सत्ता नहीं। गांधीजी के पास बल नहीं था, पर सत्य था, इसलिए उनके पास शक्ति थी। इसी तरह नारायण गुरुजी के पास बल नहीं था। उनके पास अपार धन-दौलत नहीं थी। वह आलीशान वाहन में नहीं घूमते थे। फिर भी वह अपने समय में केरल के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति थे। 

उन्होंने आगे कहा, कल्पना कीजिए कि सौ साल बाद केरल का पूरा राजनीतिक वर्ग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के एकत्र हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी और नारायण गुरु ने हिंसा और नफरत का इस्तेमाल करने वालों को यह संदेश दिया कि इससे कुछ हासिल नहीं होता, बल्कि नुकसान ही होता है। 
 
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