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पुणे पोर्शे केस: आरोपी के पिता की जमानत रद्द कराने की मांग, अदालत पहुंची पुलिस; वायरल वीडियो बना मुसीबत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 22 Jun 2026 09:16 AM IST
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सार
पुणे पुलिस ने पोर्शे कार हादसे के आरोपी के पिता की जमानत रद्द करने के लिए अदालत में अर्जी दी है। पुलिस का आरोप है कि जश्न मनाने का वीडियो वायरल होने से गवाहों पर दबाव पड़ सकता है और जमानत की शर्तों का उल्लंघन हुआ है।
पुणे पोर्शे केस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पुणे पुलिस ने पोर्शे कार हादसे के नाबालिग आरोपी के पिता, विशाल अग्रवाल की जमानत रद्द करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस का आरोप है कि विशाल अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत की शर्तों का उल्लंघन किया है। यह अर्जी शिवाजीनगर सत्र न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक शिशिर हिरे के माध्यम से दी गई है। इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है।
वायरल वीडियो बना मुसीबत
यह कदम तब उठाया गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में विशाल अग्रवाल अपने परिवार के साथ जश्न मनाते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में वह एक स्थानीय रेस्टोरेंट में अपनी पत्नी और बेटे के साथ नाच रहे हैं और पीछे संगीत बज रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में काफी गुस्सा देखा गया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे।
पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने इस वीडियो पर संज्ञान लिया और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद राज्य विधि विभाग से अदालत जाने की अनुमति ली गई। अभियोजन पक्ष का तर्क है कि जमानत मिलने के बाद इस तरह का जश्न मनाना गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इससे गवाहों पर दबाव पड़ने की आशंका है। पुलिस अदालत को बताएगी कि सुप्रीम कोर्ट ने जो शर्तें रखी थीं, उन्हें पूरी तरह तोड़ा गया है।
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अग्रवाल परिवार ने क्या कहा?
दूसरी ओर, अग्रवाल परिवार ने इस वीडियो को पूरी तरह गलत और पुराना बताया है। विशाल अग्रवाल की कानूनी टीम ने एक बयान जारी कर कहा कि यह वीडियो साल 2023 का है। उनके मुताबिक, यह वीडियो गोवा के एक होटल में उनकी शादी की 25वीं सालगिरह के जश्न के दौरान रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने साफ किया कि यह कार्यक्रम 19 मई 2024 को पुणे के यरवदा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुए पोर्शे हादसे से बहुत पहले का है।
ये भी पढ़ें: Pune Porsche Case: गले में नोटों की माला और जमकर डांस; मृतका के पिता बोले- जश्न मना रहे दो लोगों को मारने वाले
पुलिस ने इस वीडियो के सिलसिले में विशाल अग्रवाल और उनकी पत्नी शिवानी अग्रवाल के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस इन बयानों और डिजिटल सबूतों को अदालत के सामने पेश करेगी। अदालत ने विशाल अग्रवाल को इस अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला?
यह पूरा मामला 19 मई 2024 का है, जब कल्याणी नगर इलाके में एक पोर्शे कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी। आरोप है कि कार विशाल अग्रवाल का 17 वर्षीय बेटा चला रहा था। विशाल अग्रवाल उन 10 आरोपियों में शामिल हैं, जिन्हें खून के नमूने बदलने की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि बेटे को बचाने के लिए ससून जनरल अस्पताल में उसके खून के नमूने को उसकी मां के खून से बदल दिया गया था ताकि शराब पीने की बात छिपाई जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल मार्च में विशाल अग्रवाल को जमानत दी थी।
वायरल वीडियो बना मुसीबत
यह कदम तब उठाया गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में विशाल अग्रवाल अपने परिवार के साथ जश्न मनाते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में वह एक स्थानीय रेस्टोरेंट में अपनी पत्नी और बेटे के साथ नाच रहे हैं और पीछे संगीत बज रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में काफी गुस्सा देखा गया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे।
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पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने इस वीडियो पर संज्ञान लिया और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद राज्य विधि विभाग से अदालत जाने की अनुमति ली गई। अभियोजन पक्ष का तर्क है कि जमानत मिलने के बाद इस तरह का जश्न मनाना गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इससे गवाहों पर दबाव पड़ने की आशंका है। पुलिस अदालत को बताएगी कि सुप्रीम कोर्ट ने जो शर्तें रखी थीं, उन्हें पूरी तरह तोड़ा गया है।
अग्रवाल परिवार ने क्या कहा?
दूसरी ओर, अग्रवाल परिवार ने इस वीडियो को पूरी तरह गलत और पुराना बताया है। विशाल अग्रवाल की कानूनी टीम ने एक बयान जारी कर कहा कि यह वीडियो साल 2023 का है। उनके मुताबिक, यह वीडियो गोवा के एक होटल में उनकी शादी की 25वीं सालगिरह के जश्न के दौरान रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने साफ किया कि यह कार्यक्रम 19 मई 2024 को पुणे के यरवदा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुए पोर्शे हादसे से बहुत पहले का है।
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पुलिस ने इस वीडियो के सिलसिले में विशाल अग्रवाल और उनकी पत्नी शिवानी अग्रवाल के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस इन बयानों और डिजिटल सबूतों को अदालत के सामने पेश करेगी। अदालत ने विशाल अग्रवाल को इस अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला?
यह पूरा मामला 19 मई 2024 का है, जब कल्याणी नगर इलाके में एक पोर्शे कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी। आरोप है कि कार विशाल अग्रवाल का 17 वर्षीय बेटा चला रहा था। विशाल अग्रवाल उन 10 आरोपियों में शामिल हैं, जिन्हें खून के नमूने बदलने की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि बेटे को बचाने के लिए ससून जनरल अस्पताल में उसके खून के नमूने को उसकी मां के खून से बदल दिया गया था ताकि शराब पीने की बात छिपाई जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल मार्च में विशाल अग्रवाल को जमानत दी थी।