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राज बब्बर, सुरेश रैना समेत 172 लोग यूपी सरकार से पेंशन के तौर पर हर महीने पाते हैं 50हजार!
amarujala.com, Presented By: श्रवण शुक्ला
Updated Mon, 29 May 2017 09:33 PM IST
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राजबब्बर
- फोटो : self
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उत्तर प्रदेश सरकार हर माह 172 लोगों को 50हजार रुपए बतौर पेंशन के देती है। ये पेंशन यश भारती सम्मान के तहत दिए जाते हैं, जिसके तहत पेंशन की शुरुआत अखिलेश यादव की सरकार ने साल 2015 से की थी। इससे पहले भी यश भारती सम्मान दिए जाते थे, पर पेंशन की व्यवस्था अखिलेश सरकार ने की। इस सम्मान को पाने वालों में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर सुरेश रैना, फिल्मकार अनुराग कश्यप, अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीक जैसे नाम हैं।
यश भारती सम्मान के तहत प्रति माह पेंशन के तौर पर 50 हजार रुपए पाने वालों की लिस्ट आरटीआई के जरिए सामने आई है। जिसे बरेली के आरटीआई एक्टिविस्ट मोहम्मद खालिज जिलानी ने लगाई थी। इस खास सम्मान के तहत हर साल उत्तर प्रदेश सरकार पर 10.32 करोड़ रुपयों का भार पड़ता है। वैसे, इस सम्मान के तहत 50 हजार रुपए प्रति माह पाने वालों में राजपाल यादव, अमिताभ बच्चन के परिवार समेत 12 लोगों ने पेंशन लेने से मना कर रखा है, पर बाकी के लोगों को पेंशन देने के लिए सरकार को हर महीने 10.32 करोड़ रुपए चुकाने पड़ते हैं।
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यश भारती सम्मान के तहत प्रति माह पेंशन के तौर पर 50 हजार रुपए पाने वालों की लिस्ट आरटीआई के जरिए सामने आई है। जिसे बरेली के आरटीआई एक्टिविस्ट मोहम्मद खालिज जिलानी ने लगाई थी। इस खास सम्मान के तहत हर साल उत्तर प्रदेश सरकार पर 10.32 करोड़ रुपयों का भार पड़ता है। वैसे, इस सम्मान के तहत 50 हजार रुपए प्रति माह पाने वालों में राजपाल यादव, अमिताभ बच्चन के परिवार समेत 12 लोगों ने पेंशन लेने से मना कर रखा है, पर बाकी के लोगों को पेंशन देने के लिए सरकार को हर महीने 10.32 करोड़ रुपए चुकाने पड़ते हैं।
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सुरेश रैना बतौर पेंशन पाते हैं 50 हजार
आरटीआई एक्टिविस्ट मोहम्मद खालिद जिलानी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपीन की है कि वो इस स्कीम के तहत दी जाने वाली पेंशन को रद्द करें, ताकि उत्तर प्रदेश के खजाने पर पड़ने वाला हर माह 10.32 करोड़ का भार कम हो सके।
जिलानी के आरटीआई के जवाब में उत्तर प्रदेश कल्चर विभाग ने बताया है कि साल 1994 से मार्च 2016 तक 187 लोगों को यश भारती सम्मान दिया गया। वहीं, अक्टूबर 2016 में एक साथ 64 लोगों को ये सम्मान दिया गया। इनमें से 172 लोग प्रति माह पेंशन पा रहे हैं। आरटीआई के जवाब के साथ ही 172 लोगों के पैन कार्ड डिटेल्स, वर्तमान पते और बैंक खातों की डिटेल्स भी दी गई हैं। इस 50हजारी लिस्ट के अन्य बड़े नामों में मालिनी अवस्थी, फिल्म डायरेक्टर मुजफ्फर अली, गायक अभिजीत भट्टाचार्य, अनूप जलोटा के भी नाम हैं।
जिलानी के आरटीआई के जवाब में उत्तर प्रदेश कल्चर विभाग ने बताया है कि साल 1994 से मार्च 2016 तक 187 लोगों को यश भारती सम्मान दिया गया। वहीं, अक्टूबर 2016 में एक साथ 64 लोगों को ये सम्मान दिया गया। इनमें से 172 लोग प्रति माह पेंशन पा रहे हैं। आरटीआई के जवाब के साथ ही 172 लोगों के पैन कार्ड डिटेल्स, वर्तमान पते और बैंक खातों की डिटेल्स भी दी गई हैं। इस 50हजारी लिस्ट के अन्य बड़े नामों में मालिनी अवस्थी, फिल्म डायरेक्टर मुजफ्फर अली, गायक अभिजीत भट्टाचार्य, अनूप जलोटा के भी नाम हैं।
अखिलेश यादव ने की पेंशन देने की शुरुआत
आरटीआई एक्टिविस्ट मोहम्मद खालिद जिलानी ने कहा कि यश भारती सम्मान 2015 के नियमों के सेक्शन 8(1) के तहत राज्य सरकार इस पेंशन को कभी भी खत्म कर सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चाहिए कि वो हर साल सवा सौ करोड़ रुपए सक्षम लोगों में बांटने की बजाय समाज के भले में ये पैसे खर्च करें।
गौरतलब है कि यश भारती सम्मान की शुरुआत मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुए साल 1994 में की थी। इसमें सम्मानित व्यक्ति को 11 लाख रुपए नकद, एक शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। मायावती ने इस सम्मान को देना बंद कर दिया था, पर अखिलेश यादव ने साल 2013 में इसे फिर से शुरू किया और अक्टूबर 2015 से प्रति माह पेंशन देने की शुरुआत की।
गौरतलब है कि यश भारती सम्मान की शुरुआत मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुए साल 1994 में की थी। इसमें सम्मानित व्यक्ति को 11 लाख रुपए नकद, एक शॉल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। मायावती ने इस सम्मान को देना बंद कर दिया था, पर अखिलेश यादव ने साल 2013 में इसे फिर से शुरू किया और अक्टूबर 2015 से प्रति माह पेंशन देने की शुरुआत की।