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अध्ययन: शहरों में गर्मी बढ़ने से सार्वजनिक स्थानों से दूरी बना रहे लोग, हरियाली-जलाशय बढ़ा सकते हैं गतिविधियां
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 25 Jun 2026 06:58 AM IST
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सार
चीन के फूझोउ विश्वविद्यालय के अध्ययन में पाया गया कि शहरों में गर्मी लोगों को सार्वजनिक स्थानों से दूर कर रही है और केवल पार्क बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि सड़कों पर दिखने वाली हरियाली और छायादार रास्ते ज्यादा असर डालते हैं। शोध में क्या पाया गया, पढ़िए रिपोर्ट-
पार्कों से ज्यादा मायने रखती है सामने दिखने वाली हरियाली
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
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विस्तार
दुनियाभर के शहरों में बढ़ती शहरी गर्मी (अर्बन हीट) लोगों को पार्कों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से दूर कर रही है। एक नए अध्ययन में पाया गया है कि केवल पार्कों की संख्या या क्षेत्रफल बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सड़कों और रास्तों पर दिखाई देने वाली हरियाली, छायादार मार्ग और जलाशयों की मौजूदगी लोगों को बाहर निकलने और व्यायाम करने के लिए अधिक प्रेरित करती है।
यह अध्ययन चीन के फूझोउ विश्वविद्यालय (एफजेडयू) के शोधकर्ता जियान सन और उनके सहयोगियों ने किया है। अध्ययन के निष्कर्ष वैज्ञानिक पत्रिका फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं ने चीन के दक्षिण- पूर्वी तटीय शहर फूझोउ में एक महीने के दौरान फिटनेस ऐप कीप पर दर्ज 20,000 से अधिक जॉगिंग रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। शहर नियोजन में अमूमन पार्कों के क्षेत्रफल और हरित क्षेत्रों की उपलब्धता जैसे संकेतकों का उपयोग किया जाता है। लेकिन अध्ययन बताता है कि केवल ऊपर से दिखाई देने वाली हरियाली यह नहीं बताती कि लोग वास्तव में सार्वजनिक स्थानों का कितना उपयोग कर रहे हैं। लोगों के व्यवहार पर उन दृश्यों का अधिक प्रभाव पड़ता है जो उन्हें सड़क पर चलते या दौड़ते समय दिखाई देते हैं। शोध के दौरान उपग्रह आंकड़ों से पता चला कि जिन इलाकों में जमीन व निर्माण संरचनाएं अधिक गर्म थीं, वहां जॉगिंग गतिविधियां काफी कम दर्ज की गईं।
खुला आसमान भी बढ़ाता है सार्वजनिक स्थानों का उपयोग
अध्ययन में यह भी सामने आया कि जिन क्षेत्रों में ऊंची इमारतों का घनत्व कम था और आसमान का दृश्य अधिक खुला था, वहां जॉगिंग की शुरुआत अधिक होती थी। इसके विपरीत संकरी सड़कों और ऊंची इमारतों से घिरे क्षेत्रों में लोगों की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम देखी गईं। खुला वातावरण अधिक सहज और सुरक्षित महसूस कराता है। अध्ययन का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह भी रहा कि कई व्यस्त जॉगिंग क्षेत्र हरित स्थानों से अपेक्षाकृत दूर स्थित थे। यह लोगों की पसंद नहीं बल्कि हरियाली की असमान उपलब्धता को दर्शाता है।
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ये भी पढ़ें: राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन: 13 शहरों में नदी प्रबंधन योजनाएं पूरी, 27 और शहरों के लिए बनेगा प्लान
नदियां, झीलें और खेल सुविधाएं बढ़ाती हैं आकर्षण
अध्ययन के अनुसार जलाशयों के निकट स्थित क्षेत्रों में जॉगिंग गतिविधियां अधिक दर्ज की गईं। जिन स्थानों के आसपास नदियां, झीलें, वाटरफ्रंट पथ या खेल सुविधाएं थीं, वहां लोगों के दौड़ने की संभावना बढ़ गई।
शहरों के लिए सुझाव
अध्ययन के आधार पर शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि शहरों के सबसे गर्म इलाकों में छायादार जॉगिंग मार्ग, सड़क किनारे पेड़, हरित गलियारे और जलाशयों से जुड़े पैदल रास्ते विकसित किए जाएं। जहां बड़े पार्कों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, वहां छोटे पॉकेट पार्क, ऊर्ध्वाधर बागवानी और फुटपाथों के किनारे पौधारोपण भी प्रभावी साबित हो सकते हैं।
यह अध्ययन चीन के फूझोउ विश्वविद्यालय (एफजेडयू) के शोधकर्ता जियान सन और उनके सहयोगियों ने किया है। अध्ययन के निष्कर्ष वैज्ञानिक पत्रिका फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं ने चीन के दक्षिण- पूर्वी तटीय शहर फूझोउ में एक महीने के दौरान फिटनेस ऐप कीप पर दर्ज 20,000 से अधिक जॉगिंग रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। शहर नियोजन में अमूमन पार्कों के क्षेत्रफल और हरित क्षेत्रों की उपलब्धता जैसे संकेतकों का उपयोग किया जाता है। लेकिन अध्ययन बताता है कि केवल ऊपर से दिखाई देने वाली हरियाली यह नहीं बताती कि लोग वास्तव में सार्वजनिक स्थानों का कितना उपयोग कर रहे हैं। लोगों के व्यवहार पर उन दृश्यों का अधिक प्रभाव पड़ता है जो उन्हें सड़क पर चलते या दौड़ते समय दिखाई देते हैं। शोध के दौरान उपग्रह आंकड़ों से पता चला कि जिन इलाकों में जमीन व निर्माण संरचनाएं अधिक गर्म थीं, वहां जॉगिंग गतिविधियां काफी कम दर्ज की गईं।
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खुला आसमान भी बढ़ाता है सार्वजनिक स्थानों का उपयोग
अध्ययन में यह भी सामने आया कि जिन क्षेत्रों में ऊंची इमारतों का घनत्व कम था और आसमान का दृश्य अधिक खुला था, वहां जॉगिंग की शुरुआत अधिक होती थी। इसके विपरीत संकरी सड़कों और ऊंची इमारतों से घिरे क्षेत्रों में लोगों की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम देखी गईं। खुला वातावरण अधिक सहज और सुरक्षित महसूस कराता है। अध्ययन का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह भी रहा कि कई व्यस्त जॉगिंग क्षेत्र हरित स्थानों से अपेक्षाकृत दूर स्थित थे। यह लोगों की पसंद नहीं बल्कि हरियाली की असमान उपलब्धता को दर्शाता है।
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नदियां, झीलें और खेल सुविधाएं बढ़ाती हैं आकर्षण
अध्ययन के अनुसार जलाशयों के निकट स्थित क्षेत्रों में जॉगिंग गतिविधियां अधिक दर्ज की गईं। जिन स्थानों के आसपास नदियां, झीलें, वाटरफ्रंट पथ या खेल सुविधाएं थीं, वहां लोगों के दौड़ने की संभावना बढ़ गई।
शहरों के लिए सुझाव
अध्ययन के आधार पर शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि शहरों के सबसे गर्म इलाकों में छायादार जॉगिंग मार्ग, सड़क किनारे पेड़, हरित गलियारे और जलाशयों से जुड़े पैदल रास्ते विकसित किए जाएं। जहां बड़े पार्कों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, वहां छोटे पॉकेट पार्क, ऊर्ध्वाधर बागवानी और फुटपाथों के किनारे पौधारोपण भी प्रभावी साबित हो सकते हैं।