सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Second tunnel will be dug in Palghar Find out where the dream of the country's first bullet train has reached

Maharashtra: पालघर में खोदी जाएगी दूसरी सुरंग, जानें अब तक कहां पहुंचा देश की पहली बुलेट ट्रेन का सपना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 03 Feb 2026 12:24 PM IST
विज्ञापन
सार

महाराष्ट्र के पालघर में बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत दूसरी पर्वतीय सुरंग खुदी जाएगी। इससे पहले 2 जनवरी 2026 को सफाले के पास पहली सुरंग की खुदाई पूरी हुई थी। जाने कहां तक पहुंचा है पहली बुलेट ट्रेन का काम। 

Second tunnel will be dug in Palghar Find out where the dream of the country's first bullet train has  reached
बुलेट ट्रेन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

महाराष्ट्र के पालघर जिले में मंगलवार को दूसरी पर्वतीय सुरंग के निर्माण में एक बड़ी सफलता मिलने की संभावना है। यह सुरंग 454 मीटर लंबी और 14.4 मीटर चौड़ी है, और इसमें मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए अप और डाउन दोनों ट्रैक बिछाए जाएंगे। बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए पालघर जिले में एक ही महीने में दूसरी सुरंग खुदाई होगी। पहली सुरंग खुदाई 2 जनवरी, 2026 को सफाले के पास एमटी-5 पर हुई थी। पहाड़ी सुरंग (एमटी-6) की खुदाई दोनों तरफ से आधुनिक नियंत्रित ड्रिल-एंड-ब्लास्ट विधि, न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) का उपयोग करके की गई है। खुदाई का काम 12 महीनों में पूरा हुआ।
Trending Videos


पालघर जैसी जटिल भौगोलिक स्थितियों और असमान सुरंग आकृतियों के लिए एनएटीएम विधि को प्राथमिकता दी जाती है। जहां टनल बोरिंग मशीन उपयुक्त नहीं होती हैं। इस प्रक्रिया में अत्यधिक भारी मशीनरी की आवश्यकता नहीं होती है। शॉटक्रीटिंग, रॉक बोल्ट और लैटिस गर्डर का उपयोग करके वास्तविक समय में आवश्यक संरचनात्मक सुधार किए जा सकते हैं। सुरंग के अंदर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा विभिन्न भू-तकनीकी उपकरणों, वास्तविक समय की निगरानी, प्रभावी अग्नि सुरक्षा उपायों, उचित वेंटिलेशन और नियंत्रित प्रवेश प्रणाली के उपयोग से सुनिश्चित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Supreme Court Updates: सुप्रीम कोर्ट में आज; सोनम वांगचुक की पत्नी की याचिका और जमानत जुड़े मुद्दे पर सुनवाई

निर्माण कार्य तेजी से चालू 
महाराष्ट्र में विभिन्न स्तरों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। परियोजना का सबसे लंबा नदी पुल, जो वैतरणा नदी पर स्थित है, पिलर स्तर तक पहुंच चुका है। उल्हास और जगनीसरख्या जैसी अन्य प्रमुख नदियों पर भी नींव का काम जारी है। चारों स्टेशनों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) और शिलफाटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी सुरंग पर भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को पार करने वाले स्थानों पर लंबे स्टील पुलों का उपयोग शामिल है।

महाराष्ट्र के पालघर जिले में कुल 7 पर्वतीय सुरंगों का निर्माण कार्य वर्तमान में चल रहा है। पर्वतीय सुरंगों की प्रगति की स्थिति इस प्रकार है:
  • एमटी-1 की लंबाई 0.820 किमी है और यह 16% पूर्ण हो चुकी है।
  • एमटी-2 की लंबाई 0.228 किमी है और इस पर प्रारंभिक कार्य जारी है।
  • एमटी-3 की लंबाई 1.403 किमी है और यह 41% पूर्ण हो चुकी है।
  • एमटी-4 की लंबाई 1.260 किमी है और यह 32% पूर्ण हो चुकी है।
  • एमटी-5 की लंबाई 1.480 किमी है और यह 57% पूर्ण हो चुकी है, जिसका निर्माण कार्य 2 जनवरी, 2026 को पूरा हुआ था।
  • एमटी-6 की लंबाई 0.454 किमी है और यह 47% पूर्ण हो चुकी है, जिसका निर्माण कार्य आज पूरा होने वाला है।
  • एमटी-7 की लंबाई 0.417 किमी है और यह 29% पूर्ण हो चुकी है।
यह भी पढ़ें-  PM Modi In NDA Meet: चुनावों में जीत से संतुष्ट न हों सांसद, नसीहत के साथ US के साथ ट्रेड डील पर भी बोले पीएम

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना की कुल लंबाई लगभग 508 किलोमीटर है, जिसमें गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में 352 किलोमीटर और महाराष्ट्र में 156 किलोमीटर शामिल हैं। 27 जनवरी, 2026 तक, लगभग 334 किलोमीटर के वायडक्ट, 17 नदी पुल और राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचों पर 12 प्रमुख क्रॉसिंग का निर्माण पूरा हो चुका है। परियोजना के गुजरात खंड में ट्रैक बिछाने और विद्युतीकरण का कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed