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PM मोदी से मिलेंगे शरद पवार गुट के सांसद: कांग्रेस बोली- 'इंडिया' की बात मजबूती से रखें; कहां होगी मुलाकात?
Mon, 10 Aug 2026 11:52 AM IST
प्रशांत तिवारी
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:52 AM IST
सार
एनसीपी (शरद गुट) के आठ सांसद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दे उठाने वाले हैं। इससे पहले कांग्रेस ने अपने सहयोगी एनसीपी (शरद गुट) से कहा है कि वह प्रधानमंत्री के सामने इंडिया गठबंधन का स्पष्ट रुख रखे और महिला आरक्षण कानून को परिसीमन से अलग रखते हुए तत्काल लागू करने की मांग करे।
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पीएम मोदी और शरद पवार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
संसद के मॉनसून सत्र के दौरान आज एनसीपी (शरद गुट) के आठ सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाला है। इस मुलाकात को देखते हुए कांग्रेस ने महा विकास अघाड़ी में अपने सहयोगी दल एनसीपी (शरद गुट) से कहा है कि वह प्रधानमंत्री के सामने इंडिया गठबंधन का स्पष्ट रुख रखे। कांग्रेस चाहती है कि प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को महिला आरक्षण के मुद्दे से नहीं जोड़ा जाए और 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को परिसीमन की प्रक्रिया से अलग रखते हुए तुरंत लागू किया जाए।
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कांग्रेस ने एनसीपी (शरद गुट) से क्या मांग रखने को कहा?
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव सचिन सावंत ने एनसीपी (शरद गुट) प्रतिनिधिमंडल से आग्रह किया है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू करने के लिए दबाव डालें। सावंत ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'पता चला है कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी - शरदचंद्र पवार के सांसद सोमवार को महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे प्रधानमंत्री मोदी को मजबूती से बताएं कि इंडिया गठबंधन का स्पष्ट रुख है कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाना चाहिए और इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।'
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परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता क्यों जरूरी बताई जा रही है?
सचिन सावंत ने कहा कि परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष का एकजुट रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिला आरक्षण कानून को लागू करने के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'यह जरूरी है कि इंडिया गठबंधन की एकता और इस मुद्दे पर मोदी सरकार के प्रति उसका विरोध पूरी तरह से स्पष्ट हो।'
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एनसीपी (शरद गुट) के आठ सांसद प्रधानमंत्री मोदी से क्यों मिलने जा रहे हैं?
यह घटनाक्रम एनसीपी (शरद गुट) की सांसद सुप्रिया सुले द्वारा शनिवार को की गई घोषणा के बाद सामने आया है। सुले ने बताया था कि उनकी पार्टी के आठ सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और महाराष्ट्र से जुड़े कई अहम मुद्दे उनके सामने रखेंगे। इन मुद्दों में किसानों की आत्महत्या, पानी का संकट और तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण पैदा हो रही समस्याएं शामिल हैं। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा, 'हम - कुछ सांसद और मैं - इस बारे में बात कर रहे थे कि प्रधानमंत्री को महाराष्ट्र की समस्याओं से अवगत कराया जाना चाहिए। पानी से जुड़ी समस्याएं हैं, किसानों की आत्महत्याएं हैं और शहरीकरण के कारण आ रही समस्याएं हैं।'
परिसीमन और महिला आरक्षण को लेकर विवाद क्या है?
यह घटनाक्रम सरकार की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के विरोध के बीच सामने आया है। इस प्रक्रिया को महिला आरक्षण लागू करने से जोड़े जाने को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। 16 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 का मकसद निचले सदन में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करना और 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करना था।
संविधान संशोधन विधेयक संसद में क्यों नहीं हो सका पारित?
हालांकि, यह विधेयक संसद में मौजूद और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत का संवैधानिक रूप से जरूरी समर्थन हासिल करने में नाकाम रहा। बजट सत्र की बढ़ाई गई अवधि के दौरान भी इसे पारित नहीं कराया जा सका।
महिला आरक्षण कानून पर कांग्रेस और विपक्ष का क्या रुख है?
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण कानून का समर्थन किया है, लेकिन इसके लागू होने की प्रक्रिया को परिसीमन से जोड़ने का विरोध किया है। परिसीमन की प्रक्रिया के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ चुनाव क्षेत्रों की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण किया जाता है।
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विपक्ष महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग रखने की मांग क्यों कर रहा है?
विपक्ष का कहना है कि महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाना चाहिए और इसके लिए परिसीमन की प्रक्रिया का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। विपक्ष चाहता है कि महिला आरक्षण कानून को परिसीमन से अलग रखते हुए जल्द से जल्द लागू किया जाए।