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'कीड़े मिलने पर होटल बंद करना गलत': बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA का आदेश किया रद्द, क्यों कहा- हम भारत में हैं?

Thu, 30 Jul 2026 12:01 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Thu, 30 Jul 2026 12:01 PM IST
सार

बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवी मुंबई के एक होटल का एफएसएसएआई लाइसेंस निलंबित करने का एफडीए का आदेश रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि सिर्फ दो कीड़े मिलने के आधार पर इतनी कड़ी कार्रवाई उचित नहीं है।

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Shutting down hotel upon finding insects wrong Bombay High Court quashes FDA order why it  Are we in India?
बॉम्बे हाई कोर्ट। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को हम भारत में हैं इसको ध्यान में रखते हुए यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही स्वच्छता संबंधी मुद्दों को लेकर नवी मुंबई के एक चार सितारा होटल का लाइसेंस निलंबित करने वाले उसके आदेश को रद्द कर दिया है।

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पीठ ने क्या कहा? 
होटल को राहत देते हुए, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ ने बुधवार को कहा कि एफडीए का निर्णय दो छोटे कीड़ों की मौजूदगी के आधार पर लिया गया था। अदालत ने कहा कि स्वच्छता, रखरखाव और संचालन पर समग्र रूप से संतोषजनक अनुपालन रिपोर्ट के संदर्भ में "दो कीड़ों की उपस्थिति के संबंध में एकमात्र निष्कर्ष" लाइसेंस के निरंतर निलंबन को उचित नहीं ठहराता है।

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क्या है पूरा मामला? 
हाई कोर्ट ने कहा,'हम भारत में हैं। हमें यथार्थवादी रुख अपनाना होगा।  खाद्य एवं खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (एफडीए) ने 3 जुलाई को पार्क इन बाय रेडिसन होटल का भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) लाइसेंस निलंबित कर दिया, जिसमें उसने परिसर के अचानक निरीक्षण के एक दिन बाद स्वच्छता, सफाई, खाद्य भंडारण और खाद्य प्रबंधन प्रथाओं में गंभीर खामियों का हवाला दिया।

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होटल ने क्या तर्क दिया?
इसके बाद होटल ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर यह तर्क दिया कि यह आदेश कठोर और अनुपातहीन था। एफडीए के अनुसार, होटल ने 95 प्रतिशत अनुपालन स्कोर हासिल किया था, लेकिन रसोई क्षेत्र में कीड़े पाए जाने के कारण निलंबन हुआ।

एफडीए ने अपने बचाव में क्या कहा? 
सरकारी वकील नेहा भिडे ने बुधवार को अदालत को बताया कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा, 'एक कीड़ा हो या दस, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस पहलू पर गैर-अनुपालन को स्वीकार नहीं किया जा सकता।' उन्होंने आगे कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम खाद्य सुरक्षा आयुक्त के समक्ष अपील करने का वैधानिक उपाय देता है।

पीठ ने क्या सवाल किया? 
हालांकि, पीठ ने इस बात पर सवाल उठाया कि क्या इस तरह की चूक मात्र निलंबन जैसे चरम कदम को उचित ठहराती है। वहीं, संस्थान ने अन्यथा निर्धारित मानदंडों का पर्याप्त रूप से अनुपालन किया था। एसीजे घुगे ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, 'पिछले हफ्ते हमारी डेस्क पर भी एक तिलचट्टा था। एक मक्खी भी है। 

कोर्ट ने क्या आदेश दिया? 
निलंबन आदेश को रद्द करते हुए अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे होटल का एफएसएसएआई लाइसेंस तुरंत बहाल करें और उसे अपने खाद्य व्यवसाय संबंधी गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति दें।

पीठ ने यह भी सवाल उठाया कि क्या खाद्य सुरक्षा मानदंडों को समान रूप से लागू किया जा रहा है। एफडीए को मंत्रालय और उच्च न्यायालय की कैंटीनों सहित सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी भोजनालयों का निरीक्षण करने और वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ निरीक्षण की स्थिति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

मामले की अलगी सुनवाई कब? 
भिडे ने अदालत को बताया कि एफडीए की ओर से कोई चुनिंदा दृष्टिकोण नहीं अपनाया गया था। बृहन्मुंबई नगर निगम, नगर निगम द्वारा संचालित केईएम अस्पताल, क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया और मुंबई के कई अन्य प्रमुख क्लबों द्वारा संचालित कैंटीनों का भी निरीक्षण किया गया था और खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के कारण उन्हें बंद कर दिया गया था। इस मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी, जब एफडीए द्वारा राज्य भर में किए गए निरीक्षणों का विवरण रिकॉर्ड पर रखने की उम्मीद है।

 

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