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सिद्धिविनायक चढ़ावा मामला: फडणवीस का अधिकारियों को आदेश- पांच साल के रिकॉर्ड की जांच करें; क्या है पूरा विवाद?
Sat, 08 Aug 2026 12:44 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 08 Aug 2026 12:44 PM IST
सार
महाराष्ट्र सरकार ने सिद्धिविनायक मंदिर के चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। जानिए, राज ठाकरे ने क्या आरोप लगाया था और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने क्या मांग की थी।
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देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी की पूरी जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मंदिर के पिछले पांच साल के सभी दस्तावेजों की जांच करने का निर्देश दिया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने क्यों दिए जांच के आदेश?
यह आदेश महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के आरोपों के बाद आया है। राज ठाकरे ने आरोप लगाया था कि मंदिर के चढ़ावे से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का गबन किया जा रहा है। इसके बाद मंदिर के नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
अधिकारियों के अनुसार, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को वर्ष 2023 से 2026 के बीच मंदिर में चढ़ावे की राशि का पूरा ब्योरा दिया था। इसके बाद फडणवीस ने जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द देने को कहा है।
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ये भी पढ़ें: 'सरकार की विदेश नीति की नाकामी': अमेरिकी बिल को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला; कांग्रेस और AAP ने क्या कहा?
शिंदे ने पहले क्या मांग की थी?
पिछले महीने शिंदे ने भी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी। उन्होंने अधिकारियों को जांच की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था।
राज ठाकरे ने क्या आरोप लगाया था?
यह विवाद तब सामने आया, जब राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे में से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया जा रहा है।
इसके बाद सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने कहा था कि कथित चोरी के मामले में मंदिर के नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।
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मुख्यमंत्री फडणवीस ने क्यों दिए जांच के आदेश?
यह आदेश महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के आरोपों के बाद आया है। राज ठाकरे ने आरोप लगाया था कि मंदिर के चढ़ावे से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का गबन किया जा रहा है। इसके बाद मंदिर के नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
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अधिकारियों के अनुसार, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को वर्ष 2023 से 2026 के बीच मंदिर में चढ़ावे की राशि का पूरा ब्योरा दिया था। इसके बाद फडणवीस ने जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द देने को कहा है।
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शिंदे ने पहले क्या मांग की थी?
पिछले महीने शिंदे ने भी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी। उन्होंने अधिकारियों को जांच की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था।
राज ठाकरे ने क्या आरोप लगाया था?
यह विवाद तब सामने आया, जब राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे में से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया जा रहा है।
इसके बाद सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने कहा था कि कथित चोरी के मामले में मंदिर के नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।