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संसद में स्पीकर ओम बिरला का अलग अंदाज: कहा- थरूर जी ने ज्ञान दे दिया; राहुल गांधी और DMK सांसदों को भी दो-टूक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Thu, 16 Apr 2026 02:50 PM IST
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सार

संसद के विशेष सत्र में आज संविधान (131वां संशोधन) और परिसीमन विधेयक 2026 को लेकर चर्चा हो रहा है। इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का अलग अंदाज देखने को मिला। 

Speaker Om Birla's unique style in Parliament: Tharoor has given us some wisdom
संसद में स्पीकर ओम बिरला का अलग अंदाज - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

संसद के विशेष सत्र में आज संविधान (131वां संशोधन) और परिसीमन विधेयक 2026 को लेकर जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिला। सरकार ने लोकसभा में तीन अहम विधेयक पेश करने की प्रक्रिया शुरू की। वहीं, विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया।  इसी बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एक अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने कांग्रेस नेता शशि थरूर राहुल गांधी और डीएमके सांसदों पर टिप्पणी की।

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उन्होंने संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा ‘शशि थरूर जी ने ज्ञान दे दिया वेणुगोपाल जी को। या तो वेणुगोपाल जी ज्ञान प्राप्त नहीं कर पाए तो शशि थरूर जी को बोलने दिया।’
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'आप काले झंडे दिखाओ या पीले...
वहीं, डीएमके सांसद टीआर बालू ने सदन में पेश तीनों बिलों का विरोध करते हुए कहा, 'ये तीनों बिल सैंडविच बिल हैं, हम विरोध करते हैं क्योंकि ये आपस में जुड़े हुए हैं। हमारी पार्टी इसका विरोध करती है। हमने काले झंडे दिखाए।' इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें बीच में रोकते हुए कहा, 'आप चाहे पीले झंडे दिखाओ या काले दिखाओ। इससे सदन को कोई फर्क नहीं पड़ता।' स्पीकर ने कहा कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार चलेगी और किसी भी तरह के भारी प्रदर्शन का सदन के कामकाज पर असर नहीं होगा।

इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में पूछा कि आप महिला आरक्षण विधेयक पर कितने देर चर्चा करना चाहते हैं। इस दौरान एक सांसद ने कहा कुछ टिप्पणी की। इस पर ओम बिराला ने कहा 'रात को अकेल बैठे रहोगे आप'

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केसी वेणुगोपाल ने किया विरोध
सरकार की ओर से इस विधेयक को सामने रखने के साथ ही कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इन तीनों विधेयकों के पेश किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 को सदन में लाने के खिलाफ आपत्ति जताई। इसको लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज होने की संभावना है।

अब समझिए पूरा मामला
सरकार के अनुसार, प्रस्तावित विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 की जा सकती है, ताकि 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण को लागू किया जा सके। इसके लिए 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन किया जाएगा। विधेयक में यह भी प्रावधान है कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी, और ये सीटें रोटेशन के आधार पर तय होंगी। विपक्षी दलों ने बुधवार को ही तय किया था कि वे परिसीमन से जुड़े प्रावधानों का संयुक्त रूप से विरोध करेंगे, हालांकि महिला आरक्षण का समर्थन जारी रहेगा।


 

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