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श्रीनिवासन हत्याकांड: NIA ने आरोपी मुहम्मद अली को एयरपोर्ट पर दबोचा, जारी था इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस
Thu, 23 Jul 2026 02:38 PM IST
निर्मल कांत
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 23 Jul 2026 02:38 PM IST
सार
एनआईए ने श्रीनिवासन हत्याकांड में फरार आरोपी और पीएफआई नेता मुहम्मद अली केपी को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। वह चार साल से सऊदी अरब में छिपा था और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। क्या था पूरा मामला, पढ़िए रिपोर्ट-
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चार साल बाद पकड़ा गया हत्यारोपी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एडॉब स्टॉक
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल के श्रीनिवासन हत्याकांड में एक और फरार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन 'पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया' (पीएफआई) से जुड़ा है। एनआईए ने पीएफआई के पलक्कड़ जिला अध्यक्ष मुहम्मद अली केपी को गुरुवार सुबह नई दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। वह सऊदी अरब के रियाद से लौट रहा था। वह पिछले चार साल से रियाद में छिपा हुआ था। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए कुल आरोपियों की संख्या अब 67 हो गई है।
एनआईए के मुताबिक, केस आरसी-02/2022/एनआईए/केओसी में अब तक जिन 65 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें मुहम्मद अली केपी भी शामिल है। उस पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगे हैं। केरल के पलक्कड़ जिले के रहने वाले इस वांछित आरोपी ने हत्या की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाई थी। साथ ही 16 अप्रैल 2022 को श्रीनिवासन की बेरहमी से की गई हत्या में शामिल हमलावरों को पनाह भी दी थी। एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था।
श्रीनिवासन की हत्या पीएफआई के सदस्यों ने उस संगठन की साजिश के तहत की थी, जिसका मकसद 2047 तक भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने के बुरे इरादे से दहशत फैलाना था। एनआईए ने सितंबर 2022 में यह केस दर्ज किया था। जांच में पाया कि इस मामले में शामिल आरोपियों ने देश में हिंसक चरमपंथ और जिहाद के जरिये सांप्रदायिक बंटवारा करने की साजिश रची थी।
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ये भी पढ़ें: सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से झटका; रद्द हुई जमानत, तीन हफ्ते के भीतर आत्मसमर्पण का आदेश
जांच में यह भी पता चला कि पीएफआई इस मकसद के लिए बनाई गई अलग-अलग विंग और यूनिट के जरिये काम कर रहा था। वह अपने पीई विंग के माध्यम से शारीरिक शिक्षा, योग प्रशिक्षण आदि की आड़ में चुने हुए सदस्यों को हथियारों की ट्रेनिंग देने के लिए अपने ऑफिस, कैंपस, सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर रहा था। संभावित लक्ष्यों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने का काम 'रिपोर्टर्स विंग' को सौंपा गया था, जबकि असल आतंकी घटनाओं को 'सर्विस टीमों' द्वारा अंजाम दिया जाता था।
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एनआईए के मुताबिक, केस आरसी-02/2022/एनआईए/केओसी में अब तक जिन 65 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें मुहम्मद अली केपी भी शामिल है। उस पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगे हैं। केरल के पलक्कड़ जिले के रहने वाले इस वांछित आरोपी ने हत्या की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाई थी। साथ ही 16 अप्रैल 2022 को श्रीनिवासन की बेरहमी से की गई हत्या में शामिल हमलावरों को पनाह भी दी थी। एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था।
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श्रीनिवासन की हत्या पीएफआई के सदस्यों ने उस संगठन की साजिश के तहत की थी, जिसका मकसद 2047 तक भारत में इस्लामी शासन स्थापित करने के बुरे इरादे से दहशत फैलाना था। एनआईए ने सितंबर 2022 में यह केस दर्ज किया था। जांच में पाया कि इस मामले में शामिल आरोपियों ने देश में हिंसक चरमपंथ और जिहाद के जरिये सांप्रदायिक बंटवारा करने की साजिश रची थी।
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जांच में यह भी पता चला कि पीएफआई इस मकसद के लिए बनाई गई अलग-अलग विंग और यूनिट के जरिये काम कर रहा था। वह अपने पीई विंग के माध्यम से शारीरिक शिक्षा, योग प्रशिक्षण आदि की आड़ में चुने हुए सदस्यों को हथियारों की ट्रेनिंग देने के लिए अपने ऑफिस, कैंपस, सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर रहा था। संभावित लक्ष्यों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने का काम 'रिपोर्टर्स विंग' को सौंपा गया था, जबकि असल आतंकी घटनाओं को 'सर्विस टीमों' द्वारा अंजाम दिया जाता था।