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महाराष्ट्र के कल्याण में आवारा कुत्ते का तांडव: सात घंटे में 125 से ज्यादा लोगों को काटा; बच्चों की हालत गंभी
Mon, 10 Aug 2026 08:38 AM IST
प्रशांत तिवारी
एएनआई, मुंबई
एएनआई, मुंबई
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Mon, 10 Aug 2026 08:38 AM IST
सार
कल्याण में संदीप होटल से खड़कपाड़ा के बीच एक आवारा कुत्ते ने कथित तौर पर सात घंटे में करीब 125-130 लोगों को घायल कर दिया। रुक्मिणीबाई अस्पताल में 9 अगस्त को कुत्ते के काटने के 48 मामले पहुंचे। इनमें कल्याण पश्चिम के चिकघर, गोदरेज हिल, आधारवाड़ी और रेती बंदर के लोग शामिल हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महाराष्ट्र के कल्याण में संदीप होटल से खड़कपाड़ा के बीच के इलाके में एक आवारा कुत्ते ने कथित तौर पर महज सात घंटों के भीतर करीब 125-130 लोगों को घायल कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे।
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रुक्मिणीबाई अस्पताल में कितने मामले पहुंचे?
रुक्मिणीबाई अस्पताल के डॉ. मोहम्मद अनीस के मुताबिक, 9 अगस्त को अस्पताल में कुत्ते के काटने के कुल 48 मामले सामने आए। उन्होंने बताया कि कुत्ते के हमले में घायल हुए बाकी लोग संभवतः इलाज के लिए निजी अस्पतालों में गए होंगे।
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किन इलाकों से पहुंचे सबसे ज्यादा मरीज?
डॉ. अनीस ने बताया कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में ज्यादातर कल्याण पश्चिम के चिकघर, गोदरेज हिल, आधारवाड़ी और रेती बंदर इलाकों के रहने वाले हैं। एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में डॉग बाइट के मामले सामने आने से अस्पताल प्रशासन पर भी मरीजों के इलाज का दबाव बढ़ गया।
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क्या कुछ मरीजों की हालत गंभीर है?
डॉक्टर के अनुसार, कुत्ते के काटने से घायल हुए कुछ मरीजों की हालत गंभीर है। खासकर छोटे बच्चों को गहरे घाव होने के मामले सामने आए हैं, जिनके लिए विशेष चिकित्सा देखभाल की जरूरत है।
गंभीर रूप से घायल बच्चों को कहां भेजा गया?
गहरे घाव वाले छोटे बच्चों को बेहतर और विशेषज्ञ उपचार के लिए सायन अस्पताल भेजा गया है। वहां पीडियाट्रिक सर्जन यानी बच्चों के विशेषज्ञ सर्जन उनका इलाज करेंगे।
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सात घंटे में इतने लोगों के घायल होने से क्यों बढ़ी चिंता?
सिर्फ सात घंटों के भीतर करीब 125-130 लोगों के घायल होने की कथित घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में लोगों के कुत्ते के हमले का शिकार होने के बाद इलाके में आवारा कुत्तों से सुरक्षा और उनकी रोकथाम को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।